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मरीना बीच पर होगा करुणानिधि का अंतिम संस्कार, मद्रास हाईकोर्ट ने दी मंजूरी

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Chennai : मद्रास हाईकोर्ट ने मरीना बीच में दफनाने को चुनौती देने वाली याचिकाओं को मंजूरी दे दी है. मद्रास हाईकोर्ट ने द्रमुक नेता एम करुणानिधि को मरीना बीच पर दफनाए जाने के लिए स्थान आवंटित करने की पार्टी की याचिका पर सुनवाई आज सुबह आठ बजे शुरू की.

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सुबह आठ बजे तक स्थगित की गयी थी सुनवाई

गौरतलब है कि तमिलनाडु सरकार ने कानूनी अड़चनों का हवाला देते हुए मरीना बीच पर दफनाने का स्थान आवंटित करने में असमर्थता जताई जिसके कुछ घंटों बाद द्रमुक ने अदालत का दरवाजा खटखटाया. देर रात कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एच जी रमेश और न्यायमूर्ति एस एस सुदंर की प्रथम पीठ के समक्ष विशेष सुनवाई में द्रमुक की ओर से पेश हुए वकील ने सरकार से मरीना बीच पर करुणानिधि को दफनाने के लिए स्थान आवंटित ना करने का कानूनी आधार पूछा. मामले पर सुनवाई करते हुए कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश ने मामले की सुनवाई सुबह आठ बजे तक स्थगित कर दी थी.

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द्रमुक ने एक सप्ताह लंबे शोक की घोषणा की

पार्टी प्रमुख एम. करूणानिधि के निधन के बाद द्रमुक ने मंगलवार रात एक सप्ताह लंबे शोक की घोषणा करते हुए कहा कि इस दौरान पार्टी का झंडा आधा झुका रहेगा. जुलाई 1969 से करीब आधी सदी तक पार्टी प्रमुख और पांच बार प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे अपने नेता को ‘‘ऐतिहासिक हीरो’’ बताते हुए द्रमुक ने एक विज्ञप्ति में कहा कि पार्टी के सभी कार्यक्रम और आयोजन एक सप्ताह के लिए स्थगित किये जाते हैं. पार्टी कार्यकर्ता अपने प्रिय नेता के अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में गोपालपुरम स्थित उनके आवास पर पहुंचे.

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पार्थिव शरीर के साथ-साथ हजारों की संख्या में शामिल थे द्रमुक कार्यकर्ता

अलवरपेट स्थित कावेरी अस्पताल से आवास तक करूणानिधि के पार्थिव शरीर के साथ-साथ हजारों की संख्या में द्रमुक कार्यकर्ता साथ चल रहे थे. इस बीच द्रमुक के कार्यवाहक प्रमुख और करूणानिधि के पुत्र एम. के. स्टालिन ने पार्टी कार्यकर्ताओं से शांति बनाए रखने की अपील की. स्टालिन ने कार्यकर्ताओं से अनुरोध करते हुए कहा कि मैं पार्टी पदाधिकारियों से अनुरोध करता हूं कि वे सुनिश्चित करें कि सभी कार्यकर्ता शांतिपूर्ण तरीके से वापस लौटें. उन्होंने अनुरोध किया कि कार्यकर्ता ऐसा कोई काम ना करें जिससे दिवंगत नेता का नाम खराब हो या सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचे. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ असामाजिक तत्व मौजूदा हालात का नाजायज फायदा उठाने की कोशिश कर सकते हैं, ऐसे में कार्यकर्ता उनकी पहचान करें और उन्हें पकड़कर पुलिस को सौंप दे.

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