DeogharJharkhand

देवघर में नकली खून बेचने वाले गिरोह का पर्दाफाश

Deoghar: शहर नकली खून बेचने वाला गिरोह सक्रिय है. रविवार को इसका पर्दाफाश सदर अस्पताल के कक्षा नंबर 33 के बेड नंबर 6 में भर्ती 17 माह की मासूम शिवानी कुमारी की जिंदगी बचाने की जद्दोजहद में जुटे परिजनों द्वारा किया गया. घटना के संबंध में बताया जाता है कि बिहार के बांका जिले के बेलहर थाना क्षेत्र के बसमता गांव निवासी विरेंद्र यादव की पुत्री शिवानी कुमारी 17 माह से थैलीसीमिया की मरीज है. उसे हर तीन माह में खून चढ़ाने की जरूरत पड़ती है. चिकित्सक की सलाह पर शनिवार को उसके परिजन टावर चौक पर स्थित ब्लड बैंक पहुंचे तो ब्लड बैंक के मेन गेट पर किसी अंजान व्यक्ति ने परिजन को झांसे में लेकर 25 सौ रुपये लेकर फर्जी खून दे दिया.

शनिवार की शाम से ही बिना किसी साइन मोहर वाला पैकेट देख कोई उसे चढ़ाने के लिए तैयार नहीं हुआ. रविवार की सुबह सदर अस्पताल में भटकते परिजनों पर पत्रकार आशुतोष झा की नजर पड़ी तो उन्होंने फर्जी खून का पैकेट देख घटना की सूचना रेडक्रॉस सोसायटी व रक्तदान महादान सहित अन्य संस्था वालों को दी. जिसके बाद रेडक्रॉस सोसायटी के चैयरमैन जीतेश राजपाल, पियूष जयसवाल व मयंक कुमार सहित अन्य के साथ सदर अस्पताल पहुंचे और मामले की जानकारी लेने के बाद घटना की जानकारी अनुमंडल पदाधिकारी दिनेश कुमार यादव को दी. जिसके बाद उन्होंने नगर थाना प्रभारी रतन सिंह को फोन कर देते हुए एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया. इसके बाद नगर थाना प्रभारी दल बल के साथ सदर अस्पताल पहुंचे और मामले की जानकारी ली.

इसे भी पढ़ें : झारखंड पंचायत चुनावः पति पत्नी आपस में टकराए, वोटरों ने पति को औंधे मुंह गिराया

Chanakya IAS
SIP abacus
Catalyst IAS
The Royal’s
Sanjeevani
Pushpanjali

मामले को लेकर शिवानी कुमारी के मामा बिहार के जमुई जिले के झाझा थाना क्षेत्र के बेड़वा गांव के निवासी दिनेश यादव नगर थाना पुलिस को दिए आवेदन में कहा है कि मेरी बहन रीता देवी व अन्य शिवानी को लेकर सदर अस्पताल पहुंची. चिकित्सक की सलाह पर शनिवार शाम टावर चौक के समीप स्थित पुराना सदर अस्पताल ब्लड बैंक पहुंचे तो एक अंजान व्यक्ति ने मेन गेट पर मिला और एक खुन का इंतजाम हो जाने की बात कहते हुए फोन नंबर दिया. जिसके बाद 25 सौ रुपये लेकर फर्जी खून दे दिया.

नगर थाना पुलिस मामले में कार्रवाई करने में जुटी हुई है. बता दें कि अब तक देवघर सदर अस्पताल में दलालों के माध्यम से खून बेचने का मामला सामने आता था लेकिन अब आर्टिफिशियल ब्लड भी दलाल पैसे के लिए बेच रहे हैं. यह किसी की जिंदगी के साथ खिलवाड़ है. वह तो गनीमत रही कि समय रहते चिकित्सकों ने इसे पकड़ लिया.

सदर अस्पताल के डीएस डा प्रभात रंजन ने कहा कि खून के पैकेट में किसी प्रकार का मोहर लिखा नहीं था. खून फर्जी था या नहीं यह जांच के बाद ही पता चलेगा. मामले की जानकारी सिविल सर्जन को दी गई है. इस प्रकार का खून सदर अस्पताल में नहीं चढ़ाया जाता है.

दोषियों पर हो सख्त कार्रवाई होनी चाहिएः जीतेश

रेडक्रॉस सोसायटी के चैयरमैन जीतेश राजपाल ने नकली खून बेचे जाने के मामले में प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि दोषियों पर सख्त से सख्त कार्यवाही होनी चाहिए ताकि भविष्य में किसी के साथ ऐसी घटना न घटे. आगे से ऐसी घटना पर आने वाले दिनों में रेडक्रॉस सोसायटी की पैनी नजर रहेगी

Related Articles

Back to top button