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झरिया के अग्नि प्रभावित क्षेत्र में बिछायी जा रही गैस पाइपलाइन, कह रहे लोग- सरकारी राशि का है दुरुपयोग

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Ranjit Kumar Singh

Dhanbad : झरिया की दरकी हुई धरती से आग का निकलना, गैस रिसाव और भू धंसान की समस्या आम है. यहां की बड़ी आबादी विस्थापन की कगार पर है. जो यहां रह भी रहे हैं, वे डर के साये में ही अपना जीवन बसर करने को मजबूर हैं. इसके बावजूद यहां गेल कंपनी की ओर से गैस पाइप लाइन बिछाने का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है.

लोगों के घरों तक पाइप लाइन के जरिये गैस पहुंचाना भारत सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट है. लेकिन झरिया के लोगों के मन में इस ड्रीम प्रोजेक्ट को लेकर कई सवाल और संदेह हैं.

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अभी फ्री में दिया जा रहा है कनेक्शन

गैस पाइप लाइन बिछाने का काम कर रहे कर्मी लोगों के घर-घर जाकर कह रहे हैं कि अभी पाइप लाइन के जरिये कनेक्शन ले लो. साल भर बाद जब गैस आने लगेगी, तो इसके पैसे लगेंगे.

झरिया के अग्नि प्रभावित क्षेत्र में बिछायी जा रही गैस पाइपलाइन,  कह रहे लोग- सरकारी राशि का है दुरुपयोग
गैस पाइपलाइन बिछाने का काम करते मजदूर

गैस पाइप लाइन का काम कर रहे कर्मी अरुण कुमार मंडल ने कहा कि अभी कनेक्शन फ्री में दिया जा रहा है, लेकिन जब साल भर बाद गैस मिलने लगेगी तो इसके पैसे लगेंगे.

गैस पाइप लाइन का कोई हिस्सा आग की चपेट में आ गया तो क्या होगा?

वहीं कांग्रेस नेता शमशेर आलम इन बातों से इत्तफाक नहीं रखते. वे कहते हैं कि झरिया वर्षों से आग की आगोश में है. ऐसे में यहां गैस पाइप लाइन बिछाने का काम किया जा रहा है. क्या यह किसी बड़े हादसे को न्योता देने के बराबर नहीं है?

सात ही कहा कि अगर पाइप लाइन का कोई हिस्सा भूधंसान या आग की चपेट में आ गया तो सोचिए क्या होगा? क्या यह केंद्र सरकार के पैसों का दुरुपयोग नहीं है?

कांग्रेस नेता शमशेर आलम कहते हैं कि अगर केंद्र सरकार जनता के हित में काम करना चाहती है तो वे पहले झरिया की बेकाबू आग को काबू में करने की कोशिश करे. इसके अलावा उन्होंने कहा कि झरिया में गैस पाइप लाइन बिछाने का सरकार का फैसला गलत है.

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गेल कंपनी एनओसी लेकर करती है काम : डीसी

इस संबंध में धनबाद उपायुक्त अमित कुमार ने कहा कि गेल के माध्यम से जितने भी कार्य होते हैं वे एनओसी के माध्यम से ही होते हैं. उन्होंने माना कि झरिया अग्नि प्रभावित क्षेत्र है, लेकिन गेल के जितने भी एजेंसी हैं, वे प्रॉपर तरीके से एनओसी लेकर ही काम कर रहे हैं.

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