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गजल गायिकी की मखमली आवाज तलत अजीज

जन्मदिन पर विशेष

फिल्म उमराव जान की लोकप्रिय ग़ज़ल जिंदगी जब भी तेरी बज्म में लाती है हमें ये जमीं चांद से बेहतर नजर आती है हमें.. जिस भी संगीत प्रेमी ने ध्यान से.सुनी होगी वो तलत अजीज की मखमली आवाज का दिवाना हो गया होगा.

Jharkhand Rai

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इसी तरह बाजार फिल्म की मशहूर गजल
फिर छिड़ी रात, बात फूलों की
रात है या बारात फूलों की
फूल के हार, फूल के गजरे
शाम फूलों की, रात फूलों की
फिर छिड़ी रात..
आपका साथ, साथ फूलों का
आपकी बात, बात फूलों की
फिर छिड़ी रात..
फूल खिलते रहेंगे दुनिया में
रोज़ निकलेगी बात फूलों की
फिर छिड़ी रात..
नज़रें मिलती हैं जाम मिलते हैं
मिल रही है हयात फूलों की
फिर छिड़ी रात..
ये महकती हुई ग़ज़ल मखदूम
जैसे सहरा में रात फूलों की
फिर छिड़ी रात..

को आप सुनेंगे तो आप तलत.अजीज की आवाज की मिठास के मुरीद हुए बिना नहीं रह पाएंगे.

Samford

किराना घराना से ली संगीत की तालीम

तलत अजीज का जन्म 11 नवंबर 1956 को हैदराबाद में हुआ. इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड कॉमर्स से बीकॉम ऑनर्स की पढ़ाई की. कला प्रेमी परिवार गीत और गजलों की महफिल का आयोजन करते रहता था.
गीत-संगीत और गायकी की परंपरा इन्हें भी घर के माहौल से मिली. घर में लगनी वाली महफिलों ने अजीज के बाल मन को ग़ज़लों का ऐसा रूहानी अंदाज दिया कि उनका जीवन गीत-ग़ज़लों की तरन्नुम बन कर रह गया.
जगजीत सिंह, जां निसार अख्तर सहित अन्य बड़ी हस्तियों को आमंत्रित किया जाता था. लिहाजा गीत-गजल और शायरी के शऊर से अजीज रूबरू होने लगे. संगीत की शुरुआती शिक्षा किराना घराना से मिली. यहां उस्ताद समद खान और बाद में उस्ताद फैय्याज अहमद खान ने इन्हें संगीत की बारीकियों से अवगत कराया. तलत ने गजल के उस्ताद मेंहदी हसन से भी गुर सीखे.

जगजीत सिंह ने पेश किया तलत को

तलत अजीज का पहला एलबम जगजीत सिंह के निर्देशन में 1980 में रिलीज हुआ. जगजीत सिंह इसके कंपोजर थे. इसका नाम था जगजीत सिंह प्रेसेन्ट्स तलत अजीज.

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उमराव जान और बाजार की बेहतरीन गजलें

संगीत निर्देशक खय्याम ने तलत अजीज को ‘उमराव जान’ के साथ रूपहले पर्दे पर पेश किया. अजीज की आवाज में ‘जिंदगी जब भी तेरी बज्म में लाती है’…एक दिलकश गजल थी. फिल्म बाजार की गजल…’फिर छिड़ी रात बात फूलों की’ और डैडी का गीत…’आईना मुझसे मेरी पहली सी सूरत मांगे’.और कभी ख्वाब में या ख्याल में गीत इतने लाजवाब हैं कि अजीज को हमेशा गीत-गजलों के प्रमुख हस्ताक्षर के रूप में शुमार करते रहेंगे.
तलत ने टीवी सीरियलों को भी कंपोज किया है. इनमें दीवार, बाज, अधिकार, गुनाह, सैलाब, आर्शीवाद आदि शामिल हैं. इनके कुछ प्रमुख एलबम हैं लहरें, एहसास, सुरूर, सौगात, तसव्वुर, मंजिल धड़कन.

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अभिनय के क्षेत्र में आजमाया हाथ

करीब दो साल पहले फिल्म फितूर से तलत ने अभिनय क्षेत्र में भी कदम रखते हुए अपनी बहुमुखी प्रतिभा का परिचय दिया है. तलत अजीत की हमसफर बीना अजीज प्रसिद्ध पेंटर और कलाप्रेमी हैं. दो बेटे अदान अजीज और शयान अजीज हैं.

(नवीन शर्मा, वरिष्ठ पत्रकार व लेखक)

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