न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

जनता मजदूर संघ के श्रमिक नेता गया प्रताप सिंह का निधन

शनिवार को बनारस में इलाज के दौरान हुई मौत, रविवार को होगा अंतिम संस्‍कार

124

Jhariya (Dhanbad) :  जनता मजदूर संघ के युवा और जुझारू नेता गया प्रताप सिंह का बनारस में इलाज के दौरान निधन हो गया. कुछ दिन पहले वैष्‍णो देवी से लौटने के क्रम में उनकी तबीयत खराब हो गयी थी. इसके बाद इलाज के लिए उन्‍हें बनारस के हैरिटेक अस्‍पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गयी.

इसे भी पढ़ें-चार माह में रिकॉर्ड 413 अफसर बदले, 40 IAS भी इधर से उधर, हर दिन औसतन दो ऑफिसर का हुआ ट्रांसफर

विधायक संजीव सिंह के माने जाते थे करीबी

गया प्रताप सिंह के आकस्मिक निधन की खबर कोयलांचल में आग की तरह फ़ैल गयी. गया सिंह झरिया के युवा और चर्चित नेता थे. सिंह कई सालों से जनता मजदूर संघ कुंती गुट के साथ जुड़े हुए थे. झरिया के शिमलाबहाल, राजापुर कोलयरी तथा बीएनआर साइडिंग में गया सिंह की अच्छी वर्चस्व थी. गया सिंह जनता मजदूर संघ और सिंह मेंशन के काफी करीबी रहे चुके थे, लेकिन बीच में कुछ विवादों को लेकर गया सिंह ने जनता मजदूर संघ छोड़ दिया था. जनता मजदूर संघ छोड़ने के बाद गया सिंह जेवीएम समेत कई दूसरे यूनियन से जुड़े और फिर अपनी अलग पहचान बनाई.

काफी दिन दूसरे यूनियन से जुड़ने के बाद फिर से जनता मजदूर संघ ने गया सिंह को अपने यूनियन में आने के लिए न्योता दिया. सिंह ने भी फिर से जनता मजदूर संघ का दामन थामा और बीजेपी में शामिल हो गए. वे झरिया विधायक संजीव सिंह के काफी करीब रहने लगे. जिसे लेकर नीरज सिंह हत्याकांड में इनका का भी नाम आया था.

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.

हमें सपोर्ट करें
स्वंतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता का संकट लगातार गहराता जा रहा है. भारत के लोकतंत्र के लिए यह एक गंभीर और खतरनाक स्थिति है.इस हालात ने पत्रकारों और पाठकों के महत्व को लगातार कम किया है और कारपोरेट तथा सत्ता संस्थानों के हितों को ज्यादा मजबूत बना दिया है. मीडिया संथानों पर या तो मालिकों, किसी पार्टी या नेता या विज्ञापनदाताओं का वर्चस्व हो गया है. इस दौर में जनसरोकार के सवाल ओझल हो गए हैं और प्रायोजित या पेड या फेक न्यूज का असर गहरा गया है. कारपोरेट, विज्ञानपदाताओं और सरकारों पर बढ़ती निर्भरता के कारण मीडिया की स्वायत्त निर्णय लेने की स्वतंत्रता खत्म सी हो गयी है.न्यूजविंग इस चुनौतीपूर्ण दौर में सरोकार की पत्रकारिता पूरी स्वायत्तता के साथ कर रहा है. लेकिन इसके लिए जरूरी है कि इसमें आप सब का सक्रिय सहभाग और सहयोग हो ताकि बाजार की ताकतों के दबाव का मुकाबला किया जाए और पत्रकारिता के मूल्यों की रक्षा करते हुए जनहित के सवालों पर किसी तरह का समझौता नहीं किया जाए. हमने पिछले डेढ़ साल में बिना दबाव में आए पत्रकारिता के मूल्यों को जीवित रखा है. इसे मजबूत करने के लिए हमने तय किया है कि विज्ञापनों पर हमारी निभर्रता किसी भी हालत में 20 प्रतिशत से ज्यादा नहीं हो. इस अभियान को मजबूत करने के लिए हमें आपसे आर्थिक सहयोग की जरूरत होगी. हमें पूरा भरोसा है कि पत्रकारिता के इस प्रयोग में आप हमें खुल कर मदद करेंगे. हमें न्यूयनतम 10 रुपए और अधिकतम 5000 रुपए से आप सहयोग दें. हमारा वादा है कि हम आपके विश्वास पर खरा साबित होंगे और दबावों के इस दौर में पत्रकारिता के जनहितस्वर को बुलंद रखेंगे.

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

Open

Close
%d bloggers like this: