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Garhwa: प्रवासी मजदूरों ने सड़ा हुआ खाद्यान्न का पैकेट लेने से किया इनकार, प्रखंड परिसर में ही फेंका

Garhwa: सरकार द्वारा लॉकडाउन के दौरान प्रवासी मजदूरों को दिया जाने वाला खाद्यान्न मेराल ब्लॉक में सरकारी व्यवस्था की भेंट चढ रहा है. सोमवार को प्रखंड कार्यालय पर खाद्यान्न लेने आये ग्राम पंचायत मेराल पूर्वी के करीब एक दर्जन प्रवासी मजदूरों ने सड़ा हुआ खाद्यान्न लेने से इनकार करते हुए कार्यालय परिसर में ही फेंक दिया.

प्रवासी मजदूरों का कहना है कि सरकार द्वारा दिया जा रहा खाद्यान्न का किट जिसमें चावल, दाल आलू तेल रिफाइन तेल है, उससे दुर्गंध आ रही है तथा कीड़े लगे हुए हैं. इस दौरान करीब 40 की संख्या में पहुंचे प्रवासी मजदूरों ने आक्रोश जताते हुए मौके पर मौजूद मुखिया पति विजय प्रसाद को खरी-खोटी भी सुनायी.

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दुर्गंध आने पर फेंक दिया खाद्यान्न

मुखिया पति विजय प्रसाद की उपस्थिति में जैसे ही मजदूरों को खाद्यान्न दिया गया, उसी दौरान दुर्गंध दे रहे सड़े हुआ खाद्यान्न को प्रखंड परिसर में ही फेंक दिया. लोगों का कहना था कि काफी दिनों पहले चावल के साथ दाल, आलू आदि एक साथ प्लास्टिक के बोरे में पैक किया गया जिसके चलते सारे पैकेट का खाद्यान्न सड़ गया है.

लोगों का यह भी आरोप था कि काफी दिनों पहले पैक किया हुआ खाद्यान्न प्रवासी मजदूरों को नहीं देकर गोदाम में बंद कर रखा गया.

भाजपा नेता ने दर्ज किया विरोध

मौके पर उपस्थित भाजपा नेता एवं पूर्व विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी के मेराल प्रखंड प्रतिनिधि कुंदन चंद्रवंशी ने मजदूरों को कीड़ा लगा हुआ चावल देने का विरोध किया. चंद्रवंशी का आरोप है कि अधिकारियों एवं प्रतिनिधियों द्वारा समय पर खाद्यान्न वितरण नहीं किये जाने के कारण बड़ी मात्रा में खाद्यान्न का पैकेट बर्बाद हो गया. चंद्रवंशी ने प्रवासी मजदूरों को सड़ा हुआ अनाज के बदले नया पैकेट देने तथा इसकी जांच करा कर दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग की है.

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40 मजदूर आये थे खाद्यान्न लेने: मुखिया

इस संबंध में पूछे जाने पर मेराल पूर्वी पंचायत की मुखिया इंदु देवी का कहना है कि सोमवार को करीब 40 प्रवासी मजदूर खाद्यान्न के लिए पहुंचे थे. प्रखंड मुख्यालय में रखा खाद्यान्न जब उनको दिया गया तो बड़ी संख्या में मजदूरों ने खाद्यान्न में कीड़ा लगे होने की शिकायत करते हुए उसे लेने से इनकार कर दिया.

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