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गिरिडीह: नक्सलियों का मधुबन बंद सफल ! दूसरे दिन भी नहीं खुली दुकानें

प्रशासनिक दबाव के बावजूद मधुबन में बाजार बंद, सड़कों पर सन्नाटा

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Giridih:  नक्सलियों द्वारा घोषित मधुबन बंद के दूसरे दिन शनिवार को भी बाजार पूरी तरह बंद रहा और वाहनों का परिचालन ठप रहा. बंद को विफल करने के लिए प्रशासन ने पूरा जोर लगाया, लेकिन सफलता नहीं मिली. पुलिस ने दुकानों को खुलवाने के लिए काफी दबाव बनाया, लेकिन चंद दुकानें ही खुली. दुकान नहीं खोलने पर पुलिस ने कार्रवाई करने की भी बात कही. इसके बावजूद नक्सलियों के खौफ के कारण लोगों ने दुकान नहीं खोली.

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फंसे यात्री रहे परेशान

बंद के कारण वाहनों की आवाजाही शनिवार को भी पूरी तरह से बंद रही. कुछ तीर्थयात्री सूचना नहीं रहने के कारण शनिवार को निजी वाहनों से पहुंचे जरूर हैं. यहां फंसे तीर्थयात्री बंद के समाप्त होने का इंतजार कर रहे हैं. दो दिनों के बंद ने इस जैन तीर्थस्थल को बुरी तरह प्रभावित किया है. बंद का असर यह रहा कि दुकानें,  होटल के बंद रहने के कारण यहां मौजूद सैकड़ों तीर्थयात्रियों को भोजन-पानी के लिए भी भटकना पड़ा. यहां तक कि जैन धर्मशालाओं के अपने भोजनालय भी कर्मियों के नहीं आने से बंद रहे. परिचालन बंद रहने से सैकड़ों यात्री फंसे रह गए. इस समस्या से मधुबन तीर्थक्षेत्र की सुरक्षा को लेकर एक नकारात्मक संदेश गया है.

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प्रशासन की नाकामी उजागर

इस पूरे बंद के दौरान प्रशासन की नाकामी भी साफ दिखी. यात्रियों को हो रही परेशानी से स्थानीय प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को मतलब नहीं रहा. शिकायत पर गिरिडीह डीसी ने डुमरी एसडीएम, पीरटांड़ बीडीओ, थाना प्रभारी और अन्य अधिकारियों को स्थिति संभालने का आदेश दिया, तब जाकर इनकी नींद खुली. लेकिन तमाम प्रयास के बावजूद बंद में यात्रियों को हो रही परेशानियों को दूर नहीं किया जा सका. उल्लेखनीय है कि डोली मजदूरों के समर्थन में नक्सलियों ने शुक्रवार से दो दिवसीय मधुबन बंद बुलाया था. डोली मजदूर जैन तीर्थयात्रियों को बाइक से पारसनाथ पहाड़ की परिक्रमा कराने का विरोध कर रहे हैं. बाइक के कारण डोली मजदूरों के समक्ष रोजगार का संकट पैदा हो गया है. अगर प्रशासन ने इस समस्या को हल करने में पहले गंभीरता दिखाई होती तो शायद यह नौबत ही नहीं आती.

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पुलिस पहरे के बीच मधुबन बंद

इधर नक्सलियों पर कार्रवाई के लिए देर रात तक बंद के बीच मधुबन सीआरपीएफ कैंप में पुलिस एवं सीआरपीएफ के अधिकारी बैठक कर रणनीति बनाने में लगे हुए रहे. इसमें डीआइजी पंकज कंबोज, सीआरपीएफ के डीआइजी सुरेश शर्मा, एसपी सुरेन्द्र कुमार झा समेत कई पुलिस पदाधिकारी शामिल रहे. पुलिस पदाधिकारी बंद को असफल करार दे रहे हैं. लेकिन हकीकत सारी कहानी बयां कर रही है.

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