Budget 2021GiridihJharkhand

गिरिडीह : उद्योगपतियों ने कहा निकट भविष्य में देश की आधारभूत संरचना को डेवलप करने वाला बजट

Giridih : कोरोना काल के बीच मोदी सरकार की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के डिजिटल बजट को नेताओं के साथ गिरिडीह के कॉरपोरेट सेक्टर और चार्टर्ड एकांउटेंट्स ने स्वागत किया. बजट में अतिरिक्त बोझ नहीं डालने पर सरकार की सराहना की. ज्यादातर उद्योगपतियों ने इसे एक दूरदर्शी बजट बताया.

जबकि कोरोना टीकाकरण अभियान को 35 हजार करोड़ का फंड देने को मील का पत्थर बताया. चाटेड एकांउटेड और स्टील उद्योग से जुड़े उद्यमियों ने कोरोना के कारण रुकी आधारभूत संचरना के विकास का बजट बताया.

निश्चित तौर पर साल 2021 में पेश किए गए बजट से आने वाले दिनों में रुके हुए विकास को गति मिलेगी. क्योंकि यह बजट आधारभूत संचरना के विकास का बजट है. वैसे टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है. कुछ निराशा हुई है. लेकिन वृद्धों को अब आयकर से छूट दिया गया है. ऐसे में इसे दूरदर्शी बजट कहना बेहतर होगा.

विकास बगेड़िया, चाटेर्ड एकांउटेंट, गिरिडीह

निर्मला सीतारमण ने जिस प्रकार का बजट पेश किया है. वह वाकई चौकाने वाला है. क्योंकि रेलवे के रुके हुए प्रोजेक्ट के लिए अगर 01. 15 लाख करोड़ का प्रावधान किया गया है. तो बजट में बीमा क्षेत्र में विदेशी पूंजीनिवेश को 49 प्रतिशत से बढ़ाकर 74 प्रतिशत किए जाने के कारण ही आज शेयर मार्केट में उछाल आया है.

यह पहला मौका है जब किसी सरकार ने बजट में किसानों को मिलने वाले न्यूनतम समर्थन मूल्य में डेढ़ गुना की वद्धि कर दिया. लिहाजा, इस बजट को एक बेहद संतुलित बजट कहना बेहतर होगा.

मोहन साव, चैयरमेन, टफॅकान स्टील

कोरोना काल में दम तोड़ती अर्थव्यस्था में जान डालने वाले बजट पेश कर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक-एक वर्ग को ध्यान में रखा है. एमएसएमई सेक्टर को 15 हजार 750 करोड़ का वित्तीय सहयोग देने की घोषणा और वृद्धों को इनके पेंशन से अब इनकम टैक्स में छूट दिए जाने के प्रावधान की घोषणा ही बताता है कि निर्मला सीतारमण ने एक बेहतर बजट पेश की है.

जयप्रकाश लाल, लाल स्टील, चैयरमेन

साल 2021 के आम बजट को हर मायने में एक कुशल बजट कहना बेहतर होगा. क्योंकि कोरोना के कारण अर्थव्यवस्था काफी खराब स्थिति में पहुंच चुका था. लिहाजा, अब उम्मीद है कि इस बजट से हालात में सुधार आएगें.

वैसे 80 हजार करोड़ को बाजार से पाने का जो बात वित्त मंत्री द्वारा किया गया है. उसमें सफलता मिलने पर वित्त मंत्री की मंत्रालय संभालने की ही नीति नजर आती है.

अमरजीत सिंह सलूजा, चैयरमेन, सलूजा गोल्ड

वित्त मंत्री का पेश किया गया मंदी से उबारने वाला नहीं. बल्कि इसे हालात और खराब ही होगें. क्योंकि बीमा क्षेत्र में विदेशी पूंजीनिवेश की सीमा बढ़ाकर 74 प्रतिशत कर दिया गया. तो जाहिर है कि अब इसमें निवेश करने वाली कंपनी रोजगार को घटाएगी ही.

किसानों के लिए डेढ़ गुना न्यूमतम समर्थन बढ़ाने की घोषणा हुई. मोदी सरकार समर्थन मूल्य को लेकर लिखित गांरटी क्यों नहीं दे रही है. पिछले पेश किए गए बजट के प्रस्ताव को कितना अमल में लाया गया. इसे सार्वजनिक करने से सरकार क्यों घबरा रही है.

सुदिव्य कुमार सोनू, विधायक, सदर, गिरिडीह

कोरोना काल में मोदी सरकार की वित्त मंत्री के द्वारा पेश किया गया बजट खुद में अभूतपूर्व है. क्योंकि बजट में गृहिणीयों को होने वाली समस्या को देखा गया है. तो किसानों के न्यूनतम समर्थन मूल्य को भी अब डेढ़ गुना कर दिया गया.

इस घोषणा ने विपक्ष के मुंह को बंद कर दिया है. साल 2021 के आम बजट को हर वर्ग के घर के लिए एक बेहतर और उम्दा बजट कहना उचित होगा.

राजकुमार राज, लोजपा नेता गिरिडीह सह महासचिव

वित्त मंत्री का बजट सिर्फ आइवाश है. आखिकार बीमा क्षेत्र में 74 प्रतिशत एफडीआई लाने की क्या जरुरत पड़ गयी. यह तो सीधे तौर पर रोजगार छीनने वाला प्रस्ताव है. एयरपोर्ट और रेलवे को मोदी सरकार ने बेच ही दिया है. बीमा क्षेत्र को भी बेचने का प्रयास है.

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