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विस में पारा शिक्षकों को लेकर रार, सत्ता कहता ध्यानकर्षण में करेंगे बात, विपक्ष की मांग कार्यस्थगन कर हो चर्चा

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Akshay Kumar Jha

Ranchi: पारा शिक्षक अगर इस मुगालते में हैं कि मौजूदा विधानसभा के शीतकालीन सत्र में उनके लिए कुछ होने जा रहा है, तो उनको इस मुगालते निकलने की जरूरत है. चालू सत्र में और किसी मुद्दे पर बात हो नहीं रही और मामले पर कोई रास्ता निकल कर भी सामने नहीं आ रहा.

झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र का आज दूसरा दिन है. सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही विपक्ष के विधायकों ने सदन के बाहर धरना-प्रदर्शन किया. मुद्दा पारा शिक्षक ही थे. कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष का हंगामा शुरू हो गया. मुद्दा पारा शिक्षक ही थे. 12.42 बजे तक दो बार सदन की कार्यवाही को स्थगित करनी पड़ी.

पारा शिक्षक मामले में कोई रास्ता निकले, नजर तो नहीं आता

पारा शिक्षकों को लेकर सत्ता और विपक्ष दोनों के विधायक कितने संगीन हैं, यह सदन की कार्यवाही से साफ हो रहा है. 11.05 में कार्यवाही शुरू हुई और विपक्ष 11.10 बजे मामले को लेकर वेल में आ गया. अध्यक्ष ने बार-बार विधायकों को अपनी जगह पर जाने और शांत रहने को कहा. लेकिन ना ही विधायक शांत रहे और ना ही विधायकों ने कार्यवाही सुचारू रूप से चलने दी. नेता विपक्ष हेमंत सोरेन को जब बात रखने को कहा गया तो वो कन्फ्यूज थे.

पारा शिक्षकों की बहाली झारखंड बनने से पहले हुई है या बाद में इस बात वो फंसते नजर आएं. हालांकि बाद में उन्होंने माना कि 2002 से पारा शिक्षकों की बहाली हुई है. अध्यक्ष बार-बार कहते रहे नेता विपक्ष को अपनी बात रखने का मौका दिया जाए. लेकिन सत्ता पक्ष के नेता ने ऐसा होने नहीं दिया. सत्ता पक्ष के विधायकों का कहना था कि जेएमएम ने अपने शासनकाल के दौरान पारा शिक्षकों के लिए कुछ नहीं किया. इसी तू-तू, मैं-मैं में सदन की कार्यवाही नहीं चल सकी.

सत्ता पक्ष ध्यानाकर्षण में हो पारा शिक्षकों की बात, विपक्ष कहता कार्यस्थगन में क्यों नहीं हुई चर्चा

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सत्ता पक्ष के विधायकों का कहना है कि पारा शिक्षकों का मामला किसी पार्टी का नहीं बल्कि राज्य का है. यही राग विपक्ष भी अलाप रहा है. दोनों इस मसले का समाधान निकालने पर जोर देते हैं. लेकिन दोनों की अलग-अलग शर्तों की वजह से सदन की कार्यवाही भंग करनी पड़ रही है. सदन में विपक्ष के करीब-करीब सभी विधायकों ने पारा शिक्षकों के मामले पर कार्यस्थगन का प्रस्ताव रखा. जिसे अध्यक्ष की तरफ से अमान्य कर दिया गया.

वहीं सत्ता पक्ष की तरफ से ये मामला ध्यानाकर्षण के जरिए सदन में लाने का प्रस्ताव दिया. जो विपक्ष को नामंजूर था. इसी जिच की वजह से पारा शिक्षकों को लेकर सदन में हंगामा तो हो रहा है. लेकिन समाधान नहीं हो पा रहा है.

सदन के बाहर भी पक्ष-विपक्ष ने अलापा पारा शिक्षकों का राग

सदन की कार्यवाही के स्थगित होने के बाद बाहर मीडिया से मुखातिब सत्ता और विपक्ष के विधायकों ने पारा शिक्षकों पर ही अपनी बात रखी. सत्ता पक्ष के विधायक अनंत ओझा ने कहा कि विपक्ष सदन को हाईजैक करने की कोशिश कर रहा है. कहा कि कार्यसमिति की बैठक में तय हुआ था कि पारा शिक्षकों के मामले पर सदन में चर्चा होने दी जाएगी. लेकिन विपक्ष ऐसा होने नहीं दे रहा है.

वहीं सुखदेव भगत ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि सरकार पारा शिक्षकों के मामले में यू टर्न ले रही है. कार्यसमिति की बैठक में पारा शिक्षकों के मामले पर चर्चा होने की बात थी. लेकिन अब होने नहीं दिया जा रहा. सुखदेव भगत के बाद प्रदीप यादव और कुणाल षाड़ंगी ने भी पारा शिक्षकों की बात दोहरायी.

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