न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

गिरिडीह: शिशु विभाग हटने से थैलेसीमिया पीड़ित बच्चे परेशान, पूर्व व्यवस्था बहाल करने की मांग

जिले में बढ़ रही है थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों की संख्या

142

Giridih: गिरिडीह सदर अस्पताल से शिशु चिकित्सा विभाग के शहर से दूर चैताडीह में शिफ्ट होने से आम लोगों की परेशानी तो बढ़ी है ही. लेकिन थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. सदर अस्पताल से चाइल्ड यूनिट शिफ्ट होने से बच्चों को पहले शहर से दूर स्थित चैताडीह केंद्र में जाना पड़ता है. वहां डॉक्टर से पूर्जा बनवाकर फिर से शहर के सदर अस्पताल में आकर ब्लड चढ़ाना पड़ता है.

इसे भी पढ़ेंःसरकार से मांगा धर्म परिवर्तन का आंकड़ा, दफ्तरों में घूमती रह गयी फाइल

स्थानीय लोगों द्वारा डीसी को दिया गया आवेदन

अस्पताल से मदर एंड चाइल्ड यूनिट तो नए भवन में शिफ्ट करा दिया गया, लेकिन वहां ब्लड बैंक और ब्लड स्टोरेज सुविधा नहीं होने से खून की जरूरत वाले मरीजों को सदर अस्पताल स्थित ब्लड बैंक ही आना पड़ता है. दो जगह दौड़-भाग करने से मरीजों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है.

जिले में हैं सैकड़ों थैलेसीमिया पीड़ित बच्चे

गिरिडीह जिले में थैलेसीमिया से ग्रसित सैकड़ों बच्चे हैं. इन बच्चों को हर माह एक या दो बार ब्लड चढ़ाने की जरूरत होती है. थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों के लिए काम कर रही संस्था श्रेय क्लब के संचालक रमेश यादव ने बताया कि हर दिन 5 से 6 थैलेसीमिया पीड़ित बच्चे रक्त चढ़वाने सदर अस्पताल आते हैं. अब दो जगह अस्पताल होने से बच्चों के परिजनों को एक ही काम के लिए दोनों जगह नाहक ही दौड़ना पड़ रहा है. सदर अस्पताल से चैताडीह केंद्र तक जाने की कोई व्यवस्था नहीं होने से गरीब मरीजों को गाड़ी भाड़े पर लेकर जानी पड़ रही है. इससे गरीबों पर आर्थिक बोझ भी पड़ रहा है.

इसे भी पढ़ेंः CM का विभाग : 441.22 करोड़ का घोटाला, अफसरों ने गटका अचार और पत्तों का भी पैसा

परिजनों ने की पुरानी व्यवस्था बहाल करने की मांग

इस मसले पर थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों के परिजनों ने अपायुक्त और सिविल सर्जन को आवेदन देकर सदर अस्पताल में चल रही पुरानी व्यवस्था को ही बहाल रखने की मांग की है. ताकि एक ही जगह पीड़ित बच्चों के इलाज और ब्लड चढ़ाने की व्यवस्था हो सके.

डीसी ने पूर्व व्यवस्था बहाल करने का दिया निर्देश

थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों के परिजनों के आवेदन पर श्रेय क्लब के सचिव रमेश यादव ने उपायुक्त डॉ नेहा अरोड़ा से भेंटकर उन्हें इस समस्या से अवगत कराया. इस पर डीसी ने सिविल सर्जन डॉ रामरेखा प्रसाद को थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों की चिकित्सा को सदर अस्पताल में फिर से बहाल करने का आदेश दिया है.

इसे भी पढ़ें – 8 अरब की वन भूमि निजी और सार्वजनिक कंपनियों के हवाले, फिर भी प्रोजेक्ट पूरे नहीं 

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

Comments are closed.

%d bloggers like this: