JharkhandRanchi

पूर्व मंत्री सरयू राय ने डीजीपी को लिखा पत्र, कहा- माहेश्वरी हत्याकांड की हो उच्चस्तरीय जांच

Ranchi. राज्य के पूर्व खाद्य आपूर्ति मंत्री सरयू राय ने डीजीपी एमवी राव को पत्र लिखा है. सरयू राय ने डीजीपी से हजारीबाग में बीते 15 जुलाई, 2018 को हुए माहेश्वरी हत्याकांड की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है. सरयू राय ने डीजीपी को पत्र लिखकर इस मामले में पीड़ित परिवार के लोगों ने बीते 13 जनवरी और 16 अगस्त को आपको पत्र लिखकर निवेदन किया है कि इस जघन्य हत्याकांड में किसी गहन साजिश के तहत हुई है.

हत्याकांड के पीछे साजिश

उन्होंने कहा- एक ही परिवार के छह लोगों की हत्या एक साथ कर देना और इसे आत्महत्या का मामला बताना तथा पूर्ववर्ती सरकार द्वारा इस मामले को रफा-दफा कर देना कोई सामान्य बात नहीं है. मुझे विश्वास है कि झारखण्ड पुलिस के योग्य अधिकारी इस कांड का खुलासा करने में सक्षम है. फिर भी यदि आपको लगता है कि इस हत्याकांड के पीछे गहन साजिश को देखते हुए इसे सीबीआई को सौंपा जाय तभी ऐसा करना उचित होगा.

प्रभावशाली व्यक्ति इस हत्याकांड में शामिल है

सरयू राय ने डीजीपी को लिखे पत्र में कहा है कि हजारीबाग के बाडम बाजार, महावीर स्थान चौक के परिवार के 6 सदस्यों की निर्मम हत्या उनके अपार्टमेंट में कर दी गई. मृतकों में महाबीर प्रसाद माहेश्वरी, उनकी पत्नी किरण माहेश्वरी, बेटा नरेश माहेश्वरी, बहु प्रीति माहेश्वरी, दस वर्षीय पोता अमन माहेश्वरी, छह वर्षीय पोती अन्वी माहेश्वरी शामिल थे. पीड़ित परिवार के राजेश कुमार माहेश्वरी ने मुझे स्पीड पोस्ट से अपनी व्यथा को व्यक्त करते हुए आवेदन भेजा है. जिसमें इनके द्वारा अबतक किये गये प्रयासों का जिक्र है.

advt

इसे भी पढ़ें- बगोदर विधायक भी कोरोना संक्रमित, जिले में एक्टिव केसों की संख्या 220

उनकी आशंका है कि कोई न कोई मजबूत एवं प्रभावशाली व्यक्ति या व्यक्ति समूह इस हत्याकांड में शामिल है. जिसकी तरफ से अप्रत्यक्ष धमकी उन्हें मिलती रही है. जिस तरह मुम्बई में ‘सुशांत सिंह राजपूत हत्याकांड’ को लेकर पूरे देश में संवेदना है. उसी तरह करीब दो वर्ष पूर्व हुए इस सामूहिक नरसंहार के प्रति भी झारखण्ड सरकार की संवेदना जागनी चाहिए. सरयू राय ने डीजीपी से अनुरोध करते हुए कहा है कि इस मामले की जांच या तो एक एसआईटी गठित कर सीआईडी के नेतृत्व में कराने का आदेश दें या इस मामले को जांच के लिये सीबीआई के सुपुर्द कर दें.

क्या है पूरी घटना

शहर के सदर थाना क्षेत्र के सीबीएम अपार्टमेंट के तीसरे तल्ले के 302 फ्लैट नंबर में नरेश माहेश्वरी अपने पूरे परिवार के साथ रहता था. परिवार में उसकी मां, पिता, पत्नी और दो बच्चे थे. घटना के बारे में बताया जा रहा है कि नरेश ने बीते 15 जुलाई 2018 को अपने 70 साल के पिता महावीर माहेश्वरी, मां (65 वर्ष) किरण देवी, पत्नी नीता देवी को फांसी के फंदे पर लटका कर मार डाला. साथ ही उसने अपनी बेटी अन्वी की गला घोंटकर और बेटे का गला रेतकर हत्या कर दी. सभी को मारने के बाद नरेश खुद भी घर की छत से कूदकर अपनी जान दे दी थी.

मौत से पहले छोड़ा था सुसाइड नोट

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुंची. मौके पर पुलिस नरेश के घर से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ था. जिसमें घटना के बारे में बताया गया था. साथ ही घटना के कारणों का भी जिक्र किया गया था. सुसाइड नोट में लिखा था कि नरेश कर्ज में डूब गया था. साथ ही उसका कारोबार भी सही से नहीं चल रहा था कि वह लोगों का कर्ज चुका सके.

adv

इसे भी पढ़ें- पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का निधन, 84 साल की उम्र में ली अंतिम सांस

कर्ज से परेशान होकर उसने ऐसा कदम उठाया है. बरामद सुसाइड नोट में रमेश ने नीली स्याही से लिखा था- बीमारी, दुकान बंद, दुकानदारों का बकाया न देना, बदनामी, कर्ज से तनाव ( टेंशन ) जिसके बाद मौत. गौरतलब है कि 50 लाख के कर्ज में डूबा था नरेश माहेश्वरी का पूरा परिवार. नरेश का ड्राई फ्रूट्स का पुश्तैनी धंधा था. वहीं, दो महीने से दुकान भी बंद थी. जिसको लेकर नरेश अक्सर परेशान रहा करता था और आखिरकार उसने ऐसा कदम उठाया.

advt
Advertisement

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Related Articles

Back to top button