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पूर्व सैन्य कमांडरों ने प्रधानमंत्री मोदी से पूछा- घुसपैठ नहीं हुआ तो झगड़ा किस बात का? हमारे जवान मारते-मारते कहां शहीद हुए?

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News Wing Desk

भारत-चीन सीमा पर भारतीय सेना के 20 जवानों के शहीद होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 19 जून को सर्वदलीय बैठक बुलायी थी. बैठक के बाद प्रधानमंत्री ने बयान भी दिया. जिसमें उन्होंने कहाः “भारत की सीमा में किसी ने घुसपैठ नहीं किया. न ही किसी का कब्जा है. कोई हमारी एक ईंच जमीन की तरफ भी आंख उठा कर नहीं देख सकता है.”

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मोदी के बयान के कुछ ही देर बाद चीन ने भी बयान जारी किया. जिसमें चीन ने गलवान घाटी को अपना बताया है.

इसके बाद सेना के कई रिटायर अफसरों ने प्रधानमंत्री मोदी पर कई सवाल उठाये हैं. किसी ने कहा है कि नरेंद्र मोदी ने सरेंडर कर दिया है. तो किसी ने कहा कि नरेंद्र मोदी वही बात कह रहे हैं जो बात चीन सरकार कह रही है.

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मोदी का बयान आने के बाद कर्नल अजय शुक्ला ने एक-एक कर कई ट्वीट किये. कर्नल अजय शुक्ला ने सवाल उठायाः क्या हमने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को आज टेलीविज़न पर भारत-चीन की सीमा रेखा को नये सिरे से खींचते हुए नहीं देखा? पीएम मोदी ने कहा कि भारत की सीमा में किसी ने घुसपैठ नहीं की. क्या उन्होंने चीन को गलवान नदी की घाटी और पैंगोंग सो की फ़िंगर 4-8 तक की जगह सौंप दी है, जो दोनों LAC में हमारी ओर पड़ते हैं. और जहां अभी चीनी सेना बैठ गयी है?

उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा-

मोदी यदि आज कहते हैं कि भारत की सीमा में किसी ने भी घुसपैठ नहीं की है तो फिर झगड़ा किस बात का है?

क्यों सेना-सेना में संवाद हो रहा है?

क्यों कूटनीतिक बातें चल रही हैं?

सेनाओं के पीछे हटने के क्या मायने हैं?

क्यों 20 सैनिक मारे गये?

अजय शुक्ला के मुताबिक भारत के 20 सैनिकों ने भारत की सीमा में घुस आये घुसपैठियों को पीछे खदेड़ने के लिए अपने प्राण गंवाये हैं. लेकिन मोदी कहते हैं कि भारत की सीमा में कोई आया ही नहीं. तब उन सैनिकों ने कहां जान गंवाई? क्या मोदी चीन की बात को ही दोहरा रहे हैं कि उन्होंने चीन में घुसपैठ की थी?

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लेफ़्टिनेंट जेनरल प्रकाश मेनन ने अंग्रेजी दैनिक टेलिग्राफ से कहा है : मोदी ने समर्पण कर दिया है और कहा है कि कुछ हुआ ही नहीं है. भगवान बचाये! उन्होंने चीन की बात को ही दोहरा कर क्या राष्ट्रद्रोह नहीं किया है? इसमें क़ानूनी/ संवैधानिक स्थिति क्या है? कोई बताये!

प्रकाश मेनन ने कई ट्वीट करके भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बयानों पर सवाल उठाये हैं.

मेजर जेनरल सैन्डी थापर : तो, न कोई अतिक्रमण हुआ और न किसी भारतीय चौकी को गंवाया गया! हमारे लड़के चीन की सीमा में घुसे थे उन्हें ‘खदेड़ने’ के लिए? यही तो पीएलए कह रही है. हमारे बहादुर बीस जवानों के बलिदान पर, जिनमें 16 बिहार के हैं, महज 48 घंटों में पानी फेर दिया गया! शर्मनाक!

https://twitter.com/sandythapar/status/1274018633325264896?s=20

मेजर बीरेन्दर धनोआ : क्या हम यह पूछ सकते हैं कि ‘मारते-मारते कहां मरे?’

मेजर डी पी सिंह : प्रधानमंत्री को सुना. मेरे या किसी भी सैनिक के जज़्बे को कोई नुक़सान नहीं पहुंचा सकता है. मैंने सोचा था वे उसे और ऊंचा उठायेंगे. मैं ग़लत सोच रहा था.

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