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अभिभावकों से धोखाः लाखों रुपये फीस वसूल अयोग्य शिक्षक कराते हैं आईआईटी और मेडिकल की तैयारी

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आरके मलिक ने लगाया आरोप, इंटर पास शिक्षक कराते हैं तैयारी

Ranchi : आईआईटी इंजीनियर और डाक्टर बनाने के लिए अभिभावक अपने बच्चों को सबसे बेहतर शिक्षा देना चाहते हैं. मंहगे से मंहगे संस्थानों में लाखों के फीस चुकाकर अपने और अपने बच्चों के सपने को पूरा कराना चाहते हैं. रांची में भी कई ऐसे संस्थान हैं जहां आईआईटी और मेडिकल की तैयारी करायी जाती है,  साथ ही लाखों में फीस भी वसूली जाती है.

पर अगर आईआईटी और मेडिकल का सपना दिखाने वाले कोचिंग संस्थानों  के शिक्षक ही जवाब नहीं जारी कर पाएं तो सवाल खड़ा होना लाजमीं है. बच्चों से तीन घंटे में पूछे जाने वाले सवालों के जवाब भी रांची के कोचिंग संस्थानों के शिक्षक नहीं बना पा रहे हैं. रांची के ही आरके मल्लिक न्यूटन क्लासेज के मालिक आरके मलिक का आरोप है कि रांची के न्यूटन टयूटारियल के पंकज सर सहित कई संस्थानों के शिक्षकों की योग्यता जेईई और नीट की तैयारी कराने की नहीं है. न्यूटन टयूटारियल के पंकज 53 प्रतिशत अंकों के साथ मात्र इंटर पास हैं.

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संस्थानों में नहीं मांगी जाती डि‍ग्रीयां, सिर्फ डेमो क्लास ही प्रयाप्त

आरके मलिक का आरोप है कि किसी भी संस्थान में डिग्री नहीं मांगी जाती. उन संस्थानों में शिक्षकों का चयन महज डेमो क्लास और रिटेन टेस्ट के जरीए हो जाता है.

रांची के अधिकतर संस्थानों में पढ़ाने वाले शिक्षकों में से शायद ही कोई जेईई और नीट की तैयारी कराने में योग्य है, सभी संस्थानों के अधिकतर शिक्षकों अयोग्य हैं. उन्होंने ये भी कहा कि कई संस्थान अभिभावकों को पास छात्रों की संख्या दिखाकर बरगला देते हैं जबकि संस्थान से ये जानना चाहिए कि कितने छात्रों में से कितने सफल हुए.

बच्चों के आत्महत्या का कारण बनती है संस्थानों की पालिसी

संस्थानों में पहले धीमे गति से पढ़ाया जाता है बाद में सारे पैसे वसूल लेने के बाद कोर्स को पूरा करने के लिए गति बढ़ा दी जाती है. वहीं बच्चे जिन्हें अच्छे से समझ आता था वो उस दौरान उनके समझ से परे हो जाता है, बच्चे डिप्रेस हो जाते है और रिजल्ट खराब होने की स्थिति में बच्चे आत्महत्या कर लेते हैं

फीटजी, आकाश, रेसोनेंस सभी ने जारी किये गलत आंसर

जेईई और नीट की परीक्षा के बाद इन परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले सभी बड़े और छोटे संस्थान अपने अपने साईट पर आंसर जारी करते हैं. इसी क्रम में लगभग सभी संस्थानों ने कई सवालों के जवाब गलत जारी किए थे, पर किसी ने भी पूरा सोल्युशन नहीं बनाया. रांची के न्यूटन टयूटारियल, ब्रदर्स एकेडमी सहित कई संस्थानों ने तो आंसर जारी ही नहीं किया.

एक से दो लाख तक वसूली जाती है फीस

जेईई और नीट की तैयारी कराने के नाम पर अभिभावकों से एक से दो लाख तक की फीस ली जाती है. रांची के रेसोनेंस  क्लासेस, आकाश, फीटजी, गोल, ब्रर्दस एकेडमी, न्यूटन ट्यूटाेरियल सहित दर्जनों ऐसी संस्थाएं हैं जहां बच्चों को तैयारी करायी जाती है. बता दें कि अकेले रांची से 30 हजार से अधिक बच्चे जेईई और नीट की परीक्षा में शामिल होते हैं.

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