न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

गिरिडीहः दो युवकों पर नाबालिग ने लगाया दुष्कर्म का आरोप, रिपोर्ट दर्ज नहीं करने पर थाने में बैठी धरना पर

1,336

Giridih:  चाकू के बल पर नाबालिग के साथ बलात्कार के बाद फिर शादी करने का प्रलोभन देकर यौन शोषण करने का सनसनीखेज मामला गुरुवार की शाम गिरिडीह के मुफ्फसिल थाना में पहुंचा. जहां पीड़िता परिजनों के साथ थाना पहुंची. मुफ्फसिल थाना पुलिस फिलहाल मामले को गंभीरता से नहीं ले रही. थाना को आवेदन देने के बाद भी समाचार लिखे जाने तक केस दर्ज नहीं हो पाया है और ना ही मामले की जांच शुरू की गयी.

थाने में बैठी धरना पर

लिहाजा, पीड़िता परेशान हो कर अपने परिजनों के साथ थाना में ही धरना पर बैठ गयी. पीड़िता के परिजनों की मानें तो दोनों आरोपी इलाके में रसूखदार माने जाते हैं. जिसके कारण इलाके के ग्रामीण भी दोनों के खिलाफ कार्रवाई करने से इंकार कर रहे हैं. वहीं मामले की जानकारी लेने पर थाना प्रभारी रत्नमोहन ठाकुर का कहना है कि अभी तक ऐसा कोई मामला उनके जानकारी में नहीं आया है क्योंकि वह थाना से बाहर गए हैं. थाना पहुंचने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है.

ये है पूरा मामला

इधर थाना को दिए आवेदन में पीड़िता ने थाना क्षेत्र के गादीश्रीरामपुर निवासी रोहित पोद्दार और विशाल साहु नामक युवक पर आरोप लगाते हुए कहा कि रोहित पोद्दार ने पहले चाकू का भय दिखाकर एक कमरे में पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया. हंगामा करने पर पीड़िता को जान से भी मारने की धमकी दी. आरोप है कि कुछ दिनों बाद आरोपी ने पीड़िता को शादी का प्रलोभन देकर कई बार यौन शोषण किया. जिसे पीड़िता गर्भवती हो गयी.

पीड़िता ने थाना को दिए आवेदन में रोहित व विशाल पर आरोप लगाते हुए कहा कि 10 जून को ही आरोपी रोहित ने पीड़िता को अपने दोस्त विशाल साहु से मिलाया. इस दौरान रोहित ने विशाल का हवाला देते हुए कहा कि शादी में विशाल सहयोग करेगा. इसलिए पीड़िता को विशाल के साथ भी रोहित ने शारीरिक संबध बनाने का दबाव डाला. इस दौरान विरोध करने पर विशाल ने भी जान मारने की धमकी दी. पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया. फिर पचंबा बुलाकर बोड़ो स्थित सांई अस्पताल ले गया. जहां रोहित ओर विशाल ने उसका गर्भपात कराने का प्रयास किया. लेकिन पीड़िता किसी तरह से अस्तपताल से निकली. वहीं तीसरे दिन पीड़िता अपने परिजनों व इलाके के ग्रामीणों के साथ थाना पहुंची और आवेदन दिया.

इसे भी पढ़ेंः दर्द-ए-पारा शिक्षक: उम्र का गोल्डेन टाइम इस नौकरी में लगा दिया, अब कर्ज में डूबे हैं

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like
क्या आपको लगता है हम स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकारिता कर रहे हैं. अगर हां, तो इसे बचाने के लिए हमें आर्थिक मदद करें.
आप अखबारों को हर दिन 5 रूपये देते हैं. टीवी न्यूज के पैसे देते हैं. हमें हर दिन 1 रूपये और महीने में 30 रूपये देकर हमारी मदद करें.
मदद करने के लिए यहां क्लिक करें.-

you're currently offline

%d bloggers like this: