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अक्टूबर माह से 2200 निगमकर्मियों को प्रतिमाह मिलेंगे अतिरिक्त 700 रुपये, एक करोड़ से अधिक का पड़ेगा भार

Ranchi  :  कोरोना काल में मिल रहे 2000 रुपये प्रोत्साहन राशि रोके जाने से रांची नगर निगम के कई सफाई कर्मी नाराज हो चले हैं. कुछ कर्मी वार्डों में सफाई काम नहीं कर रहे हैं. इससे सफाई व्यवस्था चरमराने की स्थिति में है. इस बीच नगर आयुक्त ने वैसे सफाई कर्मियों को काम में लौटने की कड़ी नसीहत दी है. वहीं दूसरी तरफ कर्मियों की वेतन बढ़ोतरी का भी निर्णय लिया है. दरअसल सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम दैनिक मजदूरी में करीब 27 रुपये तक बढ़ोतरी की गयी है.

पहले प्रति कर्मी को दैनिक 267 रुपये मिलता था, जो कि बढ़कर 294 रुपये कर दिया गया है. यह राशि एक माह में (26 दिनों के काम में) करीब 700 रुपये बनती है. बढ़ी हुई राशि 24 अक्टूबर 2019 से मिलेगी. यानि 8 माह की अवधि की यह राशि प्रति कर्मी एकमुश्त 5600 रुपये मिलेगी.

स्वास्थ्य शाखा के हवाले से कहा गया है कि आगामी 22 जुलाई को यह राशि मजदूरों के बैंक एकाउंट में क्रेडिट कर दी जायेगी. निगम में अनुमानतः अभी करीब 2200 सफाई कर्मी काम रहे हैं. इस हिसाब से देखें, तो कोरोना काल जैसे आर्थिक संकट के दौर में निगम को अतिरिक्त 1 करोड़ से अधिक का खर्च आएगा.

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केवल तीन माह के लिए दी जानी थी प्रोत्साहन राशि

स्वास्थ्य शाखा का कहना है कि निगम बोर्ड बैठक में सफाई कर्मियों को केवल 3 माह (मार्च, अप्रैल और मई माह) वेतन के साथ अतिरिक्त 2000 रुपये प्रोत्साहन राशि देने की स्वीकृत मिली थी. यह राशि कोरोना संकट में सफाई काम के लिए दी जा रही थी. इसके कारण निगम पर अतिरिक्त 1.25 करोड़ रुपये का बोझ पड़ा था.

दूसरी और कोरोना संकट के कारण निगम के राजस्व में कमी आयी है. जो कि पिछले वर्ष की तुलना में करीब 50 प्रतिशत कम है. बदली हुई परिस्थिति में निगम किसी सफाईकर्मी को अतिरिक्त मानदेय नहीं दिया जाना है. यही कारण है कि इन कर्मियों को जून माह में केवल वेतन ही दिया गया है.

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सोमवार से काम पर नहीं आने वाले कर्मी होंगे बर्खास्त

दूसरी और काम पर नहीं आ रहे निगम कर्मियों को कड़ी नसीहत भी दी गयी है. अपने एक आदेश में नगर आयुक्त ने कहा है कि सभी दैनिक कर्मियों को सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम मजदूरी की दर के अनुरूप भुगतान किया जा रहा है. फिर भी कुछ मजदूर बीते शुक्रवार और शनिवार को काम से अनुपस्थित रहे हैं.

इससे सफाई व्यवस्था पर भी असर पड़ा है. वर्तमान कोरोना संकट में कोई भी दैनिक मजदूर सोमवार यानि 20 जुलाई से काम पर नहीं आते हैं, तो उन्हें आगे भी निगम सफाई काम में नहीं रखेगा. सोमवार को काम पर नहीं आये दैनिक कर्मी को किसी भी वार्ड के जोनल या सुपरवाइजर मंगलवार यानि 21 जुलाई से काम पर रखते हैं, तो तत्काल प्रभाव से उनकी सेवा भी समाप्त कर दी जाएगी.

श्रम विभाग समय-समय पर तय करती है न्यूनतम राशि

मजदूरों की दैनिक वेतन बढ़ोतरी को लेकर स्वास्थ्य शाखा का कहना है कि बढ़ी हुई 5600 रुपये की राशि उन्हीं मजदूरों को मिलेगी, जिसका एडेटेंस पूरा हो. यानि उस कर्मी ने पिछले 8 माह में प्रति माह 26 दिन काम किया हो.

वेतन बढ़ोतरी का कारण यह है कि श्रम विभाग अपने अधिकारों का उपयोग कर एक निश्चित अंतराल में यह तय करती है कि दैनिक अकुशल कर्मियों को न्यूनतम क्या राशि मिलनी चाहिए. इसी आधार पर इन कर्मियों के वेतन को बढ़ाया गया है.

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