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गिरिडीह : पुरानी परंपरा का हुआ निर्वहन, प्रतिमाओं को कंधे पर लेकर विसर्जन के लिए निकली भक्तों की भीड़

Giridih : शारदीय नवरात्रि के नौ दिनों का अनुष्ठान बुधवार की शाम माता आदिशक्ति के प्रतिमा विसर्जन के साथ संपन्न हुआ. जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण इलाकों के कई प्रतिमाओं का विसर्जन हुआ. इस दौरान भक्तों ने नम आंखों से जगत जननी मां दुर्गा को विदा किया. लेकिन विसर्जन की सबसे रोचक तस्वीर शहर के आधा दर्जन मंडपों का रहा. जहां दशकों पुराने परंपरा के अनुसार माता की प्रतिमा को कंधे पर ले जाने के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ी.

इस दौरान सबसे पहले शहर के बरगंडा सार्वजनिक काली मंडा की प्रतिमा लिए भक्तों की भीड़ निकली. माता की प्रतिमा को कंधे पर लेने के लिए एक-एक भक्त उत्सुक रहा. भीड़ के धक्का मुक्की के बीच भक्त माता की प्रतिमा लेने के लिए आतुर रहे. बरगंडा सार्वजनिक काली मंडा से निकल कर प्रतिमा लिए भक्तों की भीड़ शहर के कई चौक से होते हुए बरगंडा के सुंदर तालाब पहुंची. जहां आरती के बाद माता की प्रतिमा को विसर्जित किया गया.

शाम ढलते ही उपनगरी पचम्बा के पचम्बा सार्वजनिक दुर्गा मंडप की प्रतिमा को इसी परंपरा के तहत भक्तों की टोली दुर्गा मंडप से निकली. प्रतिमा लिए भक्तों की भीड़ दुर्गा मंडप से निकली और पचम्बा के बुढवाहार तालाब पहुंची. आरती के बाद माता की प्रतिमा के साथ नम आंखों से विदाई दिया. देर शाम शहर श्री आदि दुर्गा मंडप और छोटकी दुर्गा मंडप की प्रतिमा को हजारों भक्तो की भीड़ इसी तरह कंधे पर लेकर निकले. दूसरी तरफ दशकों पुराने परंपरा को देखने के लिए शहर के बड़ा चौक, गांधी चौक गद्दी मुहल्ला, व्हिटी बाजार समेत कई इलाकों में लाखों की संख्या में भक्त मौजूद थे.

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