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#Fugitive_Gangster रवि पुजारी को सेनेगल से बेंगलुरू लाया गया, सात मार्च तक पुलिस हिरासत में  

Bengaluru : हत्या और जबरन वसूली सहित कई जघन्य अपराधों में वांछित भगोड़े गैंगस्टर रवि पुजारी को सोमवार तड़के सेनेगल से बेंगलुरु शहर लाया गया. यह जानकारी पुलिस ने दी. दोपहर में पुजारी को प्रथम अतिरिक्त सिटी मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया जिन्होंने उसे सात मार्च तक पुलिस हिरासत में भेज दिया. भारत के सबसे वांछित एवं 1993 मुम्बई श्रृंखलाबद्ध विस्फोटों के मुख्य षड्यंत्रकर्ता दाऊद इब्राहिम और गैंगस्टर छोटा राजन के पूर्व निकट सहयोगी पुजारी को एयर फ्रांस की एक उड़ान से पुलिस की कड़ी सुरक्षा में यहां लाया गया.

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पुलिस अधिकारियों की एक टीम सेनेगल गयी थी

पुजारी को लाने के लिए राज्य के पुलिस अधिकारियों की एक टीम सेनेगल गयी थी. इस टीम में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) अमर कुमार पांडेय और बेंगलुरू के संयुक्त पुलिस आयुक्त संदीप पाटिल शामिल थे. पांडेय ने प्रत्यर्पण के लिए भारतीय प्राधिकारियों, सरकार और सेनेगल के उच्चतम न्यायालय को धन्यवाद देते हुए कहा, डकार (सेनेगल की राजधानी) में प्रत्यर्पण की पूरी प्रक्रिया में दो दिन लगे और 22 फरवरी को सेनेगल समयानुसार रात के 10 बजे भगोड़े रवि पुजारी को उचित प्रक्रिया के तहत भारतीय प्राधिकारियों को सौंप दिया गया.

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एंथोनी फर्नांडिस की झूठी पहचान के साथ बुर्किना फासो का पासपोर्ट था

आधिकारिक सूत्रों से बताया कि गैंगस्टर को हाल में दक्षिण अफ्रीका में एसए (दक्षिण अफ्रीका) पुलिस और सेनेगल सुरक्षा एजेंसियों ने एक संयुक्त अभियान में पकड़ा और बाद में उसे सेनेगल प्रत्यर्पित कर दिया गया. गैंगस्टर को भारतीय गुप्तचर एजेंसियों की ओर से मुहैया करायी गयी सूचना के आधार पर गिरफ्तार किया गया था. सूत्रों ने कहा कि सेनेगल में गिरफ्तारी के समय उसके पास एंथोनी फर्नांडिस की झूठी पहचान के साथ बुर्किना फासो का पासपोर्ट था.

पुजारी को सेनेगल के प्राधिकारियों ने पिछले साल गिरफ्तार किया था और भारतीय प्राधिकारियों ने उसे अपने कब्जे में लेने का पूरा प्रयास किया था लेकिन वे असफल रहे थे क्योंकि स्थानीय अदालत ने उसे जमानत दे दी थी. सूत्रों ने बताया कि इसके बाद पुजारी जमानत का उल्लंघन करते हुए सेनेगल से भाग कर दक्षिण अफ्रीका चला गया था. पुजारी कर्नाटक में कम से कम 97 आपराधिक मामलों में शामिल था जिसमें 47 अकेले बेंगलुरू के थे. वह राज्य और देश के अन्य हिस्सों में जबरन वसूली का रैकेट चला रहा था. पुजारी के खिलाफ इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस था.

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