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‘एनआरसी के द्वारा हिंदुस्तान की गंगा-जमुनी तहजीब को नष्ट किया जा रहा है, 25 दिसंबर को प्रदर्शन’

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Ranchi: असम में नागरिकता संशोधन विधेयक को लेकर हो रहा प्रदर्शन धीरे-धीरे देश के दूसरे हिस्से की ओर से रुख कर रहा है.

हालांकि इसकी रफ्तार थोड़ी धीमी जरूर है, पर आम जन केंद्र सरकार के इस तुगलकी कानून के खिलाफ आवाज उठाने लगे हैं.

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अब तो लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व गृह मंत्री अमित शाह का नाम लेकर देश को तोड़ने वाले इस काले कानून को गलत ठहराने लगे हैं.

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कडरू में उठी मुखर आवाज

विरोध की यह मुखर आवाज रांची के कडरू में उठी. दोपहर की नमाज के बाद कडरू मस्जिद के पास नामाजियों ने एनआरसी बिल के विरोध में प्रदर्शन किया.

विरोध शांतिपूर्ण जरूर था, लेकिन मौके पर मौजूद लोगों की आवाज जरूर मुखर थी. मौजूद लोगों ने कहा कि केंद्र सरकार का यह कानून देश को तोड़ने वाला है. हिंदुस्तान जिस बहुलता में एकता संस्कृति के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है, उसे व्यक्ति विशेष की जिद तोड़ने जा रही है.

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संविधान की मूल भावना से खिलवाड़

शांतिपूर्ण आंदोलन का नेतृत्व कर रहे मोहम्मद शाहनवाज ने कहा कि हम चाह रहे हैं कि संविधान की रक्षा की जाये. उन्होंने कहा कि एनआरसी संविधान की मूल भावना के साथ खिलवाड़ है.

अमित शाह और नरेंद्र मोदी के द्वारा संविधान को बिगाड़ा जा रहा है. यह संविधान को जलाने का प्रयास है. हिंदुस्तान की गंगा-जमनी तहजीब को खत्म किया जा रहा है.

उन्होंने कहा कि 25 दिसंबर के बाद इस एनआरसी बिल के खिलाफ पूरे रांची में विरोध प्रदर्शन किया जायेगा. हिंदु, मुस्लिम, सिख व इसाई भाइयों के साथ मिलकर रांची को बंद किया जायेगा.

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