Crime NewsJharkhandRanchi

चार साल बाद भी रतन हत्याकांड का खुलासा नहीं, पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल

Ranchi: रांची पुलिस चार साल बाद भी बीजेपी नेता रतन गोप की हत्या की गुत्थी नहीं सुलझा पायी है. गौरतलब है कि 9 जुलाई 2014 को नामकुम थाना क्षेत्र के जोरार पेट्रोल पंप के पास रतन गोप की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. घटना को अंजाम तब दिया गया था, जब भाजपा नेता अपने बेटे लक्की गोप को स्कूल पहुंचाकर घर लौट रहे थे. जोरार पेट्रोल पंप के पास बाइक सवार दो अपराधियों ने रतन गोप को तीन गोली मारी थी.

खुलेआम घूम रहे है आरोपी

रतन गोप की हत्या को लेकर उनके पिता सोहराई शंकर गोप के बयान पर राजेश नायक, अनिल राम, बादल पासवान और शंकर लोहरा के खिलाफ नामकुम थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी. इस मामले में अबतक पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई है. आरोपी खुलेआम आराम से घूम रहे हैं. इस संबंध में मृतक के भाई देवानंद गोप ने मुख्यमंत्री जनसंवाद में भी शिकायत दर्ज कराई थी.

पैसे लेकर मामला दबाने का आरोप

मृतक रतन गोप के परिजनों ने रतन गोप के मर्डरकेस में पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि पैसे लेकर मामले को दबा गया है. मृतक के भाई ने कहा कि उस वक्त की तत्कालीन डीएसपी निशा मुर्मू ने आरोपियों से मिलकर मामले को दबा दिया.

जमीन को लेकर था विवाद

रतन के भाई ने बताया कि उनका पहले से राजेश नायक, अनिल राम, बादल पासवान तथा शंकर लोहरा से जमीन विवाद चल रहा था. रतन गोप की जोरार में डेढ़ एकड़ पारिवारिक जमीन है जिसपर छह महीने से विवाद था. इस जमीन को लेकर आरोपियों ने दावा किया था कि जमीन उनलोगों ने खरीदी थी, लेकिन रतन उस पर कब्जा नहीं दे रहे थे. मृतक के भाई ने रतन गोप की हत्या के पीछे उन लोगों का ही हाथ है. बताया जाता है कि राजेश नायक खिजरी प्रखंड आजसू का पूर्व अध्यक्ष रह चुका है.

Advt

Related Articles

Back to top button