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भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या ने ट्विट कर भारत सरकार से कहा – मेरे सारे पैसे ले लो और सभी केस बंद कर दो

London : भारत का भगोड़ा शराब कारोबारी विजय माल्या ने भारत सरकार से एक बार फिर अपना सौ फीसदी कर्ज लेने के लिए गुरूवार को ही गुहार लगायी है. ब्रिटेन में रह रहे माल्या ने गुरूवार को ट्विट करके ये बात कही है. माल्या ने अपने ट्विट में कहा है कि सरकार कर्ज चुकाने के उसके प्रस्ताव को स्वीकार कर ले और उसके खिलाफ भारत में चल रहे सभी केसों को बंद कर दे.

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 ट्विट करके सरकार से लगायी गुहार

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ब्रिटेन में रहकर भारत में प्रत्यर्पण के केस का सामना कर रहे इस शराब कारोबारी ने गुरूवार को ट्विट करके सबसे पहले मोदी सरकार द्वारा 20 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेट के ऐलान पर बधाई दी. ट्विट करके लिखा कि, कोविड-19 पैकेज के लिए सरकार को बधाई देता हूं, सरकार जितना चाहे करेंसी छाप सकती है. लेकिन मेरे ठोचे से योगदान, जो स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का बकाया लोन पूरी तरह से चुकाना चाहता है, फिर भी उसे लगातार इग्नोर किया जा रहा है.

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इससे आगे ट्विट में माल्या ने लिखा है कि, भारत सरकार कृपा करके बिना शर्त मेरे सारे पैसे ले ले और मेरे खिलाफ चल रहे सभी केसों को बंद कर दे.

पहले भी दे चुका है प्रस्ताव

यहां बता दें कि इससे पहले भी ये भगोड़ा शराब कारोबारी विजय माल्या भारत सरकार को अपना पूरा कर्ज चुकाने का प्रस्ताव दे चुका है. लॉकडाउन लागू होते है विजय माल्या ने ट्विट किया था और कर्ज चुकाने का प्रस्चाव भारत सकरकार के सामने रखा था.

ट्विट के जरिए माल्या ने कहा था कि ना तो स्टेट बैंक ऑफ इंडिया पैसे ले ने को तैयार है और ना ही ईडी उसकी अटैच प्रॉपर्टी रिलीज करने को तैयार है.

 हाल ही में लगा था कोर्ट का झटका

इससे पहले भारत के भगोड़े शराब कारोबारी को लंदन हाईकोर्ट से 20 अप्रैल को  झटका लगा था. दरअसल लंदन हाईकोर्ट में विजय माल्या ने भारत में अपने प्रत्यर्पण के खिलाफ अपील की थी. जिसपर 20 अप्रैल को फैसला आया था. माल्या की याचिका को लंदन रॉयल कोर्ट में लॉर्ड जस्टिस स्टीफन इरविन और जस्टिस एलिजाबेथ लिंग की दो सदस्यीय पीठ ने माल्या की अपील खारिज कर दी थी.

 गौरतलब है कि कि भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या 9,000 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के अलावा मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में भारत में वांछित है. माल्या ने फरवरी के महीने में ही इंग्लैंड और वेल्स की हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी. जिसमें कोर्ट ने भी माना कि माल्या के खिलाफ भारत में कई बड़े आरोप लगे हैं.

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