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आज से बजट सत्र, कल गोयल अंतरिम बजट पेश करेंगे, विपक्ष हमलावर मूड में, तरकश में हैं कई तीर

तरिम बजट ऐसे समय में पेश किया जायेगा जब भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन अप्रैल..मई में संभावित चुनाव के लिए तैयारी कर रही है.

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 NewDelhi :  आज गुरुवार से शुरू हो रहा बजट सत्र हंगामेदार रहने की उम्मीद है. संसद में जहां एक ओर सरकार लोकलुभावन घोषणाएं कर सकती है तो दूसरी ओर विपक्ष राफेल विमान सौदे, किसानों से जुड़े विषयों समेत अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर सरकार को घेरेगी. संसद का बजट सत्र 31 जनवरी से 13 फरवरी तक चलेगा और यह वर्तमान सरकार के तहत संसद का अंतिम सत्र होगा. इसकी शुरूआत गुरुवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की ओर से संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक के संबोधन के साथ होगी. बता दें कि वित्त मंत्री पीयूष गोयल शुक्रवार को अंतरिम बजट पेश करेंगे और ऐसी उम्मीद की जा रही है कि सरकार इसमें समाज के विभिन्न वर्गो के कल्याण से जुड़ी अनेक उपायों की घोषणा कर सकती है. हालांकि पहले कहा जा रहा था कि यह पूर्ण बजट होगा.  बहरहाल, वर्तमान राजग सरकार के इस आखिरी संसद सत्र में राफेल सौदे और किसानों की स्थिति समेत कई मसलों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ सकते हैं.  यह अंतरिम बजट ऐसे समय में पेश किया जायेगा जब भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन अप्रैल..मई में संभावित चुनाव के लिए तैयारी कर रही है.

नागरिकता विधेयक, तीन तलाक विधेयक पास कराने की कोशिश होगी

सत्र के दौरान सरकार नागरिकता विधेयक, तीन तलाक विधेयक जैसे विवादास्पद विधेयक को पारित कराने का प्रयास करेगी जिसे कई दलों के कड़े विरोध का सामना करना पड़ा है. नागरिकता विधेयक पर जदयू जैसे भाजपा के सहयोगी दल एतराज जता चुके हैं. सरकार के एजेंडे में जन प्रतिनिधित्व संशोधन अधिनियम 2017 है जिसमें प्राक्सी के जरिये एनआरआई को मतदान करने की सुविधा प्रदान की बात कही गयी है.  इसके साथ ही राष्ट्रीय मेडिकल काउंसिल विधेयक भी एजेंडे में है. इनमें से कुछ महत्वपूर्ण विधेयक राज्यसभा में अटके हुए हैं. नागरिक संशोधन विधेयक राज्यसभा में लंबित है जहां विपक्ष इसमें देशों के नाम से बांग्लादेश का नाम हटाने की मांग कर रहा है जिसके शरणार्थी नागरिकता के लिए आवेदन करने के पात्र बन जायेंगे.

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शीतकालीन सत्र में यह विधेयक लोकसभा से पारित हो चुका है. राज्यसभा में इसे प्रवर समिति को भेजे जाने की मांग हो रही है. सत्र के दौरान सरकार की ओर से अयोध्या में गैर विवादित 67 एकड़ जमीन को उसके मूल मालिकों को लौटाने के संबंध में उच्चतम न्यायालय में पेश अर्जी का मुद्दा भी उठ सकता है. भाजपा अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण की पक्षधर है.  साथ ही विपक्ष की ओर से सरकार के लोकलुभावन घोषणाओं का विरोध किये जाने की भी उम्मीद है.

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