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गढ़वा: चंद पैसे व पांचवी बेटी होने के कारण नानी ने किया नवजात का सौदा

Garhwa : जिले के श्री बंशीधर नगर (नगर उंटारी) में मानवता को कलंकित करने वाली घटना सामने आई है. इस बार सहिया के सहयोग से प्रसूता की मां के द्वारा चंद पैसों में बेटी की नवजात (बच्ची) को दूसरे के हाथों बेच दिये जाने का मामला उजागर हुआ है. घटना गत 25 जून की शाम की है. मामला श्री बंशीधर नगर थाने के गरबांध गांव की है.

जानकारी के मुताबिक गरबांध गांव निवासी मनोज ठाकुर की पत्नी सीता देवी को प्रसव पीड़ा होने के बाद परिजन प्रसव के लिए उसे अनुमंडल अस्पताल ले जा रहे थे. इसी बीच गाड़ी में ही प्रसव हो गया और बच्ची हुई. परिजनों के द्वारा जच्चा और बच्चा को अनुमंडल अस्पताल ले जाया गया, जहां भर्ती कर इलाज शुरू हुआ. सीता देवी को पांचवीं बच्ची हुई थी.

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अस्पताल में जच्चा बच्चा के इलाज के क्रम में सीता देवी की मां परिमनी देवी ने सहिया रीना देवी के साथ बातचीत कर 9 हजार रुपये में बच्ची को बेचने का सौदा कर दिया. अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद परिमनी देवी ने सहिया रीना देवी के साथ मिलकर खरौंधी थाना क्षेत्र के नावाडीह टोला निवासी दशरथ पासवान की पत्नी प्रभा देवी के हाथों 9 हजार रुपये में उक्त नवजात को बेच दिया. दशरथ पासवान एवं प्रभा देवी निःसन्तान दंपत्ति हैं.

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बच्ची को बेचकर जब परिमनी देवी सीता देवी के साथ बिना बच्ची के घर पहुंची तो घर में हंगामा शुरू हो गया. पति मनोज ठाकुर की अपनी सास परिमनी देवी एवं पत्नी सीता देवी के साथ खूब कहासुनी हुई.

बाद में इसकी जानकारी मनोज ठाकुर के घरवालों को हुई तो उसके भाई लोगों ने भी मनोज ठाकुर को खूब खरी खोटी सुनाई तथा तत्काल बच्ची को लाने की हिदायत दी.

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सोमवार को सहिया रीना देवी के साथ मनोज ठाकुर एवं उसके परिजन बच्ची की खोजबीन में निकल पड़े. परिजन बच्ची को लेने के लिये खरौंधी के नावाडीह टोला निवासी दशरथ पासवान के घर पहुंचे तथा दशरथ पासवान से उक्त बच्ची को देने की गुहार लगाई. किंतु दशरथ पासवान एवं उसकी पत्नी बच्ची को देने से इंकार कर दिया. इसी बीच दोनों पक्षों में कहासुनी भी हुई.

इसकी सूचना मिलने पर गांव में लोगों की भीड़ जुट गई. मनोज ठाकुर एवं उसके परिजनों ने दशरथ पासवान से बच्ची को वापस देने के लिए खूब आरजू मिन्नत की, लेकिन दशरथ टस से मस नहीं हुआ. अंत में थक हार कर मनोज ठाकुर एवं उसके परिजन रात्रि में बिना बच्ची को लिये वापस लौट गये.

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मंगलवार की सुबह मनोज ठाकुर के परिजनों ने एसडीपीओ प्रमोद कुमार केसरी से बच्ची को वापस दिलाने की गुहार लगाई. एसडीपीओ ने मामले को गंभीरता से लेते हुये तत्काल खरौंधी थाने की पुलिस को दशरथ पासवान के यहां से बच्ची को बरामद करने का निर्देश दिया.

उधर, एसडीपीओ के निर्देश पर खरौंधी थाने की पुलिस ने उक्त बच्ची को बरामद कर नगर ऊंटारी थाने की पुलिस को सौंप दिया है. पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है.

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