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दिल्ली हिंसा के पीछे खालिस्तान समर्थकों से लेकर गैंगस्टर तक शामिल ?

दीप सिद्धू व गैंगस्टर लक्खा सिधाना निशाने पर

Uday Chandra

New Delhi : दिल्ली में किसान आंदोलन के नाम बवाल के पीछे अब खालिस्तान समर्थकों से लेकर गैंगस्टरों तक का नाम सामने आ रहा है. दिल्ली पुलिस का एक्शन अब शुरू हो गया है. दिल्ली पुलिस ने ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसा में अबतक करीब दो दर्जन FIR दर्ज की हैं.

पंजाब से लुधियाना के कांग्रेस सांसद रवनीत सिंह बिट्टू ने दावा किया है कि गणतंत्र दिवस पर हुई हिंसा के पीछे खालिस्तानियों का हाथ है. बिट्टू का कहना है कि दिल्ली में जो कुछ हुआ है उसकी योजना तीन दिन पहले ही बनी थी.

रवनीत सिंह बिट्टू का दावा है कि किसान आंदोलन के पीछे से खालिस्तानी नेता दीप सिद्धू अपना एजेंडा चला रहा है और गणतंत्र दिवस पर उपद्रव और हिंसा की योजना भी दीप सिद्धू ने बनाई थी. गणतंत्र दिवस से एक दिन पहले रात को ही उसके लोगों ने किसानों के ट्रैक्टरों पर कब्जा जमा कर बवाल मचाने के लिए शहर में घुस गए थे.

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दीप सिद्धू चर्चा में

इस हिंसा के पीछे रेफरेंडम 2020 और सिख फॉर जस्टिस से जुड़े लोग बताए जा रहे हैं. दीप सिद्धू का संबंध सिख फॉर जस्टिस नाम के संगठन से है. उसका लाइव चैनल रोज अमेरिका और कनाडा में चलता है.

वहां से 12 बजे लाइव होकर योजना बनाई गई कि कैसे दीप सिद्धू और रेफरेंडम 2020 वाले स्टेज पर कब्जा करेंगे और लाल किले पर झंडा लहराएंगे. किसान तो बेचारे अपनी झांकियां तैयार कर रहे थे लेकिन खालिस्तानी समर्थकों ने बिल्कुल अलग योजना बना रखी थी.

लक्खा सिधाना भी निशाने पर

दूसरी तरफ दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को जो जानकारी मिली है उसके मुताबिक लाल किले पर हुई हिंसा के मामले में जिस लक्खा सिधाना के शामिल होने की बात सामने आई है. लक्खा पंजाब का रहने वाला है.

सिधाना कभी अपराध की दुनिया में बड़ा नाम हुआ करता था. बाद में वह राजनीति में आया और फिर समाजसेवा के कामों में लग गया. पंजाब के बठिंडा का रहने वाला लक्खा कबड्डी का खिलाड़ी भी रह चुका है. खेल से अपराध और फिर राजनीति में आने वाले लक्खा ने किसान आंदोलन में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया था. लक्खा सिधाना का असली नाम लखबीर सिंह है.

पंजाब के बठिंडा का रहने वाला लक्खा सिधाना डबल एमए है और कभी कबड्डी का भी एक अच्छा खिलाड़ी हुआ करता था. लक्खा पर हत्या, हत्या के प्रयास और मारपीट के कई आरोप लगे हैं.

कुछ समय पहले लक्खा ने नेशनल हाईवे के साइन बोर्ड पर पंजाबी भाषा को तीसरे नंबर पर होने की वजह से उस पर कालिख पोत दी थी. सिधाना के पास दो महंगी लग्जरी गाड़ियां हैं.

25 जनवरी को सिधाना ने सिंघु बॉर्डर पर किसान आंदोलन में स्टेज पर चढ़कर युवाओं को कहा था कि परेड वैसी ही होगी जैसा पंजाब के युवा चाहेंगे.

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