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BPCL विनिवेश के सरकार के फैसले को पूर्व केंद्रीय मंत्री मोइली ने बताया पीछे ले जाने वाला कदम 

Bengaluru: पूर्व केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री वीरप्पा मोइली ने सरकार के भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लि. (बीपीसीएल) के विनिवेश के फैसले पर दुख जताया. मोइली ने इसे पीछे की ओर ले जाने वाला कदम करार दिया है.

कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री मोइली ने गुरुवार को बयान में कहा कि मंत्रिमंडल का देश की एक महत्वपूर्ण नवरत्न कंपनी को बेचने का फैसला झटका देने वाला है. यह सरकार का पीछे की ओर हटाने वाला कदम है.

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फैसले को वापस लेने की मांग

मोइली ने केंद्र सरकार से अपनी इस फैसले को वापस लेने की मांग की है. उन्होंने याद दिलाया कि देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने ब्रिटेन की कंपनी का राष्ट्रीयकरण किया था जिससे देश को ऊर्जा क्षेत्र में मजबूत बनाया जा सके.

मोइली ने कहा कि सरकार को अपने इस फैसले को वापस लेना चाहिए. ‘‘इसकी कोई वजह नहीं है कि मुनाफा कमाने वाली और उत्कृष्ट पेशेवरों द्वारा प्रबंधित कंपनी को बेचा जाये.

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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एअर इंडिया-BPCL बेचने की कही थी बात

गौरतलब है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कुछ दिनों पहले कहा था कि सरकार मार्च 2020 तक देश की सरकारी एयरलाइन एअर इंडिया और तेल विपणन कंपनी भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड को बेचने की प्रक्रिया पूरी कर लेगी.

निर्मला सीतारमण का यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश आर्थिक मंदी का सामना कर रहा है. और उस पर लगभग 58 हजार करोड़ रुपये का कर्ज है. सरकार को इन दो कंपनियों को बेचने से सरकारी खजाने में इस वित्त वर्ष एक लाख करोड़ रुपये आने की उम्मीद है.

गौरतलब है कि भारत पेट्रोलियम का कुल बाजार लगभग 1.02 लाख करोड़ रुपये का है. केंद्र सरकार इसकी 53 प्रतिशत की बिक्री के साथ, सरकार किसी भी प्रवेश प्रीमियम सहित लगभग 65,000 करोड़ रुपये की निकासी की उम्मीद कर रही है.

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