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अब शहरी गरीबों को मिलेगा G6 और G8 बिल्डिंग का आशियाना

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Ranchi: मुख्यमंत्री रघुवर दास ने राज्य के शहरी निकायों में रहने वाले गरीब परिवारों को वर्ष 2020 तक आवास देने का लक्ष्य निर्धारित किया है. उन्होंने कहा है कि पिछले 14 वर्षों के दौरान गरीबों पर ध्यान नहीं देने से ही विकास की गति काफी धीमी हो गयी है. जरूरी है कि इस और प्रमुखता से ध्यान दिया जाये. इसे देखते हुए ही सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत शहरी गरीब को आवास देने का निर्णय लिया गया है. मुख्यमंत्री ने उक्त बातें प्रोजेक्ट भवन में बुधवार को आयोजित प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तीसरे घटक “भागीदारी में किफायती आवास निर्माण” कार्य़शाला के दौरान कहीं. उन्होंने अधिकारियों को आवास निर्माण का डीपीआर जल्द बना कर टेंडर जारी करने का भी आदेश दिया. इस मौके पर नगर निकाय निदेशालय के निदेशक आशीष सिंहमार ने शहरी गरीबों के लिए G6 (छह मंजिला) और G8 (आठ मंजिला) बिल्डिंग बनाने की भी बात कही.

पीपीपी मोड पर बनेगा आवास 

मालूम हो कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत राज्य सरकार शहरी गरीबों के लिए आवास निर्माण पर जोर दे रही है. चार घटकों में बनने वाले इन आवास का निर्माण पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड पर किया जाना है. आर्थिक रूप से कमजोर वैसे लाभुक ही योजना के तहत पात्र होंगे जिसकी वार्षिक आय 3 लाख रुपये से अधिक नहीं है. इन आवासों की लागत 7 से 8 लाख रूपये निर्धारित है. इसमें केंद्र और राज्य सरकार क्रमशः 1.50 लाख और 1 लाख रूपये का अंशदान होगा. वही शेष राशि लाभुकों को देनी होगी.

फाइलों तक ही नहीं रुके योजना का कार्य  :   सीपी सिंह 

नगर विकास व आवास मंत्री सीपी सिंह ने कहा कि गरीबों को आवास मिले. इसके लिए जरूरी है कि योजना से जुड़े कार्य केवल फाइलों तक ही नहीं सिमटे. पहले इस तरह के आवासों का निर्माण किया जाये. बाद में लाभुकों से रजिस्ट्रेशन करायें. उन्होंने कहा कि जिन नगर निकायों में जरूरतमंद लाभुकों का रजिस्ट्रेशन हो चुका हैं, उन्हें बार-बार फॉर्म भरने के लिए परेशान नहीं किया जाये. इस दौरान आवास निर्माण करने वाली कंपनियों से अपील करते हुए मंत्री सीपी सिंह ने कहा कि योजना की सफलता के लिए जरूरी है कि केवल आमदनी पर फोकस नहीं करते हुए वे अपने सामाजिक दायित्व को भी प्रमुखता से निभायें.

1.58 लाख आवासों की मिली स्वीकृति 

विभागीय सचिव अजय कुमार सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार का लक्ष्य 2022 तक हर शहरी गरीब को आवास उपलब्ध कराना है. इसे देखते हुए सरकार की कोशिश है कि 2020 तक आवास निर्माण कार्य को पूरा कर लिया जाए. इसके लिए विभागीय स्तर पर प्रयास जारी है. उन्होंने कहा कि वैसे लोगों को प्राथमिकता दी जानी है, जिसकी वार्षिक आय 3 लाख तक है. योजना के तहत कुल 4 वर्टिकल में 1.58 लाख आवासों की स्वीकृति मिल चुकी है. इसमें वर्टिकल 4 में प्रगति अच्छी है, वर्टिकल 1 और 3 में तेजी से कार्य करने की जरूरत है. सचिव ने आश्वासन दिया कि इसके लिए आगामी जनवरी माह में ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी यानी विभिन्न नगर निकायों में कार्यशाला आयोजित की जायेगी.

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G6 और G8 बिल्डिंग का होगा निर्माण 

नगरीय प्रशासन निदेशालय के निदेशक आशीष सिंहमार ने कहा कि राज्य के सभी नगर निकायों में योजना के तहत विभिन्न घटकों में आवास बनाया जाना है. इन आवासों को अलग-अलग क्लस्टर में बांटा गया है. जिन स्थानों पर भूमि की कमी है, लेकिन डिमांड ज्यादा है वहां G6 और G8 बिल्डिंग का निर्माण किया जाएगा. वहीं कम भूमि वाले जगहों के लिए G3 मॉडल को चूना गया है. इस दौरान उन्होंने आवासीय मॉडल और चिन्हित भूमि में आपत्ति होने पर संशोधन करने की भी निकायों के प्रतिनिधियों से अपील की. कहा कि योजना के तहत अभी भी कुछ बदलाव की गुंजाइश है.

मौके पर ये लोग थे मौजूद 

कार्य़शाला में नगर विकास मंत्री सीपी सिंह, वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, विभागीय सचिव अजय कुमार सिंह, मेयर आशा लकड़ा सहित राज्य भर के नगर निकायों के प्रतिनिधि मौजूद थे.

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