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गिरिडीह : CBI के भंडारण से कोयला चोरी की घटना के बाद छवि बेदाग करना पुलिस के लिए चुनौती

Giridih :  ब्रहमडीहा खदान से कोयला चोरी की जांच गिरिडीह पुलिस ने तेज कर दी है. पुलिस मुख्यालय के निर्देश के बाद जांच के दौरान पुलिस हर बिंदु को खंगाल रही है. कैस्ट्रोन मांइनिंग द्वारा उत्पादित 16 हजार टन कोयला को सीबीआइ ने जब्त किया था. इसी कोयले की चोरी हुई.

हालांकि जब्त भंडारण से चोरी का आंकड़ा बढ़ना तय है. इधर इस घटना से पुलिस मुख्यालय में भी गिरिडीह पुलिस की छवि सवालों के घेरे में है. इस मामले में अपनी छवि को बेदाग करना अब स्थानीय पुलिस के लिए चुनौती है. यही नहीं मामले को लेकर गिरिडीह पुलिस अब कोई रिस्क लेने के मूड में नजर नहीं आ रही है. क्योंकि सीबीआइ द्वारा जब्त भंडारण से कोयला चोरी होने का यह मामला अब हाईप्रोफाइल बन चुका है.

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चोरी का पूरा इलाका मुफ्फसिल थाना क्षेत्र में है

जिस स्थान से कोयला चोरी की घटना हुई है, वह पूरा इलाका मुफ्फसिल थाना क्षेत्र में है. बंगाल कोल के नाम से प्रसिद्ध ब्रहमडीहा ओपेन कास्ट खदान मुफ्फसिल थाना क्षेत्र से महज चार किमी की दूरी पर है. सवाल उठना तय है कि चोरी कैसे हो गयी. और मुफ्फसिल थाना पुलिस को इसकी भनक तक नहीं. बहरहाल, जांच के दौरान इलाके के कुछ सफेदफोश राजनीतिक दल के समर्थकों के साथ पुलिस कर्मियों का नाम सामने आता है तो इसमें कोई हैरानी की बात नहीं होगी.

इधर सोमवार को सदर एसडीपीओ कुमार गौरव ने बताया कि आदेश मिलने के तुंरत बाद जांच शुरू की गयी है. जांच के आधार पर धनबाद के लोकेशन को खंगाला जा रहा है. जिसके नाम पर फर्जी चालान तैयार कर कोयले की चोरी की गई, उसे खोजा जा रहा है. खदान में कार्यरत सुरक्षा गार्ड कंपनी के सुपरवाईजर ने बताया कि उसकी मौजदूगी में कोयले का उठाव करने वालों ने कुछ दस्तावेज दिखाकर ही खदान के भंडारण से कोयले का उठाव किया है.

ब्रहमडीहा खदान में पड़े 16 हजार टन का कोयले की देखभाल सीबीआइ ने निजी सुरक्षा गार्ड कंपनी को सौंपी थी. इसी का फायदा उठाकर तस्करों ने भंडारण से कोयले की चोरी होती रही.

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