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राजीव गांधी फाउंडेशन समेत गांधी परिवार के तीन ट्रस्ट के फंडिंग की होगी जांच, गृह मंत्रालय ने बनायी कमेटी

New Delhi: राजीव गांधी फाउंडेशन समेत गांधी परिवार के तीन ट्रस्ट जांच के दायरे में आ गये हैं. राजीव गांधी फाउंडेशन में फंडिंग को लेकर उठ रहे सवालों के बीच केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बड़ा फैसला लेते हुए इसकी जांच कराने का निर्णय लिया है. गृह मंत्रालय की ओर से एक कमेटी बनाई गई है, जो कि इन फाउंडेशन की फंडिंग, और इनके द्वारा किए गए उल्लंघनों की जांच करेगी. इस कमेटी की अगुवाई प्रवर्तन निदेशालय के स्पेशल डायरेक्टर सिमांचल दास करेंगे.

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इंटर मिनिस्ट्रीयल कमेटी गठित

सरकार ने राजीव गांधी फाउंडेशन सहित नेहरू-गांधी परिवार से संबंधित तीन ट्रस्ट द्वारा मनी लॉन्ड्रिंग समेत विभिन्न कानूनों के कथित उल्लंघन मामले में जांच में समन्वय के लिए बुधवार को एक अंतर-मंत्रालयी टीम गठित की है. केंद्रीय गृह मंत्रालय के प्रवक्ता की ओर से बुधवार को ट्वीट कर इस विषय में जानकारी दी गई. ट्वीट में कहा गया, ‘केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक अंतर-मंत्रालय कमेटी का गठन किया है, जो कि राजीव गांधी फाउंडेशन, राजीव गांधी चैरिटेबल ट्रस्ट और इंदिरा गांधी मेमोरियल ट्रस्ट की जांच करेगी.

पूरे मामले में PMLA एक्ट, इनकम टैक्स एक्ट, FCRA एक्ट के नियमों के उल्लंघन की जांच की जाएगी. सूत्रों के अनुसार, ट्रस्ट से जुड़ी फंडिंग की जांच तीन अलग-अलग एजेंसियां करेंगी. जिनमें सीबीआइ की टीम FCRA एक्ट के तहत मामले की जांच करेगी,  जबकि ED की टीम PMLA उल्लंघन और आयकर विभाग टैक्स जुड़े मामले की जांच करेगा.

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पीएम रिलीफ फंड से राशि ट्रांसफर का आरोप

उल्लेखनीय है कि चीन के साथ सीमा विवाद को लेकर कांग्रेस, मोदी सरकार की नीतियों पर लगातार सवाल उठा रही है. वहीं बीजेपी ने कांग्रेस को ही घेरने की कोशिश की. भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने आरोप लगाया कि राजीव गांधी फाउंडेशन में चीन से फंडिंग हुई है.

बीजेपी का ये भी आरोप है कि यूपीए सरकार के कार्यकाल में 2005-2008 के बीच पीएम रिलीफ फंड से राजीव गांधी फाउंडेशन को राशि दी गयी. आरोप ये भी है कि राजीव गांधी फाउंडेशन ने कई कॉर्पोरेट से भारी पैसा लिये और बदले में सरकार ने कई ठेके दिए.

हालांकि, कांग्रेस ने इन सभी आरोपों से साफ इनकार किया था. कांग्रेस ने कहा था कि राजीव गांधी फाउंडेशन को साल 2005-06 में पीएम राहत कोष से 20 लाख रुपये की मामूली राशि मिली थी, जिसे अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में राहत कार्यों में खर्च किया गया था.

क्या है राजीव गांधी फाउंडेशन?

देश के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के विजन और सपनों को पूरा करने के लिए उनके नाम से इस फाउंडेशन की शुरुआत 21 जून 1991 को हुई थी. राजीव गांधी फाउंडेशन की वेबसाइट पर जानकारी दी गयी है कि 1991 से 2009 तक फाउंडेशन ने स्वास्थ्य, शिक्षा, विज्ञान और तकनीक, महिला एवं बाल विकास, अपंगता सहयोग, शारीरिक रूप से निशक्तों की सहायता, पंजायती राज, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन आदि क्षेत्रों में काम किया.

2010 में फाउंडेशन ने शिक्षा क्षेत्र पर फोकस करने का फैसला किया. संघर्ष से प्रभावित बच्चों को शैक्षणिक मदद, शारीरिक रूप से निःशक्त युवाओं की मदद और मेधावी भारतीय बच्चों को कैंब्रिज में पढ़ने के लिए वित्तीय सहायता जैसे काम फाउंडेशन की ओर से किये जाते हैं.

कौन-कौन हैं ट्रस्टी?

सोनिया गांधी, राजीव गांधी फाउंडेशन की अध्यक्ष हैं. पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम, मोंटेक सिंह अहलूवालिया, सुमन दुबे, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, डॉ. शेखर राहा, प्रोफेसर एमएस स्वामीनाथन, डॉक्टर अशोक गांगुली, संजीव गोयनका और प्रियंका गांधी वाड्रा भी फाउंडेशन के ट्रस्टी हैं.

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