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गढ़वा-लातेहार में गजराज का आतंक, दहशत में कट रही है ग्रामीणों की रात

Palamu : पलामू प्रमंडल के गढ़वा और लातेहार जिले में गजराज का आतंक है. पिछले एक सप्ताह से जंगली हाथियों का झुंड ने लातेहार के बालूमाथ और गढ़वा जिले के रंका में उत्पात मचा रखा है. हाथियों के हमले में एक सप्ताह के भीतर दो ग्रामीणों की जान चली गयी है, वहीं कई क्विंटल अनाज हाथी चट कर गये हैं. खेतों में घुस आने से कई एकड़ में लगी फसलें नष्ट हो गयी हैं. लगातार आबादीवाले इलाके में हाथियों से घुस आने से ग्रामीण परेशान हैं और उनकी रात दहशत में कट रही है.

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रंका के भौरी गांव में तीसरे दिन हाथियों का आतंक

गढ़वा जिले के रंका अनुमंडल क्षेत्र के भौरी ग्राम में लगातार तीसरे दिन हाथियों का आतंक जारी है. गत रात्रि 11 बजे एक बार फिर हाथी गांव में घुस आये और बुद्धदेव मांझी एवं स्व. गोलाउ सिंह के घर को ढाह कर उसमें रखे 6 क्विंटल धान को चट कर गये.

बताते चलें कि गुरुवार की देर शाम बरवाही निवासी भगवान लकड़ा (50वर्ष) को हाथी ने कुचल दिया था. हालांकि भगवान लकड़ा को आनन-फानन में उठा कर रामानुजगंज (छत्तीसगढ़) अस्पताल में ले जाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया. भगवान लकड़ा गुरुवार की शाम बुढ़ापरास से पैदल बरवाही अपना घर आ रहा था. रास्ते में उसे हाथी मिल गये. वन पदाधिकारी शशि कुमार ने पीड़ित परिवार को दस हजार रुपये दाह-संस्कार के लिए दिया है एवं चार लाख मुआवजा के लिए विभाग को पत्र लिखा है.

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हाथियों को सघन आबादीवाले क्षेत्र से भगाने के लिए जिला वन पदाधिकारी शशि कुमार लगातार प्रयास कर रहे हैं, वावजूद रंका के भौरी तथा आस-पास के क्षेत्र में हाथियों के आतंक से किसान सहमे हुए एवं भयभीत हैं. शुक्रवार की रात्रि की घटना के संबंध में जानकारी देते हुए ग्रामीणों ने बताया कि भौरी ग्राम के पूर्वारा टोला में विगत 19 नवम्बर की रात्रि में एक हाथी का बच्चा मृत पाया गया था, जिसके बाद से हाथियों का दल सक्रिय होकर अपने बच्चा हाथी की खोज में पूर्वारा टोला तथा आस-पास के वन क्षेत्रों में पागलों की भांति घूम-घूमकर किसानों के धान, अरहर, चना से लगे खेतों को नुकसान करने के साथ-साथ मकान एवं जन को नुकसान करने में लगे हैं.

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक भौरी ग्राम के विभिन्न टोलों में हाथियों के दल को शनिवार सुबह तक देखा गया है. भौरी, बरवाही, बुढ़ापलास, पंडरापानी तथा तिसिया के लोग हाथियों के आतंक से सहमे हुए हैं. लोग अपने घर के आस-पास लुकवारी जला कर रतजगा करते रह रहे हैं. कुछ लोग तो सीमावर्ती राज्य छत्तीसगढ़ में जाकर रात बिताने को विवश हैं.

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इधर, बालूमाथ प्रखंड के मारंग लोइया पंचायत के बिशुनपुर और आसपास के गांव में हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है. बुधवार की रात हाथियों के एक झुंड ने जमकर उत्पात मचाते हुए फसलों को नष्ट करते हुए एक अधेड़ ग्रामीण महादेव गंझु को पटक-पटक कर जान ले ली थी. महादेव गंझू शौच के लिए खेत की ओर गया था. इसी दौरान हाथियों ने उसे घेर लिया और पटक-पटक कर मार डाला. गुरुवार की सुबह ग्रामीण जब खेत की ओर गये तो वहां महादेव गंझू का शव पड़ा हुआ देखा. घटना से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है.

बताते चलें कि बालूमाथ प्रखंड क्षेत्र में पिछले तीन महीने के दौरान हाथियों के कारण 5 लोगों की जान चली गयी है. इसके अलावा हाथियों ने इस इलाके में किसानों को भी बड़ा नुकसान पहुंचाया है. हाथियों के झुंड ने कई एकड़ में लगी फसलों को नुकसान पहुंचाया है. कई मवेशी भी मारे गये हैं.

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