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कोरोना संक्रमित मरीज आत्महत्या मामले में पद से हटाए गए पूर्व सीएस ने कार्रवाई पर उठाए सवाल, सीबीआई जांच की मांग

Garhwa : सदर अस्पताल के कोविड वार्ड में संक्रमित रोगी आत्महत्या मामले में पद से हटाए गए सीएस डा. दिनेश कुमार ने मामले की सीबीआई जांच की मांग की है. कहा कि घटना के तुरंत बाद उन्हें पद से हटा दिया जाना और दोषी कर्मियों पर अबतक कार्रवाई नहीं होना, कहां का न्याय है?  वार्ड में अगर मरीज की मौत हुई तो उसके लिए सीधे तौर पर उन्हें केवल क्यों दोषी मान लिया गया?  इस मामले में बड़े स्तर पर राजनीति हुई है और उसका शिकार केवल मैं हुआ हूं. मैं इस करवाई से संतुष्ट नहीं हूं, जो दोषी हैं वे सड़क पर खुलेआम घूम रहे हैं और निर्दोष को दोषी बना दिया गया. साथ ही स्वास्थ्य प्रतिनिधि पर भी कई आरोप लगाए.

 

विदित हो कि गत 19 अप्रैल को गढवा सदर अस्पताल के कोविड वार्ड में एक संक्रमित युवक का शव फंदे पर लटका मिला था. मामला सामने आने पर राज्य के पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने गढ़वा उपायुक्त को जांच के आदेश दिया था. जांच के दौरान डीसी ने मामले में सीएस को दोषी मानते हुए उन्हें पद से हटाने के लिए राज्य को प्रतिवेदन भेजा था. इसके आलोक में सीएस डा. दिनेश कुमार को हटा दिया गया.

 

सोमवार को बातचीत के दौरान डा. दिनेश कुमार ने कहा कि अगर इस कांड की जांच सीबीआई से होगी तो ही सच्चाई सामने आ सकेगी. जो दोषी हैं, उनके ऊपर करवाई होगी और सजा मिलेगी, ताकि फिर ऐसा घिनोनी काम करने से कई बार लोगों को सोचना पड़ेगा.  पूर्व सीएस ने कहा कि कोविड अस्पताल में जिनकी डयूटी लगी थी, इस कांड में उनकी सबसे बड़ी लापरवाही है. बड़े अधिकारी इसमें किसी प्रकार से दोषी नहीं है. निम्न अधिकारी गलती करते हैं तो सजा बड़े अधिकारी क्यों भोगे?

 

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वही विधायक प्रतिनिधि पर आरोप लगाते हुए कहा कि इस मामले में सबसे बड़ा हाथ इनका भी है. बिचैलिया की तरह काम करते हैं. पैसों के लेन देन करके पोस्टिंग करवाते हैं. ऐसी घिनोनी राजनीति वाले लोगों से अलग ही रहना चाहिए. अभी जो सिविल सर्जन बने हैं, उनसे भी पैसा लिया गया है और स्वास्थ्य मंत्री को इस मामले में किसी भी प्रकार की जानकारी नहीं है.

 

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इधर, गढ़वा के नए सिविल सर्जन डा. कमलेश कुमार ने कहा कि गढवा उपायुक्त का फैसला सही है या गलत, मैं नहीं जानता, लेकिन इस मामले को लेकर उनके द्वारा फिर से एक जांच टीम बनायी गयी है. जो दोषी होंगे, उनके उपर करवाई की जाएगी.

क्या है मामला?

गढ़वा सदर अस्पताल के कोविड-19 सेंटर में गत 19 अप्रैल को नीरज उपाध्याय (पिता सुरेंद्र उपाध्याय) का शव गमछे के फंदे से लटका मिला था. नीरज गत 14 अप्रैल से कोविड वार्ड में भर्ती था. 18 अप्रैल के रोस्टर के अनुसार सभी कर्मियों की पाली वाइज कोविड-19 अस्पताल में ड्यूटी थी. रोस्टर के अनुसार ड्यूटी करने वाले विजय कुमार राम (स्टाफ नर्स एनएचएम सदर अस्पताल), एएनएम विद्यावती देवी एएनएम, एएनएम मिथिलेश कुमारी, नर्स आउटसोर्सिंग तानिष वांडो, एएनएम रीता कुमारी, एमपीडब्ल्यू अशोक कुमार राम और संजय कुमार यादव शामिल हैं. इतना लोगों के रहते हुए वार्ड में घटना हुई थी और किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी.

 

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