Palamu

गढवा : जलावन की लकड़ी लेने जंगल गए दंपती की मधुमक्खियों के हमले में मौत

Palamu : पलामू प्रमंडल के गढ़वा जिले में मधुमक्खियों के हमले में दंपति की मौत हो गयी. दोनों रसोई गैस नहीं रहने पर जलावन के लिए महुदंड के जंगल में लकड़ी लेने गए थे. मृतकों में नंदू पासवान और मीना देवी शामिल है. घटना के बाद से परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है. प्रभावित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की गयी है.

इसे भी पढ़ें :ड्रग्स मामले में NCB की बड़ी कार्रवाई, बड़ी मात्रा में ड्रग्स बरामद, तीन आरोपी गिरफ्तार

 

गढ़वा सदर अस्पताल में ईलाज के दौरान हुई मौत

गढ़वा जिले के डंडई प्रखंड के जरही निवासी नंदू पासवान (57वर्ष) और उनकी पत्नी मीना देवी (55वर्ष) जलावन के लिए लकड़ी लेने गांव से सटे महुदंड जंगल गए थे. अचानक उनपर मधुमक्खियों के झुंड ने हमला बोल दिया. दोनों को जहां तहां डंक मारा. इससे दोनों गंभीर हो गए. किसी तरह जंगल से भागते हुए गांव में पहुंचे. यहां गंभीर स्थिति में दोनों को इलाज के लिए गढ़वा सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया. जहां मीना देवी डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया, जबकि कुछ देर इलाज चलने के बाद नंदू पासवान ने भी दम तोड़ दिया.

इसे भी पढ़ें :क्या कृषि क्षेत्र का नया बदलाव देश के किसानों को सिर्फ मजदूर व गुलाम बना देगा

 

पड़ोसियों के साथ महुदंड के जंगल गए थे

मधुमक्खियों के हमले के बाद भाग नहीं पाएमृतक के पुत्र जितेंद्र कुमार पासवान ने बताया कि उसके माता-पिता जलावन की लकड़ी लेने महुदंड के जंगल में गुरूवार को गए थे. उनके साथ कई पड़ोसी भी गए थे. लकड़ी इकट्ठा करने के बाद वे एक पेड़ के नीचे छांव में आराम करने लगे. घर से लाए सत्तू बनाकर खाने बैठे, तभी एक मधुमक्खी मीना के सिर पर आकर बैठ गई. उसे हटाने की कोशिश में मधुमक्खियों के झुंड ने दोनों पर हमला कर दिया. पति-पत्नी वहां से भाग नहीं पाए. जबकि, दूसरे लोगों ने भागकर जान बचाई.मृतक के बेटे ने बताया कि पिता और मां मधुमक्खियों के हमले में बुरी तरह घायल हो गए थे. दोनों को सदर अस्पताल गढ़वा ले गए. वहां मां को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया गया. पिता की भी थोड़ी देर बाद इलाज के दौरान मौत हो गई.

रसोई गैस का कनेक्शन था पर सिलेंडर भराने के पैसे नहीं थे

जरही के मुखिया संतोष गुप्ता ने कहा कि नंदू पासवान का परिवार काफी गरीब है. उसके पास रसोई गैस सिलेंडर तो है, लेकिन गैस भराने के पैसे नहीं थे. इस कारण अन्य लोगों के साथ जलावन के लिए लकड़ी लेने जंगल गए थे.

इसे भी पढ़ें :बिहारः उद्घाटन से पहले ही बह गया 1.42 करोड़ की लगात से किशनगंज में बन रहा पुल

Advertisement

Related Articles

Back to top button
%d bloggers like this: