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गिरिडीह : दो नवजात की मौत से गुस्साए युवा शक्ति और अभाविप कार्यकर्ताओं ने सिविल सर्जन को घेरा

सिविल सर्जन की घेराबंदी के बाद प्रशासनिक और पुलिस पदाधिकारी पहुंचे सदर अस्पताल

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Giridih : चैताडीह मातृत्व एवं शिशु स्वास्थ केन्द्र में दो नवजातों की मौत के बाद लोगों का गुस्सा उबाल पर है.  लिहाजा, बुधवार को युवा शक्ति और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कई कार्यकर्ता भगवा झंडों के साथ सदर अस्पताल पहुंच गये. दोनों संगठन के कार्यकर्ता रुपेश रजक, संदीप देव, कुमार सौरभ, शुभम पांडेय, मिथुन राम, रंजीत राय, राजेश विश्वकर्मा और आशिष रजक समेत कई कार्यकर्ता घटना के विरोध में सिविल सर्जन को ज्ञापन सौंपने   पहुंचे. सिविल सर्जन को ज्ञापन सौंपने से पहले वार्ता के लिए सदर अस्पताल के बाहर परिसर में बुलाया.

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कार्यकर्ताओं का गुस्सा देख सिविल सर्जन डा राम रेखा प्रसाद कार्यकर्ताओं के पास पहुंचे, और वार्ता की. सिविल सर्जन ने कार्यकर्ताओं से अपील करते हुए कहा कि उनकी मांगो पर ठोस निर्णय लिया जाएगा. आप उसका ज्ञापन दें.  ज्ञापन देने के समय कार्यकर्ताओं ने सिविल सर्जन को उनके कार्यालय में ही घेर कर बाहर निकलने से मना कर दिया.

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प्रशासनिक और पुलिस पदाधिकारी अस्पताल पहुंचे

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दो संगठन के कार्यकर्ताओं द्वारा सिविल सर्जन की घेराबंदी की जानकारी मिलने के बाद प्रशासनिक और पुलिस पदाधिकारी अस्पताल पहुंचे, तो देखा कि संगठन के कार्यकर्ता सिविल सर्जन को घेरे हुए हैं. इस दौरान सदर एसडीएम राजेश प्रजापति, डीएसपी टू संतोष मिश्रा, बीडिओ विभूति मंडल, सीओ रवीन्द्र सिन्हा के अलावे नगर थाना प्रभारी आदिकांत महतो और पुलिस निरीक्षक विनय राम भी पुलिस जवानों मौजूद थे. इसके बाद अधिकारियों ने कार्यकर्ताओं को समझाते हुए उनके गुस्से को शांत किया.

एसडीएम प्रजापति और सिविल सर्जन डा राम रेखा प्रसाद ने कार्यकर्ताओं को भरोसा दिलाया कि मातृत्व एंव शिशु स्वास्थ इकाई की व्यवस्था में जल्द सुधार कर लिया जाएगा. साथ ही सिविल सर्जन ने यह भी कहा कि दो नवजात की मौत के लिए चाहे जो भी दोषी है, हर हाल में उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. सिविल सर्जन के मौखिक आश्वासन से जब संगठन के कार्यकर्ता तैयार नहीं हुए, तो एसडीएम के निर्देश पर सिविल सर्जन ने कार्यकर्ताओं के ज्ञापन में 15 दिनों के भीतर कार्रवाई का उल्लेख किया. इसके बाद कार्यकर्ता सिविल सर्जन कार्यालय से बाहर निकले.

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