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#Garhwa: 14वें वित्त आयोग में 27 लाख रुपये की हेराफेरी, मुखिया सहित पांच लोगों पर एफआइआर दर्ज

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Garhwa: पलामू प्रमंडल में चल रही विकास योजनाओं में लगातार गड़बड़ी सामने आ रही है. लाखों की हेराफेरी हो रही है. लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण ऐसे मामले लगातार सामने आ रहे हैं. ताजा मामला गढ़वा जिले से सामने आया है.

गढ़वा जिले के बरडीहा प्रखंड अंतर्गत सुखनदी पंचायत में 14वें वित्त की राशि में गड़बड़ी की बात सामने आयी है. लगभग 27 लाख 91 हजार 700 रुपये की राशि की हेराफेरी हुई है.

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इस मामले में सुखनदी पंचायत के पंचायत सचिव संतोष कुमार यादव ने बरडीहा थाने में पंचायत के मुखिया दिलीप रजवार एवं उनके सहयोगी यशवंत ठाकुर, अरविंद राम, जितेंद्र राम एवं सत्यनारायण राम के विरुद्ध एफआइआर दर्ज करायी है.

पंचायत सचिव ने आवेदन में उल्लेख किया है कि सुखनदी पंचायत के मुखिया दिलीप रजवार के द्वारा फर्जी चेक के माध्यम से 14वें वित्त आयोग की राशि की निकासी कर यशवंत ठाकुर, अरविंद राम, जितेंद्र राम एवं सत्यनारायण राम के खाते में फर्जी तरीके से चेक के माध्यम से ट्रांसफर किया गया है.

बरडीहा के बीडीओ नंद जी राम, हेड क्लर्क प्रमोद पांडेय द्वारा एसबीआइ बरडीहा ब्रांच के मैनेजर राजीव कुमार के साथ मिलकर की गयी.

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जांच पड़ताल के पश्चात सुखनदी पंचायत में 14वें वित्त आयोग की राशि में हेराफेरी की पुष्टि हुई है. बीडीओ नंद जी राम के मुताबिक फर्जी तरीके से पैसे की निकासी हुई है, जो सत्य है.

हालांकि इस मामले में मुखिया और उनके कथित सहयोगियों ने चौंकाने वाले खुलासे किये हैं. जिस पर जांच के बाद ही घोटाले की असलियत उजागर होने के आसार हैं.

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सारे आरोप निराधार: मुखिया

सुखनदी पंचायत मुखिया दिलीप रजवार ने अपने उपर लगे आरोप को निराधार बताया है. बकौल मुखिया हमें पंचायत सचिव संतोष कुमार यादव द्वारा फंसाया जा रहा है.

पंचायत सचिव के द्वारा ही चेक को निर्गत कराया गया था. पंचायत सचिव मुझसे सोलर लाइट, जलमीनार व छलका समेत कई योजनाओं का नाम बताकर हमसे चेक पर हस्ताक्षर करवा कर लोगों के खाते में पैसा डाल कर गबन किये हैं.

अपने बचने के लिए हमारे ऊपर आरोप लगा रहे हैं, जो भी राशि का लेनदेन हुआ है. वह पंचायत सचिव संतोष कुमार यादव के द्वारा किया गया है.

अपने बचाव के लिए फर्जी तरीके से फंसा रहे हैं पंचायत सचिव

दूसरे आरोपी यशवंत ठाकुर ने कहा कि पंचायत सचिव के द्वारा हमलोगों को कहा गया कि उनकी पंचायत क्षेत्र में बहुत सा काम आया हुआ है. उस काम के आधार पर हम अपने पेपर पर दर्शा देंगे और कुछ राशि आपलोग के खाते में डाल रहे हैं. उसमें से आप 20 प्रतिशत रखकर बाकी का राशि हमें दे दीजियेगा.

इस पर हमने कहा कि बाद में अगर किसी तरह का आरोप आता है तो गलत होगा. इस पर पंचायत सचिव संतोष यादव ने कहा कि यह सब मेरे ऊपर छोड़ दीजिये.

सभी कामों को हम अपने पेपरों पर दिखा देंगे, इसमें किसी को कोई जानकारी नहीं मिल पायेगी. अब जब यह मामला पकड़ में आया तो पंचायत सचिव अपने बचाव के लिए फर्जी तरीके से हमें फंसा रहे हैं.

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गलत आरोप लगा रहे पंचायत सचिव

तीसरे अरविंद राम ने बताया कि हमें छलका का काम बता कर पंचायत सचिव ने तीन चार बार में चेक के माध्यम से हमारे खाते में पैसे ट्रांसफर किये.

पैसा ट्रांसफर करने से पहले उन्होंने कहा कि छलका हम अपने पेपरों में शो कर दे रहे हैं और आपके खाते में उस छलके का पैसा तीन चार बार में डाल रहे हैं. उसमें से आप 20 प्रतिशत रखकर 80 प्रतिशत हमें दे दिया कीजियेगा.

उसी छलके के नाम पर हमारे खाते में पैसे को ट्रांसफर करवाया और बराबर हमसे राशि का 80 प्रतिशत पैसा लेते रहे. आखिरी में 28 नवंबर 2019 को 2 लाख 48 हजार दो सौ दिये, जिसमें हमने उन्हें एक लाख 20 हजार रुपए दिया तो उन्होंने कहा कि और हमें चाहिए क्योंकि इसी में बैंक के स्टाफ के साथ और लोगों को भी मैनेज करना पड़ता है.

पैसा हमारे खाते में डाले जाने में बैंक के कुछ कर्मियों की भी मिलीभगत है. अब यह जब मामला पकड़ में आया तो संतोष यादव हमारे ऊपर गलत आरोप लगाकर फंसा रहे हैं.

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