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भू-माफिया का गया जिले में बोलबाला, 2008 में प्रशासन ने दिया 48 घंटे में टावर हटाने का आदेश, 10 साल बीते टावर जस-का-तस

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Gaya: गया जिले में भू-माफिया प्रशासन को कितनी अहमियत देते हैं, यह उस आदेश से समझ में आता है, जिसमें सर्कल अफसर (सीओ) ने 2008 में टिकारी अनुमंडल के टिकारी नगरपंचयात के मोहल्ला रिकाबगंज, वार्ड नंबर सात से एक निजी टेलीकॉम कंपनी के टावर को 48 घंटे के अंदर हटाने का आदेश दिया था और दस साल हो गए टावर वहीं का वहीं है. डीएम के उस आदेश को भूमाफिया के साथ-साथ प्रशासनिक अधिकारियों ने क्यों हल्के में लिया, यह सहज ही समझ में आता है. बात यहीं खत्म नहीं होती है, तत्कालीन डीएम के आदेश पर प्रशासन ने व्यवहार न्यायालय में केस किया. लेकिन खुद प्रशासन ने इसकी सुनवाई में कोई रुचि‍ नहीं दिखायी. आखिर में 21 नवंबर 2011 में कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि प्रशासन की तरफ से मामले को लेकर कोई दिलचस्पी नहीं है. इसलिए केस खारिज किया जाता है. ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि डीएम के आदेश के बाद भी सीओ टेकारी और जिला अपर समाहर्ता (एसी) जिन्होंने मामले को डीएम के निर्देश पर कोर्ट में लाया था. खुद मैनेज हो गए. नतीजा कि वो टावर आज भी वहां खड़ा प्रशासन की काहिलियत और भू-माफिया की ताकत को लोगों तक पहुंचाने का काम कर रहा है.

सरकारी जमीन पर लगा है टावर और रेंट वसूल रहे हैं जनाब

टिकारी अनुमंडल मुख्यालय के टिकारी नगर पंचायत स्थित मोहल्ला रिकाबगंज वार्ड न.7 में लगा निजी टेलिकॉम कंपनी का टावर सरकारी जमीन पर है. जहां टावर लगा है वो भू-भाग पहले प्लॉट न. 2656 था. अब नये सर्वे के बाद वो भू-भाग 75 का अंशभाग प्लॉट न. 67(घ) है. इस प्लॉट पर अरविंद कुमार और रामाशीष शर्मा ने बिना एनओसी लिए कंपनी से करार कर टावर लगा लिया. 2008 से लेकर अब-तक ये दोनों ही टावर वहां लगाने के बाद से किराया वसूल रहे हैं. जबकि सीओ टिकारी ने 18 फरवरी 2008 को ही इस टावर को 48 घंटे के अंदर हटाने का निर्देश दिया था. इस मामले को लेकर रेट वसूल करने वाले लोगों को प्रशासन की तरफ से सीओ ने नोटिस भी जारी किया था. लेकिन आज भी वो टावर जस का तस वहीं खड़ा है. एक तौर से देखा जाए तो यह सरकारी राजस्व का सरासर लूट है और प्रशासन चुप हो कर तमाशा देख रहा है.

रिहायसी इलाके में टावर लगना दे रहा है बीमारियों को बुलावा

टिकारी में जिस जगह यह टावर भू-माफिया की वजह से लगा है, उसके आस-पास के लोग बीमार पड़ रहे हैं. टावर से निकल रहे रेडिएशन को लेकर कई तरह के शोध हुए हैं. शोध में यह साबित हुआ है कि मोबाइल टावर अपने 400 मीटर के दायरे तक खतरनाक इलेक्ट्रोमेग्नेटिक रेडिएशन फैला सकता है. दुनिया के कई देशों में हुई रिसर्च रिपोर्ट्स बताती हैं कि मोबाइल टावर लगातार एक ही स्थान पर चार साल तक लगा रहता है, तो उससे निकलने वाले इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशन 400 मीटर की रेंज तक कम रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले मनुष्यों को कैंसर का रोगी बना सकते हैं. टावर से निकला रेडिएशन शरीर के डीएनए पर डायरेक्ट अटैक करता है. रेडिएशन की वजह से शरीर के जींस में बदलाव आ जाते हैं. इसके कारण ही कैंसर जैसी गंभीर बीमारी हो जाती है.

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