न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

गांधी परिवार ने INS विराट को बना दी निजी टैक्सी, छुट्टियां मनाने के लिए गये थे द्वीप: मोदी

पीएम मोदी ने आरोप लिया कि INS विराट से द्वीप पर छुट्टियां मनाने गए थे राजीव गांधी और ससुराल वाले, सेना का चॉपर था तैनात

841

New Delhi: लोकसभा चुनाव में पीएम मोदी और गांधी परिवार लगातार एकदूसरे पर निशाना साध रहे हैं. प्रधानमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी पर सनसनीखेज आरोप लगाये हैं. जिससे राजनीतिक पारा और चढ़ गया है.

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा कि जब राजीव गांधी प्रधानमंत्री थे तो गांधी परिवार युद्धपोत आईएनएस विराट का उपयोग निजी टैक्सी के रूप में करता था. इससे पहले भी मोदी ने राजीव गांधी को भ्रष्टाचारी नंबर-1 करार दिया था.

इसे भी पढ़ेंःप्रियंका गांधी की पीएम मोदी को चुनौतीः बाकी के दो चरण जनता से किये गये वादों पर लड़कर दिखाये

INS से छुट्टियां मनाने जाते थे पूर्व पीएम

कांग्रेस पर वंशवाद की राजनीति का आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री ने दावा किया कि राजीव गांधी के नेतृत्व वाली तत्कालीन सरकार और नौसेना ने उनके परिवार एवं ससुराल पक्ष की मेजबानी की. और उनकी सेवा में एक हेलीकाप्टर को भी लगाया गया.

मोदी ने कहा, ‘‘आईएनएस विराट का इस्तेमाल एक निजी टैक्सी की तरह करके इसका अपमान किया गया. यह तब हुआ जब राजीव गांधी एवं उनका परिवार 10 दिनों की छुट्टी पर गये हुए थे.

आईएनएस विराट को हमारी समुद्री सीमा की रक्षा के लिए तैनात किया गया था, किन्तु इसका मार्ग बदल कर गांधी परिवार को लेने के लिए भेजा गया जो अवकाश मना रहा था.’’

उन्होंने यह भी दावा किया कि गांधी परिवार को लेने के बाद आईएनएस विराट द्वीप पर 10 दिनों तक खड़ा रहा.

मोदी ने सवाल किया, ‘‘राजीव गांधी के साथ उनके ससुराल के लोग भी थे जो इटली से आये थे. सवाल यह है कि क्या विदेशियों को एक युद्धपोत पर ले जाकर देश की सुरक्षा के साथ समझौता नहीं किया गया?’’

इसे भी पढ़ेंःलोकसभा चुनाव 2019 : भारी संख्या में पुलिस बलों की तैनाती के लिए कई अधिकारियों की सुरक्षा में कटौती

मोदी ने कहा, ‘‘क्या यह कभी कल्पना की जा सकती है कि भारतीय सशस्त्र सेनाओं के प्रमुख युद्धपोत का इस्तेमाल निजी अवकाश के लिए एक टैक्सी की तरह किया जाए ?’’

बता दें कि विमान वाहक आईएनएस विराट को भारतीय नौसेना में 1987 में सेवा में लिया गया था. करीब 30 वर्ष तक सेवा में रहने के बाद 2016 में इसे सेवा से अलग किया गया.

आप पर भी निशाना

दिल्ली में सात संसदीय सीटों के लिए 12 मई को होने वाले चुनाव से पहले यहां अपनी पहली रैली में मोदी ने आम आदमी पार्टी पर परोक्ष रूप से हमला करते हुए कहा कि उन्होंने (आप) टुकड़े-टुकड़े गैंग का समर्थन किया और राष्ट्रीय राजधानी में शासन का नाकामपंथी मॉडल लेकर आए.

उन्होंने कहा कि चार मॉडल हैं- ‘नामपंथी’ (वंशवादी राजनीति), ‘वामपंथी’ (वाम राजनीति) और ‘दमनपंथी’ (गुंडागर्दी) और ‘विकासपंथी’ (विकास में विश्वास रखने की राजनीति), लेकिन दिल्ली एकमात्र राज्य है जहां हमने पांचवें मॉडल को देखा है.

इसे भी पढ़ेंःआपात स्थिति में दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरा सिंगापुर एयरलाइंस का विमान

दिल्ली ने ‘नाकामपंथी’ (प्रदर्शनहीनता व बहानेबाजी की राजनीति) देखा है. जिसने अराजकता पैदा की और देश के लोगों के साथ विश्वासघात किया. ‘आप’ का नाम लिए बिना उन्होंने कहा, लोग यहां देश बदलने आए थे लेकिन खुद बदल गए.

ये नया हिंदुस्तान है

मोदी ने पाकिस्तान के अंदर बालाकोट पर हवाई हमलों की ओर सीधे तौर पर इशारा करते हुये कहा कि उनकी सरकार में यह नया हिन्दुस्तान किसी को छेड़ता नहीं है, लेकिन उकसाये जाने पर जोरदार प्रहार करने में संकोच भी नहीं करता है.

उन्होंने कहा, ‘‘यह नया हिंदुस्तान किसी को छेड़ता नहीं है, लेकिन छेड़ने वालों को छोड़ता भी नहीं है… घर में घुस के मारता है.’’ उन्होंने कहा कि पांच साल में, सुरक्षाकर्मियों ने देश में कई दुर्घटनाओं को रोका है.

उन्होंने यह भी कहा कि हमारी सरकार में मसूद अजहर को एक अंतर्राष्ट्रीय आतंकवादी घोषित किया गया, जिसे पहले एक असंभव कार्य माना जाता था.

मोदी ने अपने भाषण में प्रदूषण नियंत्रण से लेकर यमुना नदी की सफाई, आतंकवाद से मजबूती से निपटने और मध्यम वर्ग के लिए रियायत के अलावा आवश्यक वस्तुओं की कीमतों को नियंत्रण में रखने के उपायों पर अपनी सरकार की नीति सहित कई मुद्दों को छुआ. उन्होंने दावा कि उन्होंने लोगों की जिंदगी को आसान बनाया है.

मोदी ने कहा कि कांग्रेस ‘न्याय’ के बारे में बात करती है, लेकिन यह पूछा जाना चाहिए कि 1984 के सिख विरोधी दंगा पीड़ितों को न्याय कौन देगा. उन्होंने कहा कि भाजपा ने पीड़ितों को न्याय सुनिश्चित किया है.

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी एवं महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा सहित पार्टी नेताओं ने 1984 से 89 के बीच भारत के प्रधानमंत्री रहे दिवंगत राजीव गांधी पर प्रहार करने के लिए मोदी पर हमला बोला है.

इसे भी पढ़ेंःये कैसा सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, जहां हैं मात्र 22 नर्सें

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like
क्लर्क नियुक्ति के लिए फॉर्म की फीस 1000 रुपये, कितना जायज ? हमें लिखें..
झारखंड में नौकरी देने वाली हर प्रतियोगिता परीक्षा विवादों में घिरी होती है.
अब JSSC की ओर से क्लर्क की नियुक्ति के लिये विज्ञापन निकाला है.
जिसके फॉर्म की फीस 1000 रुपये है. यह फीस UPSC के जरिये IAS बनने वाली परीक्षा से
10 गुणा ज्यादा है. झारखंड में साहेब बनानेवाली JPSC  परीक्षा की फीस से 400 रुपये अधिक. 
क्या आपको लगता है कि JSSC  द्वारा तय फीस की रकम जायज है.
इस बारे में आप क्या सोंचते हैं. हमें लिखें या वीडियो मैसेज वाट्सएप करें.
हम उसे newswing.com पर  प्रकाशित करेंगे. ताकि आपकी बात सरकार तक पहुंचे. 
अपने विचार लिखने व वीडियो भेजने के लिये यहां क्लिक करें.

you're currently offline

%d bloggers like this: