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धनबाद में फिर लौट आया गैंग्स ऑफ वासेपुर, खदान, खान और खानदान की खूनी जंग

Manoj Mishra

Dhanbad: 12 मई, 2021 को जमीन कारोबारी लाला खान को वासेपुर में दिनदहाड़े गोलियों से उड़ा दिया गया था. इसके छह महीने बाद बुधवार, 24 नवंबर को वासेपुर में ही दिनदहाड़े जमीन कारोबारी महताब आलम उर्फ नन्हे को भून दिया गया, जिस स्थान और सड़क पर 37 वर्षीय नन्हे की हत्या हुई उससे कुछ ही दूरी पर लाला की भी हत्या हुई थी. इस हत्या को लाला खान की हत्या का बदला कहा जा रहा है. यह कोई और नहीं कर रहा बल्कि वासेपुर के डॉन के नाम से मशहूर फहीम खान के भांजे प्रिंस का दावा है. कहा जाता है कि पहले प्रिंस, फहीम के लिए ही काम करता था. अब फहीम के सल्तनत के साथ ही उसके बेटों का भी सफाया करना चाहता है. इसका एलान प्रिंस खान ने खुद वीडियो जारी कर किया है. प्रिंस अपने मामा फहीम गैंग का सफाया कर वासेपुर में अपना इकछत्र राज कायम करना चाहता है. बता दें कि फहीम खान इन दिनों जमशेदपुर के घाघीडीह जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है.

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प्रिंस ने ली नन्हे की हत्या की जिम्मेदारी, बताई वजह

24 नवंबर 2021, बुधवार की दोपहर 3:20 बजे के करीब दो बाइक पर सवार चार शूटरों ने बुलेट से जा रहे 37 वर्षीय नन्हे पर गोलियां की बौछार कर दी. घटना को अंजाम देकर अपराधी आराम से भाग निकले. शूटरों के भागने के बाद स्थानीय लोगों ने खून से लथपथ नन्हे को उठाकर एसएनएमएमसीएच पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया. देर शाम फहीम के भांजे प्रिंस ने नन्हे की हत्या की जिम्मेदारी ले ली. पत्र और वीडियो जारी कर उसने कहा कि लाला की हत्या के बदले में नन्हे की हत्या उसने ही करवाई. वह फहीम के पूरे खानदान को खत्म कर देगा. उसने बताया कि लाला खान के पीछे उसका पैसा लगा हुआ था. उसे कमजोर करने के लिए लाला खान की हत्या कराई गई थी.

धनबाद में नहीं चलेगा अब कोई गैंग

वीडियो में प्रिंस खान हुक्का गुडग़ुड़ाते हुए बता रहा है कि वह फहीम खान और उसके परिवार को खत्म कर देगा. जो भी फहीम का साथ देगा, उसका भी बुरा अंजाम होगा. यही नहीं वीडियो और पत्र में प्रिंस ने धनबाद के दूसरे गिरोहों को भी सीधी चुनौती दी है. उसने कहा कि धनबाद में अब कोई गैंग नहीं चलेगा. ना अमन सिंह गैंग ना फहीम गैंग, अब सिर्फ छोटे सरकार और बड़े सरकार की हूकूमत चलेगी. छोटे सरकार मतलब प्रिंस खान और बड़े सरकार मतलब उसका बड़ा भाई गोपी खान. बुरे लोगों को सजा देना ऊपरवाला का काम है और ऊपरवाले से मुलाकात कराना छोटे सरकार का काम है.

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नन्हे ने किया लाला खान का मर्डर

प्रिंस ने वीडियो में कहा कि लाला खान की हत्या का मास्टर माइंड नन्हे ही था. सारा दिमाग उसी ने फहीम व उसके तीनों पुत्रों को दिया था. कहा कि लाला खान को हटा दो तो वे लोग मिलकर कमाएंगे. चार महीना तक हमने इंतजार किया. पता किया कि लाला की हत्या के पीछे कौन है. डर से नहीं बैठे थे. जब पता चल गया तभी नन्हे को मारे हैं. प्रिंस यह भी कह रहा है कि केस करने की कोई जरूरत नहीं है. नन्हे की हत्या की वह खुद जिम्मेदारी लेता है.

फहीम खान के पूरे गैंग का होगा सफाया

प्रिंस वीडियो में यह भी कह रहा है कि फहीम खान और उसका बेटा का जो भी काम करेगा, चाहे कोई भी हो, उसको कुत्ते की मौत मारेंगे. बहुत बुरा मारेंगे, अगर वह नहीं मिलेगा तो उसके घरवालों को भी मारेंगे. वैसे लोगों को धनबाद छोड़कर भागना होगा. यह कहा कि लड़ाई अब चालू हो गया है, रुकेगें नहीं. छह माह के अंदर फहीम खान का सल्तनत खत्म कर देंगे. फहीम खान के बेटा को अपने हाथ से मारेंगे.

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उसने यह भी कहा कि फहीम का छोटा बेटा रज्जन दुबई व लंदन रहने की बात करता है. दो दिन में पता चल जाएगा. बचाना है तो इकबाल अपने भाई को बचा ले. प्रिंस अंतिम में यह भी कह रहा है कि लाला खान की हत्या में शामिल लोगों को वह जानता है. उसमें जो कोई भी है, उसके हाथ से नहीं बचेगा. सब को मारेंगे. वादा है उसका वासेपुर के लोगों से. प्रिंस कह रहा है कि अब अमन सिंह भी कुछ कर दिया तो उसके भाई का सिर यूपी में काटकर धनबाद स्टेशन पर टांग देंगे.

हालांकि, प्रिंस यह भी कह रहा है कि अमन से उसकी बात हुई है. उसने कहा है कि उसको अब नहीं लडऩा है. गलतफहमी में उसने लाला की हत्या करवाई. उससे झूठ बोलकर लाला को इनलोगों ने मरवाया. लाला की हत्या में अमन को रज्जन ने तीन लाख रुपये अग्रिम दिया था.

क्या कहती है धनबाद पुलिस

धनबाद के एसएसपी संजीव कुमार ने बताया कि नन्हे की हत्या के कारण की जांच की जा रही है. पुलिस की कई टीम को जांच में लगाया गया है. जल्द ही इस कांड के सभी अपराधी पुलिस की गिरफ्त में होंगे. बता दें कि फहीम के पुत्र इकबाल ने आरोप लगाया कि उसके ममेरे भाई प्रिंस खान के कहने पर नन्हे को गोली मारी गई है. दोनों में जानी दुश्मनी है. इकबाल के अनुसार गोली मारने में हैदर खान, हीरा, अनवर, डोमा और इरफान शामिल हैं. सभी वासेपुर के हैं. मालूम हो कि नन्हे ने हाल ही में जमीन का कारोबार शुरू किया था. वह कई बसों का मालिक था. शहर के एक प्राइवेट स्कूल में उसकी बसें चलती हैं.

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फहीम खान की बहन का बेटा है प्रिंस

उल्लेखनीय है कि प्रिंस खान वासेपुर में डॉन के नाम से मशहूर फहीम खान की बहन का बेटा है. प्रिंस ने हाल के दिनों में अपराध की दुनिया में नाम कमाया है. कहा जाता है कि पहले फहीम खान के इशारे पर काम करता था. अब खुद अपना गैंग खड़ा कर लिया है. अब इस गैंग और फहीम गैंग के बीच गैंगवार शुरू हो गई है. इसमें न सिर्फ गैंग्स के पुरुष सदस्य बल्कि महिला सदस्य भी मरने-मारने को तैयार हैं. नन्हे की हत्या के बाद वासेपुर के कमर मखदुमी रोड में महिलाओं के बीच झड़प हुई. हालांकि पुलिस की तत्परता से स्थिति नियंत्रण से बाहर नहीं हुई. वासेपुर में भारी तनाव है. इलाके में भारी संख्या में पुलिस को तैनात कर दिया गया है.

जानें वासेपुर का नाम कैसे पड़ा

जहां तक बात इतिहास की है तो धनबाद के एक मशहूर बिल्डर वासे साहब ने 1956 में जंगलों को काटकर एक मोहल्ले के नींव रखी थी. बाद में उन्ही के नाम पर इस मुहल्ले का नाम वासेपुर रख दिया गया. कहते हैं तब इस मुहल्ले में सौ लोग बसते थे अब यहां की आबादी करीब डेढ़ लाख है. धनबाद रेलवे स्टेशन से सिर्फ दो किलोमीटर दूर बसे इस इलाके के माफिया की जंग लोगों की जुबान पर लोककथा की तरह चढ़ी हुई है. यहां के लोग कहते हैं कि यदि मशहूर बिल्डर वासे साहब 1956 मे यह जानते कि वासेपुर धनबाद के लिए कालिख बन जाएगा तो कदापि जंगल काटकर मुहल्ले की वासेपुर की नींव नहीं रखते.

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गैंगवार से सुर्खियों में आया वासेपुर

सच है कि बीते पांच दशको में यहां कोयला, रेलवे और लोहे के अवैध कारोबार की वजह से हुई आपसी रंजिश में बीसियों क़त्ल हो चुके हैं. जिनमे नामचीन लोगों से लेकर छोटे छोटे प्यादे तक शामिल हैं. फॉरवर्ड ब्लॉक के संतोष सेनगुप्ता, आरजेडी के मुकुल देव, मजदूर नेता एस.के. राय इसी वासेपुर की धूल भरी गलियों में मृत पाए गए थे. गैंगस्टर समीन खान को धनबाद अदालत की देहरी पर गोली मार दी गई थी तो यहां के बड़े गुंडे सकल देव सिंह को बाइपास रोड पर मारा गया था जबकि उसके भाई की हत्या शक्ति चौक पर हुई थी. रेलवे ठेकव्दार इरफान और वार्ड कमिशनर नजीर अहमद भी इस खूनी खेल की भेंट चढ़े. जबकि गैंगस्टर शफीक खान को तोपचाची पेट्रोल पंप पर मारा गया था. वहीं फहीम खान जब जेल से बेल पर छूटे तो 30 जुलाई 2012 की रात अपने साथी शाहिद के साथ बड़ी मुश्किल से एक हमले में अपनी जान बचाकर भागे. इस हमले में उनका बॉडीगार्ड मारा गया और उनका साला सिराज मौत के मुंह से लौटा है.

कई नामचीन लोगों की हो चुकी है हत्या

अगर आपको अब भी यह लगता है कि ये सब इतिहास की बातें हैं, तो बता दें कि 1991 में एक बैंक डकैती को रोकने के चक्कर में पुलिस अधीक्षक रणधीर प्रसाद वर्मा मारे गए. इसके बाद 14 अप्रैल, 2000 को एमसीसी के विधायक गुरुदास चटर्जी को देवली के पास मार दिया गया. वहीं धनबाद के पूर्व डिप्टी मेयर और कांग्रेस नेता नीरज सिंह और उनके तीन समर्थकों को हमलावरों ने 21 मार्च 2017 की शाम गोलियों से भून दिया था. वासेपुर में 29 अगस्त 2017 की रात आरामोड़ के पास विक्की (20) नामक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई. मृतक विक्की वासेपुर में गफ्फार होटल के मालिक गफ्फार मियां का छोटा बेटा था. हत्या का आरोप फहीम खान के साले टुन्ना खान के पुत्र अमन और उसके दोस्त लोफड़वा पर लगा.

धनबाद के लोग अमन चाहते हैं

मालूम हो कि धनबाद के स्थानीय लोग आम तौर पर उस खून-खराबे के जिक्र से बचते हैं जो आज तक उनकी जिंदगियों पर राज करता आया है. हालांकि थोड़ा-सा उकसाने भर की देर होती है, पलक झपकते ही आप पाएंगे कि खूनी रंजिश के इस अंतहीन सिलसिले की जिसे जितनी भी जानकारी है, वह उतने पर ही खुद को चौड़ा महसूस करने लगता है. ऐसा लगता है कि किसने, किसको, कब मारा, इसकी जानकारी रखना यहां जैसे गौरव का विषय हो.

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Nayika

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