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NIA के जाल में दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व प्रमुख जफरुल इस्लाम, आवास पर पड़ा छापा  

जफरुल इस्लाम ने 28 अप्रैल को सोशल मीडिया पर कहा था कि भारत में मुसलमानों को दबाया जा रहा है. अत्याचार के खिलाफ अरब और मुस्लिम देशों से शिकायत कर दी तो कट्टर लोगों को जलजले का सामना करना होगा

NewDelhi :  दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व प्रमुख जफरुल इस्लाम खान  के आवास पर केंद्रीय जांच एजेंसी (एनआईए)  द्वारा छापा मारे जाने की खबर आयी है. बता दें कि एनआईए ने कल श्रीनगर में छापा मारा था. इसी क्रम में आज दिल्ली में कार्रवाई की गयी है. जानकारी है कि दिल्ली की उन सभी लोकेशन पर सर्च ऑपरेशन जारी है, जिसका उनके NGO और ट्रस्ट से वास्ता है.

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यह भी बता दें कि असामाजिक कार्यों/देश विरोधी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए फंड जुटाने में जिनका भी नाम सामने आ रहा है, एनआईए हर जगह छापेमारी कर रही है.

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भारत में मुसलमानों को दबाया जा रहा है

कुछ माह पीछे जायें, तो जफरुल इस्लाम ने 28 अप्रैल को सोशल मीडिया पर कहा था कि भारत में मुसलमानों को दबाया जा रहा है. इतना ही नहीं, धमकी भरे लहजे में लिखा था कि अगर भारतीय मुसलमानों ने भारत में धर्म के नाम पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ अरब और मुस्लिम देशों से शिकायत कर दी तो कट्टर लोगों को जलजले का सामना करना होगा.

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जफरुल इस्लाम खान ने अपने बयान को लेकर माफी मांग ली थी

हालांकि जफरुल इस्लाम खान ने  अपने बयान को लेकर माफी मांग ली थी. सफाई दी थी   मेरा इरादा गलत नहीं था. 28 अप्रैल, 2020 को मेरे  ट्वीट में उत्तर-पूर्वी जिले की हिंसा के संदर्भ में कुवैत को भारतीय मुसलमानों के उत्पीड़न पर ध्यान देने के लिए धन्यवाद दिया गया, कुछ लोगों को इससे पीड़ा हुई, जो कभी भी मेरा उद्देश्य नहीं था.

जान लें कि दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने गुरुवार 30 अप्रैल को दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व अध्यक्ष जफरुल इस्लाम खान के खिलाफ देशद्रोह के तहत मामला दर्ज किया था. आरोप है कि जफरुल इस्लाम ने 28 अप्रैल को अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कथित तौर पर भड़काऊ बयान दिया था.

स्पेशल सेल के संयुक्त आयुक्त (जॉइंट कमिश्नर) नीरज ठाकुर ने जानकारी दी थी कि भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 124 ए (देशद्रोह) और 153 ए (धर्म, जाति, जन्म स्थान, भाषा आदि के आधार पर दो समूहों में वैमनस्यता को बढ़ावा देना और समानता व सौहार्द को नुकसान पहुंचाने की धारणा से काम करने ) के आरोप में जफरुल इस्लाम खान के खिलाफ प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज की गयी है.

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