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पति की हत्या की आरोपी पत्नी को गिरिडीह कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनायी, 10 हजार जुर्माना  भी

आरोपी पत्नी बेबी देवी को कोर्ट ने वीडियो क्रांफेसिंग के माध्यम से सजा सुनायी गयी.

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 Giridih : पति की हत्या कीआरोपी पत्नी बेबी देवी को रामबाबू गुप्ता के कोर्ट ने सोमवार को अलग-अलग धाराओं में आजीवन कारावास की सजा सुनाई. साथ ही जुर्माना भी लगाया. जानकारी के अनुसार रामबाबू गुप्ता के कोर्ट ने धारा 302 के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाने के साथ 10 हजार का जुर्माना लगाया है.

वहीं धारा 301 में सात साल की सजा सुनाने के साथ पांच हजार का जुर्माना लगाया गया है. न्यायालय ने दोनों सजाएं साथ-साथ चलने का आदेश सुनाया है. आरोपी पत्नी बेबी देवी को कोर्ट ने वीडियो क्रांफेसिंग के माध्यम से सजा सुनायी गयी.

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मामला 2017 का बताया जाता है

पति की हत्या का मामला दो साल पुराना 2017 का बताया जाता है. जबकि आरोपी पत्नी बेबी देवी को बीते 17 नवंबर को पति की हत्या का आरोपी करार दिया गया था. जानकारी के अनुसार घटना 2017 के 13 मार्च को डुमरी थाना क्षेत्र के कुलगो गांव में घटी. होली का दिन था. आरोपी बेबी देवी की सास और पति रघु ठाकुर की मां सोहवा देवी अपनी गोतनी के घर गयी हुई थी.

देर रात खाना खाने के बाद सोहवा देवी गोतनी के घर ही सो गयी. इसी दौरान देर रात दो बजे क्रांकीट सीट में आवाज होने के कारण सोहवा देवी के जेठ के बेटे की नींद टूट गयी. जब वह उठा, तो देखा कि उसकी भाभी बेबी देवी वहां खड़ी है. हल्ला करने पर सोहवा देवी की गोतनी के घर के सभी सदस्य उठ गये.

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रघु ठाकुर घर के भीतर मृत पड़ा था

लोगों ने देखा कि सोहवा देवी के घर से धुआं निकल रहा है. रघु ठाकुर घर के भीतर मृत पड़ा था. घर पर रघु ठाकुर का बेटा था, जिसने दादी सोहवा देवी को बताया कि देर रात खाना को लेकर उसकी मां और पिता के बीच झगड़ा हुआ था. मारपीट के दौरान ही बेबी देवी ने रघु ठाकुर को बेलन से मार कर जख्मी कर दिया.

घटना का प्रत्यक्षदर्शी खुद बेबी देवी का बेटा था।, जिसने बताया कि मां की पिटाई से उसके पिता जख्मी हो गये थे. इसके बाद उसकी मां बेबी देवी ने कमरे का दरवाजा लगाकर रघु ठाकुर को जिंदा जला दिया. घटना के बाद डुमरी थाना में आरोपी पत्नी के खिलाफ उसकी सास सोहवा देवी ने केस दर्ज कराया था. जिसमें बेबी देवी को नामजद अभियुक्त बनाया गया था.

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चार हार्डकोर माओवादियों को गिरिडीह कोर्ट ने सुनायी सजा

Giridih : सर्च ऑपरेशन के दौरान नक्सलियों को दबोचने के लिए निकली पुलिस पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर पुलिस को जख्मी करने के चार आरोपी नक्सलियों को सोमवार को गिरिडीह के चतुर्थ अपर जिला एंव सत्र न्यायधीश धु्रव चन्द्र मिश्रा के कोर्ट ने अलग-अलग धाराओं में अलग-अलग सजा सुनायी. कोर्ट ने जिन चार माओवादियों को सजा सुनायी है, उसमें छोटू दास, मुंशी तूरी, जगदीश तूरी और जानकी तूरी शामिल है. डुमरी थाना कांड संख्या 32/10 में ध्रुव चंद्र मिश्रा के कोर्ट ने पुलिस पर फायरिंग करने के मामले में चारों माओवादियों पर 18 अक्टूबर को ही आरोपी करार दिया था.

कोर्ट ने कारावास की सारी सजाओं को साथ-साथ चलने का आदेश सुनाया

चतुर्थ एडीजे मिश्रा के कोर्ट ने सोमवार को हार्डकोर माओवादी जानकी तूरी को सेक्शन 147 सीएलए एक्ट में तीन साल की सजा के साथ 10 हजार का जुर्माना लगाया. इसी क्रम में 13 यूपीए एक्ट में सात साल की सजा के साथ 15 हजार का जुर्माना लगाया है. वहीं धारा 25 1 बी-ए के सेक्शन 35 में तीन साल की सजा के अलावे पांच हजार का जुर्माना लगाया. आम्र्स एक्ट की धारा 26/35 में सात साल की सजा के साथ 10 हजार का जुर्माना लगाया है. कोर्ट ने कारावास के सारी सजाओं को साथ-साथ चलने का आदेश सुनाया है.

माओवादी छोटू दास को ही अंडर सेक्शन 13 यूपीए की धाराओं के साथ आम्र्स एक्ट की धारा 26/35 में सात साल के साथ आम्र्स एक्ट दूसरी धारा 25 1 बी-ए में अतिरिक्त तीन साल की सजा सुनायी गयी है. जबकि 17 सीएलए एक्ट में तीन साल की सजा सुनायी गयी हत्या का प्रयास करने के आरोप में कोर्ट ने छोटू दास को 10 साल की सजा सुनाने के साथ पांच हजार का जुर्माना लगाया गया है.

जगदीश तूरी को 13यूपीए और 26/35 एक्ट के अलग-अलग धाराओं में कोर्ट ने सात-सात साल की सजा के साथ 10 हजार का जुर्माना लगाया है. वहीं 17 सीएलए एक्ट में तीन साल के साथ 25 1 बी के धारा में तीन साल का सजा सुनायी है.

हार्डकोर माओवादी मुंशी तूरी को 27 आम्र्स एक्ट और 26 आम्र्स एक्ट में सात-सात साल का सजा सुनायी है. साथ ही 10 हजार का जुर्माना भी लगाया. हत्या का प्रसाय करने के आरोप में धारा 307/149 में 10 साल की सजा सुनाने के साथ पांच हजार का जुर्माना लगाया है. आम्र्स एक्ट के अलग-अलग धाराओं में ही मुंशी तूरी को क्रमशः सात साल के साथ तीन-तीन साल का सजा सुनायी है.

2010 में पुलिस को गुप्त सूचना मिलने के बाद एसपी के निर्देश पर गिरिडीह के निमियाघाट, डुमरी और बगोदर थाना पुलिस डुमरी के ढीबरा गांव में छापेमारी के लिए निकली. जानकारी के अनुसार माओवादियों के खिलाफ पुलिस को खुफिया इनपुट मिला कि ढीबरा गांव में माओवादियों का एक दस्ता बैठक कर रहा है. जिसमें इन चारों माओवादियों के साथ कई हार्डकोर माओवादी मौजूद है. इसके बाद तीनों थानों की पुलिस ने ढीबरा गांव में सर्च ऑपरेशन शुरु किया. जिसमें पुलिस को देखते ही माओवादियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग करना शुरू कर दी.    

SP Deoghar

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