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दूसरी तिमाही के जीडीपी आंकड़े आज आयेंगे सामने… आर्थिक मंदी की गिरफ्त में देश!

ज्यादातर एजेंसियों का जीडीपी में 5 से 10 फीसदी गिरावट का अनुमान है. अगर ऐसा हुआ तो तकनीकी रूप से यह मान लिया जायेगा कि भारत में मंदी आ चुकी है. 

NewDelhi :  वित्त वर्ष 2020-21 की दूसरी तिमाही (सितंबर में खत्म तिमाही) के लिए सरकार आज शुक्रवार को सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के आंकड़े जारी करेगी. खबर है कि सरकारी संस्था एनएसओ आज शाम दूसरी तिमाही,जुलाई-सितंबर का GDP आंकड़ा जारी करेगी.

ज्यादातर एजेंसियों का जीडीपी में 5 से 10 फीसदी गिरावट का अनुमान है. अगर ऐसा हुआ तो तकनीकी रूप से यह मान लिया जायेगा कि भारत में मंदी आ चुकी है.

जान लें कि हाल में आरबीआई के एक अधिकारी ने कहा  था कि इस तरह लगातार दो तिमाहियों में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में गिरावट के साथ देश पहली बार मंदी के चक्र में फंस गया है.

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जीडीपी में 5 से 10 फीसदी की गिरावट भी राहत की बात होगी

जीडीपी में 5 से 10 फीसदी की गिरावट भी राहत की बात होगी, क्योंकि इसकी पिछली तिमाही यानी जून की तिमाही में भारतीय अर्थव्यवस्था में करीब 24 फीसदी की भारी गिरावट आ चुकी है. त्योहारी सीजन में बढ़ी मांग और लॉकडाउन के बाद आर्थिक गतिविधियों में सुधार की वजह से जीडीपी की ​गिरावट का आंकड़ा घट सकता है.

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इतिहास में पहली बार मंदी

ज्यादातर अर्थशास्त्रियों और रेटिंग एजेंसियों ने सितंबर तिमाही में जीडीपी 5 से 10 फीसदी तक नेगेटिव रहने यानी इसमें गिरावट का अनुमान लगाया है. यानी तकनीकी रूप से भारत में मंदी आ जायेगी. भारतीय रिजर्व बैंक के इकोरैप रिपोर्ट के अनुसार इतिहास में पहली बार भारत तकनीकी रूप से मंदी में प्रवेश कर चुका है. रिजर्व बैंक ने सितंबर तिमाही में जीडीपी में 8.6 फीसदी की गिरावट का अनुमान लगाया है.

अर्थव्यवस्था में मान्य परिभाषा के अनुसार अगर किसी देश की जीडीपी लगातार दो तिमाही निगेटिव में रहती है यानी ग्रोथ की बजाय उसमें गिरावट आती है तो इसे मंदी की हालत मान ली जाती है. इस हिसाब से अगर दूसरी तिमाही में भारत की जीडीपी वास्तव में निगेटिव रही तो यह कहा जा सकता है कि देश में मंदी आ चुकी है.

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