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गढ़वाःअसमाजिक तत्वों ने तोड़ी ‘बाबा साहब’ की प्रतिमा, लोगों ने किया सड़क जाम

Garhwa : भारतीय संविधान के निर्माता बाबा साहेब भीम राव अंबेडकर समाज के सभी वर्गों के चहेते हैं. उनकी लोकप्रियता का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि पलामू प्रमंडल सहित हर जगह चैक-चैराहों पर उनकी प्रतिमा स्थापित है. जन्म दिवस और पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धा से याद किया जाता है. लेकिन सार्वजनिक जगहों पर स्थापित प्रतिमाओं से छेड़छाड़ कर कभी-कभी शरारती तत्व ऐसा कुछ कर जाते हैं, जिससे विवाद की स्थिति उत्पन्न हो जाती है. पलामू प्रमंडल के गढ़वा जिले में कुछ इसी तरह की घटना सामने आयी है. 22-23 फरवरी की रात डाकघर के सामने स्थापित बाबा साहब की प्रतिमा को लगातार क्षतिग्रस्त किये जाने के बाद लोग भड़क गये हैं और कार्रवाई की मांग को लेकर सड़क जाम कर धरना पर बैठक गये हैं. पिछले सात घंटे से सड़क जाम है.

रंका मोड़ जाम कर प्रदर्शन

प्रतिमा तोड़े जाने से आक्रोशित लोगों ने गढ़वा जिले के रंका मोड़ (सहिजना मोड़) को जाम कर दिया है और धरना दे रहे हैं. घटना के बाद सभी दलों के नेताओं-कार्यकर्ताओं के साथ-साथ सरकारी कर्मी और आम लोग गुस्से में हैं. प्रतिमा तोड़ने वालों पर कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन किया. बाद में रंका मोड़ को जाम कर धरना पर बैठ गये. जाम शनिवार की सुबह सात बजे से लगा हुआ है. जाम में दर्जनों वाहन फंसे हुए हैं. प्रदर्शनकारी गढ़वा के उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक को जाम स्थल पर बुलाने की मांग पर अड़े हैं. लेकिन समाचार लिखे जाने तक दोनों अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे थे.

एसडीओ और एसडीपीओ का आश्वासन बेअसर

जाम की सूचना मिलने पर गढ़वा के एसडीओ प्रदीप कुमार और एसडीपीओ ओमप्रकाश तिवारी, डीएसपी मुख्यालय संदीप गुप्ता पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. उन्होंने कई बार प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की, लेकिन लोग उपायुक्त और एसपी को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े हुए हैं. सड़क की दोनों ओर लंबी दूरी तक दर्जनों वाहन फंसे हुए हैं. यात्री और आम लोग परेशान हैं.

प्रतिमा को पहले भी पहुंचाया गया है नुकसान 

गढ़वा में डाकघर के सामने स्थापित बाबासाहेब अंबेडकर की प्रतिमा को शरारती तत्वों ने एक हाथ तोड़ दिया है और चेहरे को भी नुकसान पहुंचाया है. पहले भी बाबासाहेब अंबेडकर के हाथ की उंगली तोड़ी गयी थी, जिसकी प्राथमिकी भी दर्ज कराई गयी थी और विरोध प्रदर्शन भी हुए थे. जिला प्रशासन के द्वारा प्रतिमा के हिफाजत करने का आश्वासन दिया गया था. दोषियों पर कार्रवाई करने की बात कही गयी थी. साथ ही साथ बाबा साहेब की प्रतिमा की निगरानी सीसीटीवी कैमरा से करने की बात कही गयी थी, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ.

कौन-कौन रहे सड़क-जाम और प्रदर्शन में

सड़क जाम कर आंदोलन चलाने वालों में सरकारी शिक्षक धर्मराज भारती, अरविंद राम, श्रवण राम, कर्मचारी नथुनी राम, सेवानिवृत शिक्षक अशर्फी राम के अलावा भाजपा से जवाहर पासवान, राजद से शंभु चंद्रवंशी बसपा से छुन्नू कुरैशी, कांग्रेस से विजय राम, कल्याणपुर मुखिया विनोद चंद्रवंशी, झाविमो के गढ़वा जिला अध्यक्ष सूरज गुप्ता, कांग्रेस जिला अध्यक्ष अरविंद तूफानी, माले से सुषमा मेहता और कालीचरण मेहता शामिल हैं.

घटना की कड़ी निंदा, ठोस निर्णय पर पहल की मांग

आंदोलनकारियों ने एक स्वर में घटना की कड़ी निंदा की और प्रशासन से इस दिशा में ठोस कार्रवाई करने की मांग की गयी है. क्षतिग्रस्त प्रतिमा को बदलकर नया प्रतिमा लगाने और दोषियों को चिन्हित कर गिरफ्तार करने और उनपर देशद्रोह का मुकदमा करने व बाबासाहेब अंबेडकर सहित सभी महापुरुषों की प्रतिमा की सुरक्षा के लिए जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की गयी. प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि प्रशासन की लापरवाही से दूसरी बार प्रतिमा को नुकसान पहुंचाया गया है. अगर प्रशासन सचेत नहीं हुआ तो अगली बार असमाजिक तत्व प्रतिमा को ही गायब कर देंगे.

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