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आम चुनाव 2019: खूंटी से अर्जुन मुंडा होंगे बीजेपी कैंडिडेट ? जमशेदपुर और खूंटी है भाजपा की सेफ सीट

14 लोकसभा सीटों पर हवा का रुख भांप रही भाजपा, अंदरूनी रिपोर्ट से कांप भी रही भाजपा!

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Ranchi: लोकसभा चुनाव को देखते हुए भाजपा भी हवा का रुख भांप रही है. वहीं विपक्ष के महागठबंधन में सेंधमारी की भी कवायद शुरू कर दी है. भाजपा फिलहाल खूंटी और जमशेदपुर सीट को सबसे सेफ मान रही है. शेष सीटों पर नये चेहरे को भी मौका देने की बात सामने आ रही है. भले ही बीजेपी आनेवाले चुनाव में भारी जीत का दावा कर रही है, लेकिन अंदर खाने में खबर है कि दो ही सीट पर भाजपा मजबूत नजर आ रही है, जिसकी जानकारी पार्टी के रणनीतिकारों को भी है.

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इधर पार्टी सूत्रों के मुताबिक, खूंटी लोकसभा सीट से पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा को मैदान में उतारा जा सकता है. हालांकि इस सीट से वर्तमान सांसद कड़िया मुंडा सात बार चुनाव जीत चुके हैं. लेकिन कड़िया मुंडा को बड़ा ओहदा देने की बात की जा रही है. साथ ही कड़िया मुंडा की उम्र को भी आधार बनाया जा रहा है.

अर्जुन मुंडा को केंद्र में भेजने की है कवायद

पार्टी सूत्रों के मुताबिक, खूंटी लोकसभा सीट के अंतर्गत आनेवाली खरसावां विधानसभा सीट से अर्जुन मुंडा चुनाव लड़ते रहे हैं. वह पिछले विधानसभा चुनाव में अपनी सीट नहीं बचा सके थे. खरसावां से उन्हें हार का सामना करना पड़ा था. इसलिए पार्टी अर्जुन मुंडा को केंद्र में भेजने के लिए खूंटी सीट को ही उपयुक्त समझ रही है. ऐसे में अर्जुन मुंडा को वहां से उम्मीदवार बनाये जाने की संभावना प्रबल है.

नीलकंठ भी तलाश रहे हैं जगह

वर्तमान राज्य सरकार में ग्रामीण विकास मंत्री नीलकंठ सिंह मुंडा भी अपनी जगह तलाश रहे हैं. वजह यह है कि नीलकंठ सिंह मुंडा भी लोकसभा चुनाव में अपनी किस्मत आजमाना चाहते हैं. इसके लिए पार्टी के एक पूर्व राज्यसभा सांसद पैरवी भी कर रहे हैं. वहीं, एक बाधा यह भी है कि अगर कड़िया मुंडा की सहमति से इस सीट से उम्मीदवार उतारा जाता है, तो कड़िया मुंडा अपने उत्तराधिकारी के रूप में कोचे मुंडा का नाम सामने लायेंगे. ऐसे में नीलकंठ और अर्जुन मुंडा दोनों की दावेदारी में बाधा आ सकती है.

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विपक्ष भी खूंटी का अभेद किला भेदना चाहता है

विपक्षी दलो में भी खूंटी के किले को भेदने की कवायद शुरू हो गयी है. अगर विपक्षी दलों का महागठबंधन होता है, तो ऐसे में खूंटी सीट कांग्रेस के खाते में जा सकती है. तब उम्मीदवार प्रदीप बलमुचू बनाये जा सकते हैं. वैसे रेस में कालीचरण मुंडा का नाम भी चल रहा है. पार्टी द्वारा तीसरे नाम पर भी विचार किया जा रहा है. वहीं, अगर यह सीट झारखंड मुक्ति मोर्चा अपने पाले में कर पाता है, तो सीट से एजरा बोदरा को उम्मीदवार बनाया जा सकता है. ऐसे में तोरपा विधायक पौलुस सुरीन की एमपी बनने की इच्छा धरी की धरी रह जायेगी. वहीं, गठबंधन की ओर से बीजेपी को पटखनी देने के लिए अंदर खाने यह भी बात चल रही है कि एक सामाजिक कार्यकर्ता को टिकट खूंटी से विपक्ष का उम्मीदवार बनाया जाये.

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कब-किसने खूंटी लोकसभा सीट का किया प्रतिनिधित्व

1952 जयपाल सिंह मुंडा -कांग्रेस
1957 जयपाल सिंह मुंडा -कांग्रेस
1962 जयपाल सिंह मुंडा -कांग्रेस
1971 एनई होरो -झारखंड पार्टी
1977 कड़िया मुंडा- जनता पार्टी
1980- एनई होरो -झारखंड पार्टी
1984-सीमन तिग्गा- कांग्रेस
1989- कड़िया मुंडा- भाजपा
1991- कड़िया मुंडा- भाजपा
1996- कड़िया मुंडा- भाजपा
1998- कड़िया मुंडा- भाजपा
1999- कड़िया मुंडा- भाजपा
2004- सुशीला केरकेट्टा- कांग्रेस
2009- कड़िया मुंडा- भाजपा
2014- कड़िया मुंडा- भाजपा

पिछले चार लोकसभा चुनावों में खूंटी सीट से किस पार्टी को कितने वोट मिले

1999 में हुई 13वीं लोकसभा चुनाव में खूंटी लोकसभा में कुल मतदाताओं की संख्या 832168 थी. जिसमें से 404838 मतदाताओं ने मतदान किया. मतदान का प्रतिशत 49.52 था. कड़िया मुंडा 187484 वोट लाकर विजय हुए. उन्हें कुल मत का 40.31 प्रतिशत मत मिले. वही सुशीला केरकेट्टा कांग्रेस की उम्मीदवार दूसरे स्थान पर रहीं. उन्हें 16 12 22 वोट मिले. जबकि झारखंड पार्टी उम्मीदवार एनई होरो को 13 प्रतिशत मत मिले.

2004 में 14वीं लोकसभा चुनाव में खूंटी सीट पर हुए मतदान में 490772 मतदाताओं ने हिस्सा लिया. सुशीला केरकेट्टा कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में विजय हुईं. जिन्हें 218158 वोट मिले. वहीं दूसरे स्थान पर भारतीय जनता पार्टी के कड़िया मुंडा रहे. उन्हें मात्र 166932 मत मिले और तीसरे स्थान पर रहे झारखंड पार्टी के उम्मीदवार.

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15वीं लोकसभा का चुनाव 2009 में हुआ था. खूंटी सीट पर कुल मतदाताओं की संख्या 980868 थी.  जिनमें से 510343 मतदाताओं ने मतदान किया. इस चुनाव में 9 उम्मीदवारों ने अपना भाग्य आजमाया, जिसमें कड़िया मुंडा विजय हुए. कड़िया मुंडा को 41.19 प्रतिशत मत मिले. दूसरे स्थान में कांग्रेस के नियल तिर्की रहें और 25.48 प्रतिशत वोट मिले. वहीं निशिकांत होरो झारखंड पार्टी के उम्मीदवार तीसरे स्थान पर रहे.  उन्हें 16.46 प्रतिशत मत मिला.

16वीं लोकसभा के लिए हुए आम चुनाव 2014 में खूंटी सीट में मतदाताओं की संख्या काफी बढ़ गई थी. कुल मतदाताओं की संख्या 1111856 थी. जिसमें से 7 3 6 9 55 मतदाताओं ने वोट डाले. वहीं 15 उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे. कड़िया मुंडा ने सातवीं बार खूंटी सीट का प्रतिनिधित्व करते हुए चुनाव जीता. उन्हें 269185 मत मिले, जो कि कुल मतदान का 36.49 प्रतिशत था. वहीं झारखंड पार्टी उम्मीदवार के रूप में एनोस एक्का को 176937 मत मिले, जो मतदान का 23.99 प्रतिशत था. जबकि तीसरे स्थान पर कांग्रेसी उम्मीदवार कालीचरण मुंडा रहे. उन्हें 147017 वोट मिले, जो मतदान का 19.93 प्रतिशत था.

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