Education & CareerJharkhandRanchiTOP SLIDER

नियुक्ति नियमावली रद्द होने से 11,664 उम्मीदवारों का भविष्य अधर में

Rahul Guru

Ranchi: जेएसएससी से जिलों में होने वाली नियुक्ति के लिए बनी नियोजन नीति को सरकार ने रद्द कर दिया है. इस नियोजन नीति के रद्द होने से उन उम्मीदवारों के भविष्य पर संकट के बादल छा गये हैं, जिनकी नियुक्तियां प्रक्रियाधीन हैं.

advt

कैबिनेट के निर्णय के अनुसार वैसी सभी नियुक्तियों के लिए फिर से विज्ञापन जारी किया जायेगा, जिनमें उम्मीदवारों की ज्वाइनिंग नहीं हुई है. झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की ओर से लगभग नौ ऐसी परीक्षाएं ली गयी हैं, जिनमें अब तक सभी सफल उम्मीदवारों को नियुक्तिपत्र नहीं मिला है.

राज्य में ऐसे 11 हजार से अधिक उम्मीदवार हैं, जिनका भविष्य सरकार के इस फैसले से अधर में लटक गया है. इस फैसले से जो सबसे अधिक नियुक्ति प्रभावित हुई है वो साल 2016 में हुई हाईस्कूल शिक्षक नियुक्ति है.

इन प्रतियोगिता परीक्षाओं के उम्मीदवारों का अधर में लटका भविष्य

  • इंटर स्तरीय प्रतियोगिता परीक्षा : 886 पद
  • पंचायत सचिव व लिपिक परीक्षा : 3032 पद
  • उत्पाद सिपाही प्रतियोगिता परीक्षा : 518 पद
  • विशेष शाखा सिपाही प्रतियोगिता परीक्षा : 1012 पद
  • एएनएम प्रतियोगिता परीक्षा : 1985 पद
  • संयुक्त स्नातक स्तरीय प्रतियोगिता परीक्षा : 1260 पद
  • हाईस्कूल शिक्षक नियुक्ति परीक्षा : 9000 पद
  • डिप्लोमा स्तरीय प्रतियोगिता परीक्षा : 671 पद
  • तकनीकी सामान्य ग्रेजुएट पात्रता परीक्षा : 2300 पद

क्या है सरकार का फैसला

कैबिनेट ने अनुसूचित जिला में तृतीय व चतुर्थवर्गीय पदों पर नियुक्ति नियमावली वापस करने का फैसला लिया है. वहीं, गैर अनुसूचित जिलों के लिए लागू किये गये नियुक्ति नियमावली को भी वापस कर लिया गया है.

इन नियमावली के आधार पर प्रकाशित उन सभी विज्ञापनों को रद्द करने का फैसला किया है, जिनमें अभी तक सफल घोषित परीक्षार्थियों को नियुक्ति पत्र नहीं दिया गया है. जिनकी नियुक्ति हो चुकी है, उनकी नियुक्ति फिलहाल सरकार के इस फैसले से प्रभावित नहीं होगी.

राज्य सरकार ने राज्य के 13 अनुसूचित जिलों में स्थानीय निवासियों को तृतीय व चतुर्थवर्गीय पदों पर 10 साल तक आरक्षण देने की नीति लागू की थी.

11 गैर अनुसूचित जिलों में भी तृतीय और चतुर्थ वर्ग की नियुक्ति में स्थानीय निवासियों की नियुक्ति 10 वर्ष तक के लिए आरक्षित की गयी थी. सोनी कुमारी के मामले में हाइकोर्ट ने फैसला सुनाते हुए राज्य सरकार द्वारा किये गये इस प्रावधान को संवैधानिक प्रावधानों के विरुद्ध बताया था.

उम्मीदवारों का सवाल..

सरकार के इस फैसले के बाद विभिन्न परीक्षाओं की नियुक्ति के पेंच में फंसे उम्मीदवारों को कहना है कि एक नियमावली पर दो निर्णय लेना उचित नहीं है. उम्मीदवारों का कहना है कि जिस नियमावली के तहत कुछ उम्मीदवारों की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी कर नियुक्ति पत्र दिया गया, उसी नियमावली से प्रक्रियाधीन उम्मीदवारों की नियुक्ति को रद्द कैसे किया जा सकता है.

इस संबंध में जेएसएससी के एक अधिकारी ने कहा कि जब तक अधिसूचना जारी नहीं हो जाता तब तक कुछ भी कहना उचित नहीं है.

Advertisement

Related Articles

Back to top button
%d bloggers like this: