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चार साल बीते तो रघुवर दास ने सुनाया फिर वही फरमान – अधिकारी गांव में गुजारें दो–दो दिन   

2.6.2015 को तत्कालीन मुख्य सचिव राजीव गौवा ने निकाला था आदेश, नहीं गये आयुक्त, उपायुक्त, बीडीओ-सीओ

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Deepak

Ranchi :  मुख्यमंत्री रघुवर दास ने मंगलवार को जमशेदपुर में प्रेस कांफ्रेंस किया. पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार के सभी विभागों के सचिव, प्रमंडल के आयुक्त और जिला के डीसी-एसएसपी हर सप्ताह गांव का दौरा करेंगे. अधिकारी गांव में जाकर आम लोगों से मिलेंगे और उनकी समस्याओं को सुनेंगे. करीब चार साल पहले भी मुख्यमंत्री ने ऐसा ही आदेश दिया था. तब उन्होंने कहा था कि सभी मंत्री और अधिकारी हर माह एक दिन गांव में जायेंगे. गांव में ही रात गुजारेंगे और ग्रामीणों की समस्या का निदान करेंगे. तब के मुख्य सचिव ने इससे संबंधित आदेश भी जारी किये थे. मुख्यमंत्री खुद, सरकार के एक-दो मंत्री और कुछ अधिकारियों ने एक-दो माह यह काम भी किया. फिर सभी भूल गये. और अफसरों का गांवों में जाना रुक गया. चार साल तक न तो मुख्यमंत्री ने और ना ही किसी अधिकारी ने यह जानने की कोशिश की कि आदेश का पालन हुआ या नहीं. अब मुख्यमंत्री ने फिर से वहीं बात दुहरायी है.

कार्मिक, प्रशासनिक और राजभाषा सुधार विभाग ने नहीं की कार्रवाई

पूर्व मुख्य सचिव के आदेश के आलोक में कार्मिक-प्रशासनिक और राजभाषा सुधार विभाग की ओर से   कोई कार्रवाई नहीं की गयी. सरकार की तरफ से यह भी कहा गया था कि जनता दरबार लगाकर सरकारी योजनाओं की निगरानी की जाये. जनता की बातें सुनी जाये. इसके लिए मंत्रियों को भी जिलों का प्रभारी बनाया गया था. इतना ही नहीं मुख्यमंत्री ने यह भी कहा था कि जनता दरबार नहीं लगानेवाले अधिकारियों की चारित्रि पुस्तिका (सीआर) में कमेंट भी किया जायेगा. बड़े अधिकारियों को तो छोड़ दिया जाये, बीडीओ, सीओ भी गांवों तक नहीं पहुंचे. खाद्य सार्वजनिक वितरण और उपभोक्ता मामलों के मंत्री सरयू राय, श्रम मंत्री राज पालिवाल, कल्याण मंत्री डॉ लुईस मरांडी और कुछ अन्य मंत्रियों ने ही जनता दरबार लगाने में दिलचस्पी दिखलायी. बाद में यह भी बंद हो गया.

प्रखंड विकास पदाधिकारियों और अंचल अधिकारियों को यह भी कहा गया था कि वे प्रखंड मुख्यालय अथवा जिला छोड़ने से पहले संबंधित उपायुक्तों को सूचना अवश्य दें, नहीं तो कोई कार्रवाई नहीं होगी.

20.8.2016 में भी मुख्यमंत्री ने दिये थे कई आदेश

20.8.2016 को मुख्यमंत्री रघुवर दास ने गुमला में आयोजित सीधी बात में यह कहा था कि सारे उपायुक्त एक महीने के अंदर आधारकार्ड में लगे शिक्षकों के फोटो सारे स्कूलों में लगाये जायें. उन्होंने पुलिस अधिकारियों ने कहा था कि प्राथमिकी दर्ज कर लेने से समस्या का समाधान नहीं होता है. शीघ्र दोषियों को गिरफ्तार करने और सुपरवीजन के नाम पर तमाशा खड़ा न करें.

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