Jamshedpur

कुकड़ू में आदिवासी कुड़मी समाज ने चलाये खेतों में हल-बैल

Jamshedpur : आदिवासी कुड़मी समाज कुकड़ू प्रखंड के अध्यक्ष डॉ विभीषण महतो बंसरिआर ने कहा कि आज के दिन ही अपने पुरखेनी नेगाचारि परंपरा को निभाते हुये कुड़माली संस्कृति से नया साल टुसू भसान (मकर संक्रांति) के दूसरे दिन पहली (मधुमास) माघ को प्रारंभ होता है. इस दिन  छोटानागपुर पठार के आदिवासी कुड़मी समाज के लोग कृषि कार्य की शुरूआत करते हैं. इस दिन हल-बैल लेकर अढाई फेर हल चलाकर और अढाई कुदाल मिट्टी काटकर इसकी शुरुआत करते हैं.

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हार पुनहा

इस शुभ माने जाने वाले प्रक्रिया को हार पुनहा कहा जाता है. नये वर्ष को अखाइन जातरा के नाम से भी जानते हैं. आज के दिन से जनजाति कुड़मी समुदाय शुभ कार्य की शुरुआत करते हैं. जैसे  बिहा के लिए लड़की देखने, नया कुंआ बनाने, तालाब बनाने, पूजा पासा करने, नया घर बनाने आदि करते हैं. कुड़माली पंजी  के अनुसार यह  2772 चल रहा है.

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