Giridih

 गिरिडीह : औषधि निरीक्षकों ने मेडिकल स्टोर सहित किराना दुकानों में छापा मारा, गौवंश को लगाये जाने वाले प्रतिबंधित इंजेक्शन जब्त

Giridih : चार औषधि निरीक्षकों ने औषधि निदेशक के निर्देश पर बुधवार को  गोयनका नर्सिंग होम के समीप स्थित सागर मेडिकल व गांधी चौक स्थित गंगा मेडिकल सहित कई दवा दुकानों में छापेमारी की.  टीम में दुमका, हजारीबाग, धनबाद व बोकारो के ओषधि निरीक्षक शामिल थे.  टीम की अगुआयी औषधि निरीक्षक अर्चना खलको कर रही थी.   टीम शहर के गांधी चौक में संचालित गंगा मेडिकल पहुंची और दवाईयों के साथ साथ स्टॉक से संबंधित कागजात की जांच की.

औषधि निरीक्षकों ने छापेमारी की पहली कार्रवाई शहर के गद्दी मुहल्ला स्थित सागर मेडिकल में की. तीन घंटे तक मेडिकल दुकान में छापेमारी के बाद औषधि निरीक्षकों की टीम शहर के अरगाघाट और मकतपुर रोड स्थित किराना दुकान में पहुंची, जहां टीम के पदाधिकारियों ने  गाय के दूध का उत्पादन बढ़ाने के लिए गौवंश को दिये जाने वाले प्रतिबंधित आक्सीटोक्सीन इंजेक्शन के दो कार्टून जब्त किये.

दूध काफी जहरीला हो जाता है

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जब्त दोनों कार्टूनों में 283 इंजेक्शन की बोतल  बरामद किये गये. छापेमारी का नेत्तृव कर रहे औषधि निरीक्षक नसीम आलम की मानें तो आक्सीटोसीन इंजेक्शन इतना घातक है कि गौवंश को देने के बाद गौवंश का दूध काफी जहरीला हो जाता है.  जिससे कैंसर व किडनी तक की बीमारियों की चपेट में लोग आ सकते हैं.  नसीम आलम के अनुसार  इस इंजेक्शन का सबसे अधिक प्रभाव बच्चों में पड़ता है.

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आक्सीटोक्सीन इंजेक्शन के जहरीले साईड इफेक्ट के कारण ही राज्य सरकार ने इसे प्रतिबंधित कर दिया था.  इसके बाद भी दुकानदार चोरी-छिपे आक्सीटोक्सीन इंजेक्शन बेच रहे हैं. इस दौरान औषधि निरीक्षकों की टीम ने करीब एक घंटे तक दुकान में छापेमारी कर इंजेक्शन के सारे स्टॉक को जब्त कर लिया

टीम ने पांच इंजेक्शन जब्त कर सैंपल के लिए भेज दिये. छापेमारी के क्रम में अधिकारियों के सामने यह बात भी आयी कि  इंजेक्शन के जितने भी बोतल सील किये गये, किसी भी बोतल में इंजेक्शन का लेबल नहीं लगा था.  किराना दुकानदार बगैर लाईसेंस के ही इंजेक्शन  बेच रहे थे. जबकि आक्सीटोक्सीन इंजेक्शन पूरी तरह से प्रतिबंधित है.  पूछताछ के दौरान दुकानदार निरंजन ने बताया कि इंजेक्शन की एक बोतल वह 50 रुपये में बेंचते है. खरीदने वाले गौवंश को लगाने के नाम पर ले जाते है.

छापेमारी की कार्रवाई शुरू करने में पदाधिकारियों को काफी परेशानी भी उठानी पड़ी.  पहले तो पदाधिकारियों को अरगाघाट का यह किराना दुकान ही नहीं मिल रही थी. काफी प्रयास के बाद दुकान मिली, तो दुकानदार ने बाहर में ही इंजेक्शन का सैंपल  लगा रखा था.

जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाई

टीम में शामिल अमित कुमार ने बताया कि रांची आफिस के निर्देश पर उक्त जांच की जा रही है.  कहा कि जब्त  सैंपल व कागजात जांच के लिए कोलकाता भेजे जायेंगे.  उन्होंने बताया कि जांच रिपोर्ट के बाद ही आगे की कार्रवाई की जायेगी. दवाओं के पुराने स्टॉक में कुछ एक्सपायरी दवा भी मिलने की बात सामने आ रही है.

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