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भेलवाघाटी में सीआरपीएफ-नक्सली मुठभेड़ः एक जवान शहीद, चौपर से रांची भेजा गया शव

मारे गये तीन नक्सलियों के शव बरामद

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Ranchi: सोमवार की सुबह गिरिडीह के भेलवाघाटी थाना क्षेत्र में भाकपा माओवादी और पुलिस के बीच भीषण मुठभेड़ हुई. मुठभेड़ में पुलिस ने तीन नक्सलियों को मार गिराया है. जबकि नक्सलियों की गोली से सीआरपीएफ के एक जवान शहीद हो गये हैं.

इस खबर की पुष्टि एडीजी अभियान मुरारीलाल मीणा ने की है. उन्होंने बताया कि घटनास्थल से एक एके-47 राइफल समेत अन्य कई हथियार, लैंड माइन आदि जब्त किये गये हैं.

तीन लोगों के शव बरामद किये गये हैं. जिनकी पहचान की जा रही है. घटनास्थल पर पुलिस के अतिरिक्त जवानों को भेजा गया है. साथ ही सर्च अभियान चलाया जा रहा है.

शहीद जवान विश्वजीत चौहान की तसवीर.

जमुई के रास्ते झारखंड में प्रवेश कर रहे थे नक्सली

गिरिडीह के सीआरपीएफ 7 वीं बटालियन के जाबांज जवानों ने बिहार के जमुई प्रवेश कर रहे नक्सली दस्ते के तीन नक्सलियों को मुठभेड़ में मार गिराया. हालांकि मुठभेड़ के दौरान सीआरपीएफ को भी नुकसान उठाना पड़ा, जिसमें 7वीं बटालियन का एक जवान विश्वजीत चौहान नक्सलियों की गोली लगने से शहीद हो गया.

35 वर्षीय शहीद जवान विश्वजीत असम का रहने वाला था. शहीद जवान विश्वजीत के शव को पहले देवरी सीआरपीएफ कैंप लाया गया.

जहां देवरी सीआरपीएफ कैंप में श्रद्धाजंलि देने के बाद चौपर से रांची भेज दिया गया.

इस तरह घटी घटना

सीआरपीएफ और नक्सलियों के बीच भेलवाघाटी थाना क्षेत्र के भतुआपडा जंगल में मुठभेड़ हुई. घटनास्थल भतुआपडा भेलवाघाटी से करीब 5 किमी दूर था. मुठभेड़ सुबह करीब सात बजे हुई.

दोनों ओर से करीब 50 से 60 रांउड गोली फायरिंग हुई. सीआरपीएफ को भारी पड़ता देख तीनों ने भागने का प्रयास किया. लेकिन भागने के क्रम में ही तीनों माओवादियों को गोली लगी.

तीनों नक्सली एक बाईक पर सवार हो कर भतुआकुडा के जंगल इलाके से जमुई प्रवेश कर रहे थे. इसी दौरान मुठभेड़ शुरू हुई. मारे गये तीनों माओवादी के पास से एक हीरो पेशन प्रो बाईक, एक एके 47 राईफल, तीन पाईप बम और आईईडी विस्फोटक तैयार करने का सामान बरामद किया है.

मारे गये तीनों नक्सलियों की पहचान समाचार लिखे जाने तक नहीं हो पाई थी. लेकिन पुलिस सूत्रों की मानें तो तीनों माओवादी गिरिडीह-जमुई के जोनल कमांडर सिद्धु कोड़ा दस्ते के सदस्य हैं.

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लिहाजा, गिरिडीह पुलिस अब जमुई पुलिस के सहयोग से तीनों माओवादियों की पहचान कराने में जुटी हुई है. वैसे तीनों माओवादियों का शव पोस्टमार्टम के लिए देर शाम तक गिरिडीह सदर अस्पताल भेजने की सूचना है.

पुलिस सूत्रों की मानें तो सोमवार की सुबह भेलवाघाटी सीआरपीएफ को गुप्त सूचना मिली कि सिद्धु कोड़ा दस्ते के तीन हार्डकोर नक्सली बाईक से भतुआकुडा के रास्ते जमुई जा रहे है. इसी सूचना के बाद इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू हुआ.

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भेलवाघाटी का इलाका नक्सल प्रभावित इलाका रहा है

जानकारी के मुताबिक भेलवाघाटी थाना क्षेत्र गुनिया नामक जगह पर मुठभेड़ की घटना हुई है. यह स्थान बिहार के जमुई जिला के चकाई थाना क्षेत्र से सटा हुआ इलाका है. सीआरपीएफ के जवान रविवार की रात से ही अभियान पर निकले हुए थे.

सुबह में पुलिस और माओवादियों के बीच मुठभेड़ हुई. घटना की जानकारी मिलने के बादल गिरिडीह के एसपी सुरेंद्र कुमार झा पुलिस और अर्द्धसैनिक बल के जवानों के साथ घटनास्थल के लिये रवाना हो गये हैं.

उल्लेखनीय है कि लोकसभा चुनाव के मद्देनजर झारखंड पुलिस और सीआरपीएफ के जवान नक्सल प्रभावित इलाकों में अभियान चल रहे हैं.

उल्लेखनीय है कि गिरिडीह के भेलवाघाटी का इलाका 20 सालों से अधिक समय से नक्सल प्रभावित इलाका रहा है.

11 सितंबर 2005 को इसी थाना क्षेत्र में नक्सलियों ने भेलवाघाटी ग्राम रक्षा दल के 17 सदस्यों की हत्या कर दी थी.

भेलवाघाटी ग्राम रक्षा दल का गठन नक्सलियों से मुकाबला करने के लिये तैयार किया गया था. फरवरी 2017 में भी इसी इलाके में नक्सलियों ने दो ग्रामीणों की हत्या कर दी थी.

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