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गिरिडीह : बिजली विभाग का सबसे बड़ा डिफॉल्टर बना नगर निगम, नहीं चुकाया साढ़े 13 करोड़ का बिजली बिल

कई बैंकों समेत, कई सरकारी विभाग भी बने डिफॉल्टर

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Giridih : एक तरफ राज्य बिजली कटौती की समस्या झेल रहा है. सरकार दूसरे राज्यों से बिजली और कोयला खरीदने में पैसे की कमी का रोना रो रही है, वहीं दूसरी तरफ सरकारी विभागों पर ही करोड़ों रुपए का बिजली बिल बकाया है. गिरिडीह में भी सरकारी विभागों पर करोड़ों का बिजली बिल बकाया है. बिजली विभाग द्वारा बार-बार नोटिस देने के बावजूद इन विभागों ने बिल जमा नहीं किया है. आखिरकार बिजली विभाग को सभी बकाएदारों को सार्वजनिक नोटिस देना पड़ा.

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नगर निगम ने साल भर से नहीं चुकाया बिजली बिल

बड़े बकायेदारों में गिरिडीह के कई सरकारी कार्यालय, बैंक, कॉलेज, होटल और फैक्ट्री शामिल हैं. लेकिन इनमें सबसे बड़ा बकायेदार है नगर नगम कार्यालय. नगर निगम पर लगभग साढ़े 13 करोड़ का बिजली बिल बकाया है. पिछले एक साल से नगर निगम ने एक बार भी बिल का भुगतान नहीं किया है. यानी नगर निगम के गठन के बाद बिजली बिल जमा ही नहीं किया गया. जबकि नगर निगम की आय के साथ इसका बजट भी बढ़ा है. नगर विकास विभाग से हर मद पर राशि का आवंटन भी निगम को मिला है. इसके बावजूद करोड़ों के बिजली बिल बकाया होने से इसकी कार्यशैली पर सवाल उठता है.

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कई सरकारी विभाग और बैंकों पर भी लाखों का बकाया

बिजली विभाग के डिफॉल्टरों की सूची में कैनरा बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और बैंक ऑफ इंडिया जैसे सरकारी बैंकों के नाम भी शामिल हैं. इन पर भी लाखों रुपए का बिल बकाया है. साथ ही कई जिला नियोजन कार्यालय, ऑडिट ऑफिस, आपूर्ति विभाग, पीपी ऑफिस, ईएसओ ऑफिस, भालको, कल्याण विभाग, शंकरडीह कोलियरी, एसपी ऑफिस, बेंगाबाद वन विभाग, गांवा व बगोदर कस्तूरबा गांधी बालिका स्कूल, गिरिडीह कॉलेज समेत कई अन्य सरकारी कार्यालयों, होटल और फैक्ट्री को भी लाखों का बिल बकाया रखने के कारण बिजली विभाग ने डिफॉल्टर की सूची में रख कर शीघ्र बिल की राशि जमा करने का नोटिस जारी किया है.

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