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गिरिडीह : नक्सलियों का मैनेजर बन खरीद रखी थी करोड़ों की संपत्ति, पुलिस ने शुरू की जब्त करने की कार्रवाई

तोता बेचनेवाला बन गया करोड़ों का मालिक

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Giridih : कई कुख्यात नक्सलियों ने जो पैसे लेवी वसूली में जुटाये, उसका निवेश करनेवाले दो पूर्व माओवादियों के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. पुलिस को पता चला था कि पूर्व नक्सली मनोज चौधरी और झरीलाल महतो ने नक्सली दस्ते के अगुआ और माओवादी संगठन के शीर्ष नेता अजय महतो, राम दयाल महतो, नुनूचंद महतो व पतिराम मांझी के इन्वेस्टमेंट मैनेजर के तौर पर काम किया था और करोड़ों का निवेश जमीन व घर की खरीद में किया. इसी के मद्देनजर पुलिस ने बुधवार को झरीलाल महतो की अचल संपत्ति को चिह्नित कर सरकारी तख्ती लगाकर अपने कब्जे में ले लिया. अब मनोज चौधरी की चल-अचल संपत्ति भी जब्त करने की कार्रवाई की जायेगी. मनोज के मामले में खुलासा हुआ है कि वह पहले तोता बेचता था. उसके नाम करोड़ों की संपत्ति है, वाबजूद वह बीपीएल कार्डधारी है. बुधवार को झरीलाल महतो की संपत्ति एक छापामारी में जब्त की गयी. छापामारी टीम में एसडीपीओ नीजर सिंह, इंस्पेक्टर वीरेंद्र राम, सीओ वीपी तिग्गा, राजस्व कर्मचारी दिनेश लाल दास, अवर निरीक्षक ओम प्रकाश पांडेय समेत पुलिस के कई जवान शामिल थे.

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कई मामले दर्ज हैं दर्ज

मनोज चौधरी के खिलाफ निमियाघाट थाना में वर्ष 2008 में नक्सली हिंसा से संबंधित दो केस और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत एक केस दर्ज हुआ था. जबकि, झरीलाल महतो के खिलाफ भी पीरटांड़ थाना में वर्ष 1999 और वर्ष 2008 में नक्सली हिंसा और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत एक-एक केस दर्ज किया गया था. बताया जाता है कि दोनों पूर्व नक्सलियों पर हत्या, रंगदारी, अपहरण, शस्त्र अधिनियम व पुलिस बल पर हमले की घटना में संलिप्तता का आरोप है.

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करोड़ों की संपत्ति की अर्जित

बताया जाता है कि शीर्ष नक्सली रामदयाल के लेवी के पैसे से मनोज ने दूसरे के नाम पर छह डिसमिल जमीन पर बना तीन मंजिला मकान खरीदा, जिसमें वह परिवार के साथ रहता है. महिला कॉलेज रोड में छह डिसमिल जमीन पर बना दो मंजिला मकान खरीदा है, इसमें किरायेदार रहते हैं. श्रीरामपुर मां हाइटेक स्टील प्राइवेट लिमिटेड के नाम से छह एकड़ जमीन भी खरीदी है. कचहरी टावर चौक के पास मनोज चौधरी ने छह डिसमिल, स्टेशन के सामने सावन बहार रेस्टोरेंट, छह डिसमिल जमीन पर बना तीन मंजिला अर्द्धनिर्मित मकान, माता-पिता के नाम पर मधुबन पुराना ओपी के बगल में छह डिसमिल जमीन, फोरेस्टर चेकनाका के पास 44 डिसमिल जमीन, प्रकाश भवन के समीप 86 डिसमिल जमीन, परिवार के नाम पर 31 डिसमिल व छह डिसमिल जमीन खरीदी. इसके अलावा प्रकाश भवन के समीप 164 डिसमिल जमीन भी खरीदी है. झरीलाल महतो ने घुटवाली में झारखंड कॉलेज डुमरी के बगल में 176 डिसमिल जमीन, बिरनगढ़ा में अपने नाम पर छह डिसमिल व तीन डिसमिल जमीन खरीदी. इसी तरह घुटवाली में अपने और अपनी मां के नाम पर झारखंड कॉलेज के बगल में 110 डिसमिल जमीन, चौहन्नी देवी के नाम पर झारखंड कॉलेज के समीप 15 डिसमिल जमीन, गणेश महतो के नाम पर झारखंड कॉलेज के पास 10 डिसमिल जमीन, छोटे भाई की पत्नी उमा देवी के नाम पर झारखंड कॉलेज के पास आठ डिसमिल जमीन, भाई कैलाश महतो के नाम पर झारखंड कॉलेज के पास 100 डिसमिल जमीन, चाची ललिया देवी के नाम पर झारखंड कॉलेज के पास 12 डिसमिल जमीन, दोस्त की बेटी बॉबी देवी के नाम पर झारखंड कॉलेज के पास 22 डिसमिल जमीन खरीदी. जीजा राजू महतो के नाम पर झारखंड कॉलेज के पास 20 डिसमिल जमीन, बहन यशोदिया देवी के नाम पर झारखंड कॉलेज के पास 60 डिसमिल जमीन, चचेरा भाई रामेश्वर महतो के नाम पर झारखंड कॉलेज के पास चार डिसमिल जमीन, बिरनगढ़ा में मां टुनकी देवी के नाम पर तीन डिसमिल व पांच डिसमिल जमीन खरीदी.

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