BusinessNationalNEWS

GDP: गौतम अदाणी ने कहा, 2050 तक भारत दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होगी

New Delhi: एशिया के सबसे धनी व्यक्ति गौतम अदाणी ने शनिवार को कहा है कि भारत को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने में 58 साल लगे थे पर अब हर 12 से 18 महीने में जीडीपी में इतने की बराबर का योगदान बढ़ेगा. उन्होंने कहा है कि भारत 2050 तक दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होगी. 21 वें वर्ल्ड कांग्रेस ऑफ अकाउंटेंट्स के दौरान बोलते हुए उन्होंने कहा कि भारत की बढ़ती अर्थव्यवस्था की नींव प्रासंगिक हो सकती है और देश में बहुमत वाली सरकार ने राजनीतिक और प्रशासनिक व्यवस्था में कई संरचनात्मक सुधार करने की क्षमता विकसित की है.  उन्होंने कहा कि देश की जीडीपी में पहला ट्रिलियन डॉलर का लक्ष्य हासिल करने में हमें 58 वर्ष लग गए पर आने वाले 12 वर्षों में ही हम इसमें दूसरा ट्रिलियन जोड़ देंगे. अदाणी ने कहा कि उसके अगले पांच वर्षों में ही हम अपनी जीडीपी में तीसरा ट्रिलियन डॉलर भी जोड़ पाने में सक्षम होंगे.
 इसे भी पढ़ें: 31 दिसंबर 2019 के पूर्व निर्मित आवासीय और गैर आवासीय भवन होंगे नियमित

अदाणी ने कहा कि जिस गति से सरकार सामाजिक और आर्थिक सुधारों का क्रियान्वयन कर रही है, मुझे उम्मीद है कि अगले एक दशक के भीतर भारत हर 12 से 18 महीने में भारत अपने सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में एक ट्रिलियन डॉलर का योगदान जोड़ने में सक्षम होगा. इससे हमारी अर्थव्यवस्था पटरी पर आ जाएगी. ऐसे में, हम वर्ष 2050 तक 30 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनने में सक्षम होंगे.  एक के बाद एक आए वैश्विक संकटों ने दुनिया में कई धारणाओं को चुनौती दी है. इनमें चीन को पश्चिमी लोकतांत्रिक मूल्यों को अपनाना चाहिए, धर्मनिरपेक्षता का सिद्धांत सार्वभौमिक हैं, यूरोपीय संघ एक साथ रहेगा और रूस को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भूमिका सीमित करने के लिए दबाब बनाया जाएगा जैसी धारणाएं शामिल हैं.

उन्होंने कहा कि इस बहुस्तरीय संकट ने महाशक्तियों की एकध्रुवीय या द्विध्रुववीय दुनिया के मिथक को भी तोड़ दिया है. दुनिया के महाशक्तियों के लिए अब किसी मामले में दखल देना और उसका अपने हिसाब से समाधान निकाल लेना जैसी बातें अब कठिन हो गईं हैं.
अदाणी ने कहा, ‘इस उभरती हुई बहुध्रुवीय दुनिया में महाशक्तियों को ऐसा होने की आवश्यकता जो एक संकट के समय में कदम बढ़ाकर दूसरों की मदद करने की जिम्मेदारी लें. ऐसे समय में वे राष्ट्र महाशक्ति होंगे जो अन्य राष्ट्रों को अधीनता के लिए ना धमकाएं और मानवता का अपने सबसे प्रमुख संचालन सिद्धांत के रूप में पालन करें.’

Related Articles

Back to top button