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गिरिडीह :  कोरोना काल बना शहर के प्राईवेट चिकित्सकों की मोटी कमाई का जरिया, दोगुनी फीस ले रहे चिकित्सक

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Giridih :  कोरोना काल गिरिडीह शहर के प्राईवेट चिकित्सकों की मोटी कमाई का जरिया बनकर सामने आया है. ऐसा इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि जो चिकित्सक पहले दो सौ से ढाई की फीस लेते थे, वही चिकित्सक अब चार सौ से साढ़े चार सौ की फीस मरीजों से वसूल रहे हैं.

सिर्फ चिकित्सक ही नहीं, बल्कि शहर के अल्ट्रासोनोग्राफी करने वाले चिकित्सकों के लिए भी कोरोना काल मोटी कमाई का जरिया बनकर उभरा है.

मोटी फीस वसूली करने वाले चिकित्सकों में महिला रोग विशेषज्ञों की संख्या सबसे अधिक है. इसके बाद शिशु रोग विशेषज्ञ और हड्डी रोग के इस सूची में शामिल है.

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इन चिकित्सकों से किसी मरीज को इंमरजेंसी हालात में दिखाने पर फीस की राशि बढ़कर पांच सौ तक हो जाती है.

जबकि अल्ट्रासोनोग्राफी करने वाले चिकित्सकों की बात करें तो पहले जांच के अनुसार मरीजों से 1500 सौ से 1700 सौ की फीस ली जाती थी. वहीं अब चिकित्सक 2000 हजार से लेकर ढाई हजार की वसूली कर रहे हैं.

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महत्वपूर्ण पदों पर है अधिक फीस लेने वाले चिकित्सक

हैरान करने वाली बात यह भी है कि मनमानी फीस वसूली करने वाले चिकित्सक आईएमए के गिरिडीह शाखा के महत्पूर्ण पदों पर हैं. लेकिन पद की गरिमा का ख्याल नहीं है.

रविवार को शहर के आधा दर्जन प्राईवेट चिकित्सकों के क्लीनिकों की स्थिति देखी गई. इनमें सोशल डिस्टेंसिंग का भी ख्याल नहीं जा रहा था. इसका ख्याल ना तो मरीज रख रहे थे और ना ही क्लीनिक और नर्सिंग होम.

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