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खूंटी पत्थलगड़ी के चार मुख्य आरोपी हत्या के वक्त पश्चिम सिंहभूम के गुदड़ी में थे मौजूद

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Khunti: पश्चिम सिंहभूम के गुदड़ी में पत्थलगड़ी समर्थकों और विरोधियों के बीच हुई हिंसक झड़प में सात लोगों की हत्या हुई है. इस घटना से गुदड़ी इलाके के लोग और प्रशासन जहां सकते में है, वहीं पत्थलगड़ी का नया स्वरुप ही सामने आ रहा है.

दरअसल, गुजरात से प्रशिक्षण प्राप्त कर आये ओसी भारत सरकार कुटंब परिवार के नेता खुद को भारत का मालिक होने का दावा करने लगे है. ये नेता खुद को कानून से ऊपर मानते हैं. इनका दावा है कि भारत सरकार एक संस्था है और उसे लीज पर देश मिला है. इसके (भारत सरकार) द्वारा बनाये गये कानून ओ/सी कुंवर केसरी समर्थकों पर लागू नहीं होते.

इसे भी पढ़ेंःचाईबासा: पत्थलगड़ी समर्थक और विरोधियों के बीच हिंसक झड़प में मारे गये 7 लोगों के शव बरामद

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रविवार को गुदड़ी थाना क्षेत्र के बुरुगुलीकेरा में ओ/सी कुंवर केसरी समर्थकों की बैठक आयोजित की गयी थी. जहां पत्थलगड़ी समर्थक और विरोधियों के बीच हुए हिंसक झड़प में गुलीकेरा ग्राम पंचायत के उपमुखिया समेत सात ग्रामीणों की हत्या की गई. सभी सात लोगों के शव को पुलिस ने बुरुगुलीकेरा गांव से बरामद कर लिया.

गुदड़ी प्रखंड में पत्थलगड़ी का नेतृत्व करने वाले बिनसय मुंडा, जोसेफ पूर्ति, लादे मुंडा और जूनस तिडू के भाई के भी होने की सूचना मिल रही है. (जूनस तिडू कोचांग दुष्कर्म मामले में जेल में बंद है). इनकी गतिविधियां खूंटी जिला के अड़की, मुरहू, पश्चिम सिंहभूम के गोयलकेरा, सोनुआ, बंदगांव, अंनदपुर, गुदड़ी प्रखंड के सुदूर इलाके में रही है. जहां ओ/सी कुंवर केसरी का अभियान चलाया जा रहा है.

सभी को घरों में कुंवर केसरी की तस्वीर लगाने का फरमान

फरमान के बाद घर में लगी कुवंर केसरी की तस्वीर

जो भी ओ/सी भारत सरकार के समर्थक हैं उन्हें अपने घरों में ओ/सी कुंवर केसरी की तस्वीर लगाने एवं दरवाजे पर प्रतीक चिन्ह लगाने का फरमान जारी किया जा चुका है. जो इस फरमान को नहीं मान रहे वो ग्रामीण भय के माहौल में जी रहे हैं.
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अब इलाके में क्या कर रहे ये ओ/सी भारत सरकार के सर्मथक

‘ओ/सी भारत सरकार कुटुंब परिवार’ संगठन स्थानीय लोगों को सरना में पूजा नहीं करने और गिरजा घर में जाना बंद करने को प्रेरित कर रहा. स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, पत्थलगड़ी समर्थक अब इलाके में नये रूप में सामने आये हैं. वे खुद को पत्थलगड़ी से अलग बताते हुए संगठन विस्तार कर रहे हैं.

ये संगठन ग्रामीणों से आधार कार्ड, राशन कार्ड, वोटर कार्ड जलाने को कह रहा है. अंचल कार्यालय से जाति प्रमाण पत्र, आवासीय प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र नहीं बनाने और वोट नहीं देने के लिए लोगों को उकसाने का काम भी विधानसभा चुनाव के दौरान किया गया था. कुल मिलाकर ये सरकारी नियम कानून को नहीं मनाने और पूजा-प्रार्थना करने से ग्रामीणों को रोक रहा है.

नौकरी भी नहीं करने को कर रहें प्रेरित

ये संगठन लोगों को सरकारी योजना का बहिष्कार करने, सफेद धोती और साड़ी पहने, सरना में पूजा-पाठ नहीं करने है, गिरजा नहीं जाने के लिए प्रेरित कर रहा है.

संगठन की ओर से धमकी दी जा रही है कि जो लोग उनकी बातों को नहीं मानेंगे उन्हें ‘भारत सरकार कुटुंब परिवार’ में शामिल नहीं किया जायेगा और उन्हें उनके गांव, जल, जंगल जमीन से बेदखल भी कर दिया जायेगा.

बच्चों को सरकारी और प्राइवेट स्कूलों से दूर रखने की बात भी वो करते हैं. साथ ही ओ/सी कुंवर केसरी की तस्वीर हर घर में रखने, उसकी पूजा करने और अभिवादन में ‘स्वकर्ता पितु की जय’ कहने के लिए लोगों को तैयार कर रहे हैं.

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